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एचआरडी मंत्रालय ने दी JNU छात्रों को सलाह, कहा- हालिया घोषित रियायत का लाभ लेने के लिए बंद करना चाहिए प्रदर्शन

By भाषा | Updated: December 13, 2019 05:30 IST

एचआरडी के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘ मंत्रालय ने जोर दिया है कि केवल विश्वविद्यालय परिसर में ही सामान्य हालात नहीं होने चाहिए बल्कि भविष्य में ऐसे विवाद के पैदा होने से रोकने की पुख्ता व्यवस्था होनी चाहिए।’’

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ठळक मुद्देमानव संसाधन विकास मंत्रालय ने जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय(जेएनयू) के छात्रों को सलाह दी है।उसने कहा है कि उन्हें सरकार की ओर से छात्रावास शुल्क में दी गई छूट और शैक्षणिक सत्र में हुए नुकसान के मद्देनजर दो हफ्ते की रियायत का लाभ उठाना चाहिए।

मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय(जेएनयू) के छात्रों को सलाह दी है कि उन्हें सरकार की ओर से छात्रावास शुल्क में दी गई छूट और शैक्षणिक सत्र में हुए नुकसान के मद्देनजर दो हफ्ते की रियायत का लाभ उठाना चाहिए और हड़ताल खत्म कर विश्वविद्यालय में सामान्य हालात बहाल करना चाहिए। हालांकि, जेएनयू छात्र संघ (जेएनएसयू) अपने इस रुख पर कायम है कि वह पूरी तरह से मांगें नहीं माने जाने तक हड़ताल खत्म नहीं करेगा।

मानव संसाधन विकास (एचआरडी) मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘ बुधवार को हुई बैठक में हमने प्रस्ताव किया कि अगले आदेश तक विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) सेवा एवं उपयोग शुल्क का खर्च वहन करेगा। अकादमिक सत्र को हुए नुकसान की क्षतिपूर्ति के लिए अकादमिक परिषद से दो हफ्ते तक की छूट देने का अनुरोध किया जाएगा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘वे (छात्र) इस छूट का लाभ ले सकते हैं, लेकिन बैठक में हुई चर्चा के मुताबिक हड़ताल वापस लेनी होगी और प्रशासनिक भवन पर प्रदर्शन नहीं करना होगा। हमने विश्वविद्यालय से भी कहा है कि मौजूदा प्रदर्शन के तहत अक्टूबर से हो रही घटनाओं के प्रति नरम रुख अपनाए।’’

अधिकारी के मुताबिक मंत्रालय ने जेएनयू प्रशासन और छात्रों के बीच छात्रावास शुल्क वृद्धि का मुद्दा दोबारा उभरने से रोकने के लिए पुख्ता व्यवस्था बनाने को कहा है। उल्लेखनीय है कि जेएनयू के छात्रों ने छात्रावास शुल्क वृद्धि के विरोध में गुरुवार को परीक्षा का बहिष्कार किया। हालांकि, विश्वविद्यालय से सबद्ध तीन विद्यालयों के छात्र परीक्षा में शामिल हुए।

एचआरडी के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘ मंत्रालय ने जोर दिया है कि केवल विश्वविद्यालय परिसर में ही सामान्य हालात नहीं होने चाहिए बल्कि भविष्य में ऐसे विवाद के पैदा होने से रोकने की पुख्ता व्यवस्था होनी चाहिए।’’

अधिकारी ने कहा, ‘‘ हमने जेएनयू में सभी हितधारकों के साथ की गई बैठक में जोर दिया कि संतोषजनक हल निकालने के लिए लचीला रुख अपनाया जाना चाहिए और एक महीने से अधिक समय से परिसर में जारी संघर्ष की स्थिति को खत्म किया जाना चाहिए।’’ मंत्रालय ने विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्रों से कई दौर की बैठकें की है और सेवा एवं उपयोग शुल्क हटाने की पेशकश की है।

उल्लेखनीय है कि विश्वविद्यालय में करीब एक महीने से प्रदर्शन हो रहा है जबकि प्रशासन ने दो बार बढ़े शुल्क में कटौती की पेशकश की लेकिन छात्रों ने उसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया। मंत्रालय ने जेएनयू में हालात सामान्य करने के तरीकों पर विचार करने के लिए पिछले महीने तीन सदस्यीय समिति गठित की थी जिसे विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्रों के बीच मध्यस्थता की जिम्मेदारी दी गई थी। 

टॅग्स :जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू)मानव संसाधन विकास मंत्रालय
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