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कारगिल विजय दिवसः खराब मौसम के कारण द्रास नहीं पहुंच पाए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, श्रीनगर में दी शहीदों को श्रद्धांजलि 

By सुरेश डुग्गर | Updated: July 26, 2019 17:42 IST

कारगिल विजय दिवसः 20 वीं वर्षगांठ पर प्रमुख कार्यक्रम दिल्ली के राष्ट्रीय युद्ध स्मारक से विजय मशाल को द्रास स्थित करगिल युद्ध स्मारक पहुंचाया गया है। रक्षा मंत्री ने 14 जुलाई को राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर सेना के सर्वश्रेष्ठ निशानेबाज सूबेदार जीतू राय को विजय मशाल सौंपी थी।

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ठळक मुद्देकारगिल के द्रास में आयोजित कारगिल विजय दिवस की 20वीं वर्षगांठ पर शुक्रवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद दौरे पर पहुंचने वाले थे लेकिन खराब मौसम के चलते यह कार्यक्रम अब श्रीनगर के बादामी बाग केन्टोनमेंट इलाके में आयोजित किया गया। राष्ट्रपति राम नाथ ने इस दौरान करगिल संघर्ष में शहीद हुए सेना के जवानों को श्रद्धांजलि दी।  

कारगिल के द्रास में आयोजित कारगिल विजय दिवस की 20वीं वर्षगांठ पर शुक्रवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद दौरे पर पहुंचने वाले थे लेकिन खराब मौसम के चलते यह कार्यक्रम अब श्रीनगर के बादामी बाग केन्टोनमेंट इलाके में आयोजित किया गया। राष्ट्रपति राम नाथ ने इस दौरान करगिल संघर्ष में शहीद हुए सेना के जवानों को श्रद्धांजलि दी।  

20 वीं वर्षगांठ पर प्रमुख कार्यक्रम दिल्ली के राष्ट्रीय युद्ध स्मारक से विजय मशाल को द्रास स्थित करगिल युद्ध स्मारक पहुंचाया गया है। रक्षा मंत्री ने 14 जुलाई को राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर सेना के सर्वश्रेष्ठ निशानेबाज सूबेदार जीतू राय को विजय मशाल सौंपी थी।

यह उत्तर भारत के 9 प्रमुख कस्बों, शहरों से गुजर कर अंत में 26 जुलाई को द्रास स्थित करगिल में शहीदों की कर्मभूमि पर पहुंची है, जहां इसे सेना प्रमुख ने ग्रहण किया। समारोह में शामिल होने के लिए सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत समेत अन्य कमांडर द्रास पहुंच चुके थे। द्रास में सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने करगिल विजय दिवस के मौके पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। 

इस दौरान उन्होंने कहा "मैं अपने देशवासियों को बताना चाहता हूं कि आप निश्चिंत रहें देश की सेना को दिया गया कोई भी काम हमेशा पूरा किया जाएगा चाहे वह कितना भी कठिन क्यों न हो। हमारे सैनिक सीमाओं की रक्षा करते रहेंगे।" सेना प्रमुख बिपिन रावत ने कहा कि वास्तविक नियंत्रण रेखा पर शांति बनी है, स्थिति नियंत्रण में है।

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