नई दिल्लीः कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने संवाददाता सम्मेलन कर निर्वाचन आयोग और भाजपा सरकार पर हमला किया। कुछ लोग लाखों मतदाताओं के नाम हटाने के इरादे से उन पर सुनियोजित तरीके से निशाना साध रहे हैं, दलितों और अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया जा रहा है। मतदाताओं को हटाने का काम किसी व्यक्ति के माध्यम से नहीं बल्कि सॉफ्टवेयर का उपयोग करके केंद्रीकृत तरीके से किया गया। कर्नाटक के आलंद में कांग्रेस के मतदाताओं को निशाना बनाने के लिए फर्जी लोगों द्वारा 6,018 नाम हटाने के आवेदन दायर किए गए।
कर्नाटक, महाराष्ट्र, हरियाणा, उत्तर प्रदेश में ‘बड़े पैमाने’ पर मतदाताओं के नाम हटाए गए; मुख्य निर्वाचन आयुक्त को भारतीय लोकतंत्र की ‘हत्या’ करने वाले लोगों को बचाना बंद करना चाहिए। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के गढ़ में योजनाबद्ध तरीके से मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। मतदाताओं के नाम हटाने का ब्यौरा न देकर निर्वाचन आयोग लोकतंत्र के ‘हत्यारों’ को बचा रहा है।
कर्नाटक सीआईडी ने निर्वाचन आयोग से हटाए गए नामों की जानकारी मांगते हुए जांच शुरू कर दी है, लेकिन आयोग जानकारी नहीं दे रहा है। यह मतदाताओं के नाम हटाकर ‘वोट चोरी’ करने का एक और उदाहरण है, मुख्य निर्वाचन आयुक्त एक सप्ताह के भीतर ‘मतदाताओं के नाम हटाने’ का विवरण उपलब्ध कराएं। यह अब भी हाइड्रोजन बम नहीं है, अभी आने वाला है।