लाइव न्यूज़ :

महाराष्ट्र सबसे आगे, साल 2018 में कुल 5763 किसानों ने आत्महत्या की, 2239 मामले Maharashtra के

By भाषा | Updated: February 7, 2020 19:41 IST

कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री पुरुषोत्तम रुपाला ने राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान एक पूरक प्रश्न के जवाब में बताया कि 2018 में किसानों की आत्महत्या के सर्वाधिक मामले महाराष्ट्र में सामने आये।

Open in App
ठळक मुद्देमहाराष्ट्र और केन्द्र सरकार की कारगर योजनाएं लागू हैं और किसानों की आत्महत्या रोकने के लिये राज्य में व्यवस्थित निगरानी तंत्र भी है।कृषि मंत्रालय के पास आठ करोड़ किसानों का डाटा संरक्षित है।

सरकार ने शुक्रवार को बताया कि साल 2018 में देश में कुल 5763 किसानों ने आत्महत्या की, जिनमें से 2239 मामले महाराष्ट्र के हैं। महाराष्ट्र में स्थिति की गंभीरता को देखते हुये सरकार ने इस समस्या के समाधान के लिये सभी संबद्ध पक्षकारों के साथ विचार विमर्श तेज कर दिया है।

कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री पुरुषोत्तम रुपाला ने राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान एक पूरक प्रश्न के जवाब में बताया कि 2018 में किसानों की आत्महत्या के सर्वाधिक मामले महाराष्ट्र में सामने आये। रुपाला ने कहा कि केन्द्र और महाराष्ट्र सरकार द्वारा इस समस्या से निपटने के लिये तमाम कारगर कदम उठाये जाने के बावजूद आत्महत्याओं में कमी नहीं आना चिंता की बात है।

उन्होंने कहा कि किसान कल्याण से जुड़ी महाराष्ट्र और केन्द्र सरकार की कारगर योजनाएं लागू हैं और किसानों की आत्महत्या रोकने के लिये राज्य में व्यवस्थित निगरानी तंत्र भी है। रुपाला ने कहा, ‘‘केन्द्र और राज्य सरकार के तमाम प्रयासों के बाद भी किसानों की सर्वाधिक आत्महत्या महाराष्ट्र में होना चिंता की बात है।

हम समीक्षा कर रहे हैं कि यह स्थिति क्यों है। हम किसानों सहित अन्य पक्षकारों से विचार विमर्श कर समस्या का कारगर समाधान करेंगे।’’ सवाल के लिखित जवाब में मंत्रालय ने राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो के आंकड़ों के हवाले से बताया कि 2018 में देश में दर्ज, 5763 किसानों की आत्महत्या के मामलों में महाराष्ट्र के अलावा कर्नाटक में 1365, तेलंगाना में 900, आंध्र प्रदेश में 365, मध्य प्रदेश में 303 और पंजाब में 229 किसानों ने आत्महत्या की।

रुपाला ने किसान कल्याण के लिये सरकार द्वारा किए गए कारगर उपायों की जानकारी देते हुये बताया कि किसान सम्मान निधि योजना के तहत 6.11 करोड़ किसानों को 12 हजार करोड़ रुपये की राशि सीधे उनके बैंक खातों में स्थानांतरित की गयी।

उन्होंने बताया कि कृषि मंत्रालय के पास आठ करोड़ किसानों का डाटा संरक्षित है। आंकड़ों की मदद से किसानों को सीधे सहायता राशि मुहैया करायी जाती है। इसमें प्रधानमंत्री कृषि बीमा योजना के तहत 58,592 करोड़ रुपये की राशि फसल के नुकसान की भरपाई के रूप में किसानों को दी गयी।

टॅग्स :संसदसंसद बजट सत्रउद्धव ठाकरे सरकारमुंबईशिव सेनाभारतीय जनता पार्टी (बीजेपी)कर्नाटकतेलंगानामध्य प्रदेशपंजाबआंध्र प्रदेश निर्माण दिवसकिसान आत्महत्या
Open in App

संबंधित खबरें

कारोबारपुणे के विशाल भुजबल हैदराबाद में राष्ट्रीय सम्मेलन में सम्मानित

भारत'एकनाथ शिंदे और बलात्कार के आरोपी अशोक खरात के बीच 17 बार फोन पर बातचीत हुई', अंजलि दमानिया का आरोप

भारतघायल हूं इसलिए घातक हूं?, राघव ने एक्स पर किया पोस्ट, मैं बोलना नहीं चाहता था, मगर चुप रहता तो बार-बार दोहराया गया झूठ भी सच लगने लगता, वीडियो

ज़रा हटकेबनारस में सीएम यादव श्री राम भंडार में रुके और कचौड़ी, पूरी राम भाजी और जलेबी का स्वाद लिया?, वीडियो

क्राइम अलर्टबेटे की चाहत, 2 बेटी उमेरा-आयशा और 26 वर्षीय पत्नी फरहत को स्विमिंग पूल में गिराकर मार डाला?, फरहत तीसरी बार गर्भवती और पेट में बेटी पल रही थीं?

भारत अधिक खबरें

भारत'Three Allegations, Zero Truth': आम आदमी पार्टी द्वारा राज्यसभा की भूमिका से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा का जवाब

भारतMadhya Pradesh: अनूपपुर ज़िले में चार-मंज़िला होटल गिरने से मलबे में कई लोगों के फँसे होने की आशंका, एक की मौत

भारततमिलनाडु चुनावों के लिए BJP का टिकट न मिलने के बाद अन्नामलाई ने दिया अपना स्पष्टीकरण

भारतलखनऊ सहित यूपी के 17 शहरों में कूड़े का अंबार?, मतदान करने असम गए हजारों सफाईकर्मी, 12 अप्रैल को लौंटेगे?

भारतबारामती विधानसभा सीटः सुनेत्रा पवार के खिलाफ प्रत्याशी ना उतारें?, सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा- निर्विरोध जिताएं, सभी दलों से की अपील