मेरठ : कृषि कानूनों की वापसी किसानों के संघर्ष की जीत
By भाषा | Updated: November 19, 2021 23:06 IST2021-11-19T23:06:27+5:302021-11-19T23:06:27+5:30

मेरठ : कृषि कानूनों की वापसी किसानों के संघर्ष की जीत
मेरठ (उत्तर प्रदेश), 19 नवंबर केन्द्र सरकार द्वारा विवादित तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा किए जाने के बाद जहां मेरठ में जश्न का माहौल है, वहीं विपक्षी दलों ने इसे किसानों की संघर्ष की जीत बताया है।
राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय महासचिव एवं प्रदेश के पूर्व सिंचाई मंत्री डॉ. मैराजुउद्दीन अहमद ने कहा, ‘‘केन्द्र सरकार को आखिरकार किसानों के कड़े संघर्ष के आगे घुटने टेकने पड़े और तीनों काले कानूनों को वापस लेने का फैसला करना पड़ा।’’ उन्होंने कहा कि यह चौधरी अजित सिंह के लिए सच्ची श्रद्धाजंलि है और रालोद सहित देश के वो तमाम किसान जिन्होंने इस काले कानून को वापस कराने में एक साल कड़ा संघर्ष किया है, सभी बधाई के पात्र हैं।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व सचिव चौधरी यशपाल सिंह ने कहा कि यह जीत किसान व मजदूर भाइयों की ही नहीं बल्कि भारतीय लोकतंत्र, हमारे संविधान और सत्य की जीत है।
सिवाया टोल प्लाजा पर धरने पर बैठे भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष मनोज त्यागी ने कहा कि प्रधानमंत्री की घोषणा का स्वागत है लेकिन कृषि कानून संसद द्वारा पास किए गए थे और जब तक संसद द्वारा इन्हें समाप्त नहीं किया जाता, आंदोलन में शहीद हुए किसानों को सम्मान नहीं मिलता, तब तक घर वापसी नहीं होगी।
उन्होंने कहा कि किसान पूरी तरह संतुष्ट होने के बाद ही घर जाएगा।
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