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पालघर मॉब लिंचिंग के 101 आरोपियों की महाराष्ट्र सरकार ने जारी की लिस्ट, मंत्री अनिल देखमुख बोले- एक भी मुस्लिम का नाम नहीं

By पल्लवी कुमारी | Updated: April 22, 2020 12:14 IST

Palghar mob lynching Case: 16 अप्रैल की रात तीन व्यक्ति (दो साधु और एक ड्राइवर) मुंबई के कांदीवली से कार में सवार होकर गुजरात के सूरत जा रहे थे। इसी दौरान, पालघर जिले में भीड़ ने इन्हें चोर समझकर उनके वाहन को रोक लिया और उनकी पीट-पीट कर हत्या कर दी।

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ठळक मुद्देगृह मंत्री अनिल देशमुख ने कहा था कि सीआईडी में एक विशेष आईजी स्तर के अधिकारी इस मामले की जांच कर रहे हैं। महाराष्ट्र के मंत्री अनिल देखमुख ने कहा- कुछ लोग ‘मुंगेरीलाल के हसीन सपने’ देख रहे हैं। यह राजनीति करने का वक्त नहीं है।''

मुंबई: पालघरमॉब लिंचिंग मामले पर महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने गिरफ्तार किए गए सभी 101 आरोपियों के नाम की लिस्ट जारी की है। राज्य के मंत्री अनिल देशमुख ने नामों की लिस्ट अपने अधिकारिक ट्विटर हैंडल पर जारी की है। आरोपियों की लिस्ट जारी कर अनिल देशमुख ने लिखा, ये पालघर घटना में गिरफ्तार हुए 101 आरोपियों की लिस्ट है। ये खास कर उनके लिए साझा कर रहा है हूं जो इस मुद्दे को सांप्रदायिक मुद्दा बना रहे थे। पालघर में 16 अप्रैल की रात तीन व्यक्ति (दो साधु और एक ड्राइवर) की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। 

पालघर घटना में गिरफ्तार आरोपियों में से कोई भी मुस्लिम नहीं : गृहमंत्री अनिल देशमुख

महाराष्ट्र के मंत्री अनिल देखमुख ने बुधवार को कहा कि पालघर में भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या करने के मामले के संबंध में गिरफ्तार किए गए 101 लोगों में से कोई भी मुस्लिम नहीं है और उन्होंने विपक्ष पर इस घटना को साम्प्रदायिक रंग देने का आरोप लगाया। देशमुख ने फेसबुक के जरिए दिए संबोधन में कहा, ‘‘इस घटना के संबंध में गिरफ्तार किया गया कोई भी आरोपी मुस्लिम नहीं है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस घटना के बाद साम्प्रदायिक राजनीति की जा रही है।’’ किसी का नाम लिए बगैर उन्होंने कहा, ‘‘कुछ लोग ‘मुंगेरीलाल के हसीन सपने’ देख रहे हैं। यह राजनीति करने का नहीं बल्कि एक साथ मिलकर कोरोना वायरस से लड़ने का समय है।’’

जानें पालघर मॉब लिंचिंग घटना के बारे में 

पालघर मॉब लिंचिंग की घटना 16 अप्रैल की रात की है, जब दो साधू तथा उनका चालक किसी परिचित के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए कार से मुंबई से गुजरात के सूरत जा रहे थे। उनके वाहन को पालघर जिले के एक गांव के पास रोक लिया गया, जहां भीड़ ने बच्चा चोरी करने के संदेह में तीनों को कार से बाहर निकाला और उनकी लाठियों से पीट-पीटकर हत्या कर दी। मृतकों की पहचान चिकने महाराज कल्पवृक्षगिरी (70), सुशीलगिरी महाराज (35) और चालक निलेश तेलगड़े (30) के रूप में की गई। महाराष्ट्र सरकार ने घटना की उच्च-स्तरीय जांच के आदेश दिए और ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में सोमवार को पालघर के दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया।  

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