बेंगलुरुः कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार नेतृत्व के संबंध में कांग्रेस के निर्णय का धैर्यपूर्वक इंतजार कर रहे हैं। शिवकुमार के भाई और पूर्व सांसद डीके सुरेश ने मंगलवार को यह बात कही। सुरेश ने पत्रकारों से बात करते हुए शिवकुमार को पार्टी का “अनुशासित सैनिक” बताया, और कहा कि वह पार्टी और उसके विधायकों, दोनों के हित में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने भरोसा दिलाया है कि उचित समय पर उचित निर्णय लिया जाएगा। सुरेश ने कहा, “पार्टी पहले ही उन्हें धैर्य रखने के लिए कह चुकी है।
मैसूरु की बैठक में राहुल गांधी ने भी कहा कि उचित समय पर निर्णय लिया जाएगा। शिवकुमार शुरू से ही पार्टी के अनुशासित सैनिक रहे हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी और विधायकों के हित में, और सभी 140 विधायकों को एकजुट रखने के उद्देश्य से शिवकुमार पार्टी के निर्णय का धैर्यपूर्वक इंतजार कर रहे हैं। सुरेश ने कहा, “किसी को भी सत्ता आसानी से नहीं मिलती। अगर यह मेरे भाई की किस्मत में लिखा है, तो वह मुख्यमंत्री बनेंगे। यह पद पाना आसान नहीं है और इसे धैर्य के बिना प्राप्त नहीं किया जा सकता।”
कर्नाटक में 20 नवंबर को कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के ढाई वर्ष पूरे होने पर ‘नेतृत्व संघर्ष’ तेज हो गया था। इन अटकलों को 2023 में सरकार गठन के दौरान मुख्यमंत्री सिद्दरमैया और शिवकुमार के बीच सत्ता साझा करने को लेकर हुए कथित समझौते से जोड़ा जा रहा है।
सिद्धरमैया और मैंने चर्चा की है, हर चीज का समय होता है: नेतृत्व विवाद के बीच शिवकुमार
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने सोमवार को कहा कि उन्होंने राज्य में जारी नेतृत्व विवाद को लेकर मुख्यमंत्री सिद्धरमैया से पार्टी आलाकमान की मौजूदगी में चर्चा की है और वे एक निष्कर्ष पर पहुंच गए हैं, लेकिन हर चीज का एक समय होता है। शिवकुमार ने कहा कि वक्त हर सवाल का जवाब देगा।
उपमुख्यमंत्री ने दावा किया कि उन्हें मुख्यमंत्री सिद्धरमैया सहित 140 विधायकों का समर्थन हासिल है। शिवकुमार ने दिल्ली से बेंगलुरु लौटने के बाद यह टिप्पणी की। वह राष्ट्रीय राजधानी में पिछले कुछ दिनों से डेरा डाले हुए थे। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, “मैं राजनीतिक और सरकारी कामकाज के सिलसिले में (दिल्ली) जाता हूं।
अखबारों और टीवी पर खबरें आ रही हैं कि मुझे राहुल गांधी और अन्य नेताओं से मिलने का समय नहीं मिला। क्या मैं आपको दिखाता रहूं कि मैं किन-किन लोगों से मिला?” शिवकुमार ने कहा, “एक दिन आप (मीडिया) तस्वीरें दिखाते हैं कि मैं (राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे के साथ) बैठकर बातचीत कर रहा हूं, फिर खबरें आती हैं कि मैं किसी से मिल ही नहीं पाया।”
उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी की अपनी यात्रा और कांग्रेस आलाकमान से हुई मुलाकात के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में यह टिप्पणी की। शिवकुमार ने संवाददाताओं से कहा, “मैं इन चीजों पर टिप्पणी नहीं करना चाहता, इसलिए चुप हूं। लेकिन एक बात तय है कि वक्त सबकुछ स्पष्ट कर देगा। इसके अलावा मैं किसी और चीज पर चर्चा नहीं करूंगा।”
अपने भाई और पूर्व कांग्रेस सांसद डीके सुरेश की इस टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर कि पार्टी आलाकमान जल्द अच्छी खबर देगा, शिवकुमार ने कहा, “मेरे भाई कह रहे हैं, पार्टी कार्यकर्ता कह रहे हैं और आप (मीडिया) भी यही कह रहे हैं।” यह पूछे जाने पर कि समर्थकों को उनसे “बड़ी” उम्मीदें हैं, उपमुख्यमंत्री ने कहा, “मुख्यमंत्री सहित 140 लोग (कांग्रेस विधायक और समर्थन देने वाले विधायक) मेरे समर्थन में हैं।”
उन्होंने कहा, “क्या आपको पता है कि मुख्यमंत्री और मैंने क्या चर्चा की है? हम जानते हैं कि हमने राहुल गांधी और आलाकमान के सामने क्या चर्चा की है और हमने मिलकर क्या निर्णय लिया है। क्या मैं इसे मीडिया के सामने सार्वजनिक रूप से बता सकता हूँ? मैं नहीं बताऊंगा, हर चीज का एक समय होता है। समय ही सबकुछ बता देगा।”
अप्रैल में ‘‘अच्छी खबर’’ आने की अटकलों के बारे में पूछे जाने पर शिवकुमार ने कहा, “देखते हैं, अभी इस पर चर्चा क्यों करें।” कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के पिछले साल 20 नवंबर को पांच वर्ष के कार्यकाल का आधा पड़ाव पूरा करने के बाद नेतृत्व में संभावित बदलाव की अटकलें तेज हो गई हैं।
2023 में कांग्रेस सरकार के गठन के समय सिद्धरमैया और डीके शिवकुमार के बीच “सत्ता-साझाकरण” समझौते की खबरों के चलते नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों को हवा मिली है। बाद में शाम को, पत्रकारों के साथ फिर से रूबरू हुए शिवकुमार ने कहा कि नेतृत्व के मुद्दे पर मीडिया को अटकलें लगाने की कोई जरूरत नहीं है और कांग्रेस पार्टी एकजुट है।
उन्होंने कहा कि आलाकमान उचित समय पर फैसला लेगा तथा वह और मुख्यमंत्री सिद्धरमैया, दोनों आलाकमान के फैसले का पालन करेंगे। उपमुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मैंने और मुख्यमंत्री ने कई बार एक-दूसरे के आवास पर नाश्ता करने के बाद, मैसूरु में, हवाई अड्डे पर राहुल जी (राहुल गांधी) से मुलाकात के बाद और दिल्ली में - हर बार मीडिया को यही बताया है कि हम आलाकमान के फैसले का पालन करेंगे।
इसलिए मीडिया को अलग तरीके से बात करने की कोई जरूरत नहीं है।’’ यह पूछे जाने पर कि क्या आलाकमान नेतृत्व के मुद्दे पर चर्चा करने के लिए मुख्यमंत्री और उन्हें, दोनों को दिल्ली बुलाएगा, उपमुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘देखते हैं, पहले विधानसभा सत्र (22 से 31 जनवरी तक) संपन्न हो जाए।’’