नालंदाः बिहार में नालंदा जिले के मघड़ा गांव स्थित माता शीतला मंदिर में मंगलवार सुबह भारी भीड़ के बीच अचानक भगदड़ मचने से 8 महिलाओं की मौत हो गई, जबकि जबकि दर्जनों लोग जख्मी होकर अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। वहीं, इस घटना को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दुख जताते हुए मृतकों के लिए मुआवजे का भी ऐलान किया है। यह घटना राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के आगमन से ठीक पहले हुई। बताया जा रहा है कि सारा पुलिस महकमा राष्ट्रपति मुर्मू की सुरक्षा इंतजामों में लगा था, इस वजह से मेले में पुलिस फोर्स की काफी कमी थी। इसी वजह से इतना बड़ा हादसा हो गया।
दरअसल, चैत्र महीने के अंतिम मंगलवार और शीतला अष्टमी के अवसर पर मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। इसी दौरान माता शीतला मंदिर में भारी भीड़ के बीच अचानक भगदड़ मच गई। इस हादसे में अब तक 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए बिहार शरीफ के अस्पताल और पावापुरी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
सूत्रों के अनुसार, बिहार सरकार ने पूरे मामले की जांच के लिए मुख्य सचिव को निर्देश दिया है। साथ ही हादसे में घायल लोगों के बेहतर इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने के आदेश भी जारी किए गए हैं। स्थिति को जल्द सामान्य करने के लिए प्रशासन को सक्रिय रहने को कहा गया है। घटना की निगरानी के लिए पटना से कमिश्नर को बिहारशरीफ भेजा गया है, जो मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लेंगे।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक अचानक धक्का-मुक्की शुरू हुई और लोग गिरने लगे। कुछ लोग बेहोश हो गए, जबकि दर्जनों लोग भीड़ में दब गए। हालात इतने खराब हो गए कि लोगों को अपने परिजनों को ढूंढने में भी परेशानी हुई। घटना के बाद प्रशासन ने मंदिर को बंद करा दिया और मौके पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। अधिकारी हालात को नियंत्रित करने में जुटे हैं।
प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मंदिर और आसपास लगने वाले मेले को बंद करा दिया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हादसे पर शोक व्यक्त करते हुए जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही मृतकों के परिजनों के लिए 6 लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की गई है, जिसमें 2 लाख मुख्यमंत्री राहत कोष और 4 लाख आपदा प्रबंधन विभाग से दिए जाएंगे।
बताया जाता है कि यह मंदिर बिहारशरीफ से लगभग 5 किलोमीटर दूर स्थित है और शीतला अष्टमी के दिन यहां विशेष पूजा होती है। इस परंपरा के तहत भक्त एक दिन पहले बना ठंडा भोजन माता को अर्पित करते हैं, जिसके कारण हर साल इस अवसर पर यहां भारी भीड़ उमड़ती है। इसबीच श्रद्धालुओं ने बताया कि पुलिस बल की संख्या कम होने के कारण हुई है।