मुंबईः बंबई उच्च न्यायालय ने मंगलवार को होने वाले महाराष्ट्र क्रिकेट संघ की शीर्ष परिषद के चुनाव पर रोक लगा दी है और निवर्तमान अध्यक्ष और एनसीपी विधायक रोहित पवार के रिश्तेदारों समेत 400 नये सदस्यों को जोड़ने पर सवाल उठाये हैं। मुख्य न्यायाधीश श्री चंद्रशेखर और न्यायाधीश गौतम अनखड़ की पीठ ने कहा कि जिस तरीके से नये सदस्यों को जोड़ा गया है।
उससे प्रथम दृष्टया लगता है कि सब कुछ आनन फानन में किया गया । पीठ ने यह फैसला उस याचिका पर सुनाया जिसमें दावा किया गया था कि चुनाव के लिये उच्चतम न्यायालय द्वारा दिये गए दिशा निर्देशों का उल्लंघन हो रहा है और 20 दिसंबर 2025 को जारी मतदाता सूची में सदस्यों को जोड़ने में काफी पक्षपात किया गया है।
नये सदस्यों में रोहित पवार की पत्नी कुंती और ससुर सतीश मागर और एनसीपी (एसपी) सांसद सुप्रिया सुले की बेटी रेवती भी है । याचिकाकर्ताओं में पूर्व क्रिकेटर केदार जाधव भी हैं जिन्होंने आरोप लगाया कि अधिकांश नये सदस्यों का क्रिकेट से कोई सरोकार नहीं है और उन्हें सिर्फ इसलिये जोड़ा गया ताकि कुछ लोग अपने निजी संगठन की तरह एमसीए को चला सकें । मामले की अगली सुनवाई चार फरवरी को होगी।