लाइव न्यूज़ :

Kashmir News: रिहा होते ही महबूबा ने मिलाया विरोधियों से हाथ, आज 370 पर बनेगी रणनीति

By गुणातीत ओझा | Updated: October 15, 2020 12:50 IST

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती 14 महीनों की हिरासत से बाहर आने के बाद एक बार फिर राजनीति में सक्रिय हो गईं हैं।

Open in App
ठळक मुद्देरिहा होने के बाद महबूबा ने दिया संदेश, बोलीं- अनुच्छेद-370 की बहाली के लिए संघर्ष करेंगे।आज गुरुवार को फारूक अब्दुल्ला के साथ होगी महबूबा मुफ्ती की बैठक।

जम्मू। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती 14 महीनों की हिरासत से बाहर आने के बाद एक बार फिर राजनीति में सक्रिय हो गईं हैं। महबूबा मुफ्ती की मंगलवार रात रिहाई के बाद उनके आवास पर कार्यकर्ताओं के तांता से नयी उम्मीदें दिखने लगी हैं। महबूबा को 14 महीनों के बाद रिहा किया गया है। बुधवार को महबूबा के आधिकारिक निवास फेयरव्यू बंगला पर कार्यकर्ताओं का तांता लगा रहा। अपनी नेता से मिलने की उम्मीद में आए कार्यकर्ताओं में वृद्ध भी शामिल थे। महबूबा के प्रशंसक उन्हें ‘‘आयरन लेडी ऑफ कश्मीर’’ कह रहे हैं। इतना ही नहीं राज्य में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए विरोधियों से हाथ भी मिला लिया है। नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने जम्मू कश्मीर के विशेष दर्जे के संबंध में ‘गुपकार घोषणा’ पर भविष्य की कार्रवाई का खाका तैयार करने के लिए बृहस्पतिवार को अपने आवास पर बैठक बुलाई है। जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती भी इस बैठक में भाग लेंगी।

मैं संघर्ष के लिए तैयार हूंः महबूबा

पार्टी अध्यक्ष ने मिलने वाले कार्यकर्ताओं को यह संदेश दिया कि वह संघर्ष करने के लिए तैयार हैं। पीडीपी पूर्ववर्ती राज्य जम्मू कश्मीर राज्य की पहली और आखिरी महिला मुख्यमंत्री महबूबा की छवि को बेहतर बनाने के लिए सोशल मीडिया का उपयोग कर रही है और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ उनकी मुलाकातों के वीडियो और तस्वीरें पोस्ट की जा रही हैं। अपनी नेता से मिलने आए कार्यकर्ताओं में दक्षिण कश्मीर के नूर मोहम्मद भी शामिल थे जो बुढ़ापे के कारण मुश्किल से खड़े हो पा रहे थे। उन्होंने कहा, ‘‘मैं सुबह छह बजे घर से निकला ताकि अपनी बहन और नेता महबूबा जी से मिलने के बाद ही लौटूं। उनके पिता (दिवंगत मुफ्ती मोहम्मद सईद) धन्य थे, वह भी ऐसी ही हैं।"

370 की बहाली के लिए जारी रहेगी लड़ाईः महबूबा

महबूबा के घर के बाहर का दृश्य पिछले साल के ठीक विपरीत था जब एक के बाद एक नेता पीडीपी को छोड़ रहे थे। उन नेताओं ने बाद में अल्ताफ बुखारी के साथ हाथ मिलाया जो पूर्व मंत्री और पीडीपी अध्यक्ष के करीबी सहयोगी थे। बुखारी ने बाद में अपनी अलग पार्टी बना ली। अनंतनाग जिले के पार्टी कार्यकर्ता बशीर अहमद ने पीडीपी अध्यक्ष से मुलाकात के बाद कहा, "महबूबा जी को सबसे लंबे समय तक हिरासत में रखा गया था। इससे पता चलता है कि केंद्र की भाजपा सरकार आम लोगों के बीच उनकी लोकप्रियता से कितनी भयभीत है।" पार्टी के कई नेताओं ने उनके समर्थन में ट्वीट किया। इस बीच महबूबा मुफ्ती ने अनुच्छेद 370 की बहाली के लिए अपने संघर्ष को जारी रखने का संकल्प लिया। महबूबा ने कहा कि पिछले साल पांच अगस्त का केंद्र का फैसला ‘‘दिनदहाड़े लूट’’ थी।

