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लद्दाख में एलएसी पर टैंकों, तोपों व वायुसेना के विमानों की गड़गड़ाहट के बीच गरजे रक्षामंत्री, "भारत माता की जय" का उद्घोष

By सुरेश एस डुग्गर | Updated: July 17, 2020 18:07 IST

रक्षामंत्री शुक्रवार सुबह लेह पहुंचने के बाद सीधे स्तकना के लिए हेलीकाप्टर से रवाना हो गए। उनके साथ सीडीएस प्रमुख जनरल बिपिन रावत, थलसेना प्रम़ुख जनरल एमएमए नरवणे, सेना की उत्तरी कमान, लद्दाख की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाली सेना की चौदह कोर के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी मौजूद थे।

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ठळक मुद्देरक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सैनिकों को संबोधित करते हुए कहा कि इस समय सीमा विवाद को सुलझाने के लिए बातचीत का दौर चल रहा है। मामला हल होना चाहिए, लेकिन कहां तक हल होगा इसकी अभी मैं कोई गारंटी नहीं दे सकता हूं। मैं इतना यकीन दिलाना चाहता हूं कि भारत की एक इंच जमीन को भी दुनिया की कोई ताकत छू नहीं सकती, उस पर कब्जा नहीं कर सकती है।

जम्मूः लद्दाख के दौरे पर आए रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने 14000 फ1ट की उंचाई पर अग्रिम स्तकना इलाके में युद्धाभ्यास स्थल पर दुश्मन को कड़ा जवाब देने के लिए सेना के बेड़े में शामिल किए गए नए तोपखानों, टैंकों के साथ आधुनिक हथियारों को परखा।

वायु सेना के विमानों की गड़गड़ाहट के बीच वे भी गरजे और उन्होंने चीन को संदेश दिया कि भारतीय सेना उससे कहीं अधिक मजबूत है। आज पहले लुकुंग में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय सेना के साथ भेंट की। सेना के जवान-"भारत माता की जय" का उद्घोष करते रहे।

रक्षामंत्री शुक्रवार सुबह लेह पहुंचने के बाद सीधे स्तकना के लिए हेलीकाप्टर से रवाना हो गए। उनके साथ सीडीएस प्रमुख जनरल बिपिन रावत, थलसेना प्रम़ुख जनरल एमएमए नरवणे, सेना की उत्तरी कमान, लद्दाख की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाली सेना की चौदह कोर के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी मौजूद थे। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह दो दिवसीय दौरे पर आए हैं।

इस समय सीमा विवाद को सुलझाने के लिए बातचीत का दौर चल रहा है

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सैनिकों को संबोधित करते हुए कहा कि इस समय सीमा विवाद को सुलझाने के लिए बातचीत का दौर चल रहा है। मामला हल होना चाहिए, लेकिन कहां तक हल होगा इसकी अभी मैं कोई गारंटी नहीं दे सकता हूं। मैं इतना यकीन दिलाना चाहता हूं कि भारत की एक इंच जमीन को भी दुनिया की कोई ताकत छू नहीं सकती, उस पर कब्जा नहीं कर सकती है।

राजनाथ सिंह ने कहा कि आज आपसे मिलकर मुझे खुशी हो रही है तो मन में एक पीड़ा भी है, हाल ही में भारत और चीन सैनिकों के बीच जो भी कुछ हुआ, उसमें हमारे कुछ जवानों ने अपना बलिदान देते हए अपनी सीमा की रक्षा की। उन्हें खोने का गम और आपसे मिलने की खुशी है, मैं उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। भारत और चीन की सेना के जवानों के बीच हाल में जो कुछ हुआ मैं ये कह सकता हूं कि आप लोगों ने केवल भारत की सीमा की सुरक्षा नहीं की है बल्कि 130 करोड़ भारतवासियों  के सम्मान की सुरक्षा भी की है।

भारत दुनिया का इकलौता देश है जिसने सारे विश्व को शांति का संदेश दिया है। हमने किसी भी देश पर कभी आक्रमण नहीं किया है और न ही किसी देश की ज़मीन पर हमने क़ब्ज़ा किया है। भारत ने वसुधैव कुटुम्बकम का संदेश दिया है। हम अशांति नहीं चाहते हम शांति चाहते हैं। हमारा चरित्र रहा है कि हमने किसी भी देश के स्वाभिमान पर चोट मारने की कभी कोशिश नहीं की है। भारत के स्वाभिमान पर यदि चोट पहुंचाने की कोशिश की गई तो हम किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगे और मुंहतोड़ जवाब देंगे।

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