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सैन्य खर्च के मामले में भारत ने रूस को पीछे छोड़ा, रक्षा पर खर्च करने के मामले में चौथे स्थान पर आया

By शिवेन्द्र कुमार राय | Updated: April 25, 2023 12:10 IST

भारत ने साल 2022 में सशस्त्र बलों के लिए उपकरणों के आधुनिकीकरण और चीन के साथ लगती सीमा पर सैन्य बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर कुल रक्षा बजट का 23% खर्च किया। भारत अब रूस को पीछे छोड़कर दुनिया का चौथा देश बन गया है जो सैन्य साजो सामान पर सबसे ज्यादा खर्च करता है।

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ठळक मुद्देभारत ने कुल बजट का 23% खर्च कियादुनिया के बढ़े हुए सैन्य खर्च के लिए रूस-यूक्रेन युद्ध जिम्मेदारसैन्य खर्च के मामले में भारत ने रूस को पीछे छोड़ा

नई दिल्ली: सैन्य खर्च के मामले में भारत ने रूस को पछाड़ दिया है। भारत अब दुनिया का चौथा देश बन गया है जो सैन्य साजो सामान पर सबसे ज्यादा खर्च करता है। साल 2022 में चीन का सैन्य बजट लगभग 4 गुना और अमेरिका का सैन्य खर्च 10 गुना ज्यादा बढ़ा। वैश्विक सैन्य खर्च लगातार आठवें वर्ष बढ़कर 2022 में सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया है। 

दुनिया भर में सैन्य साजो सामान पर हो रहे खर्चों पर नजर रखने वाली संस्था स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट के अनुसार 2022 में कुल वैश्विक सैन्य व्यय साल 2021 की तुलना में 3.7% बढ़कर 2,240 अरब डॉलर तक पहुंच गया। थिंक टैंक एसआईपीआरआई की रिपोर्ट से ये भी सामने आया है कि रूस द्वारा यूक्रेन पर किए गए हमले के बाद यूरोपिय देशों के सैन्य खर्चों में भी तेजी से वृद्धि देखी गई है। रूस के यूक्रेन पर आक्रमण के कारण यूरोप ने पिछले 30 वर्षों की तुलना में साल 2022 में सैन्य साजो सामान पर सबसे ज्यादा खर्च किया। यूरोप के रक्षा खर्च में 13 फीसदी की भारी बढ़ोतरी हुई है।

रूसी हमले के बाद यूक्रेन का सैन्य खर्च छह गुना बढ़कर 44 अरब डॉलर तक पहुंच गया है, जो इसकी जीडीपी का 34 फीसदी के बराबर है। स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट के अनुसार अमेरिका ने 2022 में 877 अरब डॉलर रक्षा पर खर्च किए। यह वैश्विक खर्च के 39 फीसदी के बराबर है।

रिपोर्ट के मुताबिक, भारत रक्षा पर खर्च करने के मामले में चौथे स्थान पर है। भारत ने साल 2022 में सशस्त्र बलों के लिए उपकरणों के आधुनिकीकरण और चीन के साथ लगती सीमा पर सैन्य बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर कुल रक्षा बजट का 23% खर्च किया। पिछले साल भारत ने बजट में सैन्य खर्च के लिए 5.25 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए थे, जबकि 2021-22 में 4.78 लाख करोड़ रुपये और इससे एक साल पहले 4.71 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए थे। सोमवार, 24 अप्रैल को प्रकाशित रिपोर्ट में कहा गया है कि 2022 में सैन्य खर्च के मामले में सऊदी अरब पांचवें स्थान पर था। वहीं, शीर्ष पांच देशों ने दुनिया के सैन्य खर्च का 63% हिस्सा साझा किया।

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