महबूबा मुफ्ती-फारूक अब्दुल्ला ने मिलाया हाथ

नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने जम्मू कश्मीर के विशेष दर्जे के संबंध में ‘गुपकार घोषणा’ पर भविष्य की कार्रवाई का खाका तैयार करने के लिए बृहस्पतिवार को अपने आवास पर बैठक बुलाई है। जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती भी बैठक में भाग लेंगी। मुफ्ती को 14 महीने की हिरासत के बाद मंगलवार को छोड़ा गया। नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मेरे पिता और मैंने महबूबा मुफ्ती साहिबा से मिलकर रिहाई के बाद उनका हालचाल पूछा।’’ उन्होंने कहा कि पीडीपी नेता ने ‘गुपकार घोषणा’ पर हस्ताक्षर करने वालों की बृहस्पतिवार को होने वाली बैठक में शामिल होने का न्योता स्वीकार कर लिया है। उमर ने कहा, ‘‘उन्होंने कल दोपहर बाद गुपकार घोषणा पर हस्ताक्षर करने वालों की बैठक में शामिल होने के फारुक साहिब के निमंत्रण को विनम्रता से स्वीकार कर लिया है।’’ गुपकार घोषणा नेशनल कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष के गुपकार स्थित आवास पर चार अगस्त, 2019 को हुई एक सर्वदलीय बैठक के बाद जारी प्रस्ताव है। इसमें कहा गया था कि पार्टियों ने सर्व-सम्मति से फैसला किया है कि जम्मू कश्मीर की पहचान, स्वायत्तता और उसके विशेष दर्जे को संरक्षित करने के लिए वे मिलकर प्रयास करेंगी।

टॅग्स :धारा ३७०महबूबा मुफ़्तीफारूक अब्दुल्लाजम्मू कश्मीर
Open in App

संबंधित खबरें

कारोबारदर्द कोई समझे, रील्स से बर्बादी तक?, कैसे पर्यटक और कंटेंट क्रिएटर्स पंपोर सरसों खेतों को पहुंचा रहे हैं नुकसान?

कारोबारईरान में फिर से फंसे सैकड़ों कश्मीरी छात्र?, 7 दिन के लिए बंद अजरबैजान सीमा

भारतगंदरबल एनकाउंटर: 7 दिन में रिपोर्ट पेश करो?, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने एक्स पर लिखा

भारतअमरनाथ यात्रा पर पहलगाम नरसंहार की परछाई?, सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता, 29 जून को पूजा और 17 जुलाई से शुरू?

भारतJammu-Kashmir: पाक की ओर से जम्मू सीमा पर गोलीबारी, भारतीय रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट पर हमले की कोशिश नाकाम

भारत अधिक खबरें

भारतगोदामों से सीधे एलपीजी सिलेंडर की बिक्री पर सख्त प्रतिबंध, सीएम रेखा गुप्ता ने कहा-भंडारण केंद्रों पर न जाएं और न ही भीड़ में इकट्ठा हों

भारतउच्च शिक्षा और अनुसंधान की चुनौतियां

भारतआदिवासी खेल: नई प्रतिभाओं की तलाश में एक सार्थक पहल

भारतबारामती विधानसभा उपचुनावः सीएम फडणवीस की बात नहीं मानी?, कांग्रेस ने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के खिलाफ आकाश मोरे को चुनाव मैदान में उतारा

भारतUP की महिला ने रचा इतिहास! 14 दिनों में साइकिल से एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं