लाइव न्यूज़ :

भारत-चीन विवाद: आईटीबीपी ने वास्तविक नियंत्रण रेखा पर मौजूदगी बढ़ायी

By भाषा | Updated: June 23, 2020 21:44 IST

Open in App
ठळक मुद्देआईटीबीपी ने चीन से लगी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास विभिन्न स्थानों पर 40 कंपनियों को तैनात करना शुरू कर दिया आईटीबीपी की करीब 40 कंपनियों को हटाया गया है

नयी दिल्ली: भारत और चीन की सेनाओं के बीच झड़प के मद्देनजर आईटीबीपी ने चीन से लगी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास विभिन्न स्थानों पर 40 कंपनियों को तैनात करना शुरू कर दिया है । अधिकारियों ने मंगलवार को इस बारे में जानकारी दी । सीमा पर सैनिकों की संख्या बढ़ाने और अतिरिक्त गश्त के नए निर्देश के तहत भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) एसयूवी, घाटी में चलने वाले वाहनों, स्नो स्कूटर और ट्रकों जैसे अन्य संसाधनों को अग्रिम स्थानों के लिए भेज रही है ।

उन्होंने बताया कि पर्वतों पर लड़ाई के लिए प्रशिक्षित करीब 4,000 जवानों की क्षमता वाली सभी इकाइयों को देश के विभिन्न इलाके में आंतरिक सुरक्षा की तैनाती से हटाया जा रहा है । आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि आईटीबीपी की करीब 40 कंपनियों को हटाया गया है और लद्दाख और अरूणाचल प्रदेश समेत विभिन्न क्षेत्रों में एलएसी के पास अलग-अलग स्थानों पर उन्हें एकत्र किया जा रहा है । उन्होंने कहा कि बल की अग्रिम इकाइयों को इन नयी टुकड़ियों के लिए पृथक-वास केंद्र तैयार करने को कहा गया है क्योंकि वे मुख्य भू-भाग से आ रहे हैं और कोरोना वायरस से संक्रमित होने के खतरे को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता ।

उन्होंने बताया कि दो सप्ताह के पृथक-वास के दौरान इन सैनिकों के पास ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तैनाती के लिए तैयार होने का अवसर होगा , जहां पर तापमान शून्य से बहुत नीचे होता है और ऑक्सीजन का स्तर कम होता है। कंपनियों और बटालियन का कमान संभालने वाले कुछ अधिकारियों को भी बल के दो नए संचालन कमान- चंडीगढ़ में पश्चिमी मुख्यालय और गुवाहाटी में पूर्वी मुख्यालय में तैनात किया जा रहा है । एक महानिरीक्षक (आईजी) को हाल में चंडीगढ़ में कमान का प्रभार दिया गया जबकि गुवाहाटी में कमान की जिम्मेदारी दिल्ली के एक आईजी देख रहे हैं ।

सूत्रों ने बताया कि हाल में जम्मू समेत देश के विभिन्न स्थानों से आईटीबीपी की 15 कंपनियों को वापस बुलाया गया तथा दिल्ली, चंडीगढ़, छत्तीसगढ़ तथा कुछ अन्य स्थानों से उन्हें भेजा जा रहा है । इन 40 कंपनियों के अलावा संभावना है कि ऐसी 20 और कंपनियों को आगामी कुछ समय में भेजा जाएगा ताकि लद्दाख में काराकोरम दर्रा से लेकर अरूणाचल प्रदेश में जाचेप ला तक 180 सीमा चौकी और 50 अस्थायी बेस पर बल की ‘अधिकतम’ मौजूदगी हो सके । 

टॅग्स :चीनलद्दाख
Open in App

संबंधित खबरें

कारोबारअमेरिका-इजराइल ईरान युद्ध के बीच रूस का खामोश खेल

विश्वक्या जख्म पर मरहम लगाएंगे बालेन शाह?

कारोबारलद्दाखः रोमांच, खूबसूरती और प्यार?, एप्रीकोट ब्लासम फेस्टिवल का आनंद उठाने चले आईए?

भारतलद्दाख के ज़ोजिला दर्रे पर हिमस्खलन की चपेट में आने से वाहन दबे, 7 की मौत और कई घायल

भारतEarthquake in Ladakh: लद्दाख की धरती में हुई हलचल, 3.9 की तीव्रता से घबराए लोग; कोई हताहत नहीं

भारत अधिक खबरें

भारतTamil Nadu Election 2026: क्या CBSE का नया सिलेबस भाषा विवाद की जड़? सीएम स्टालिन ने कहा- "भाषा थोपने का सुनियोजित प्रयास"

भारतFire Accident: ONGC मुंबई हाई प्लेटफॉर्म पर भीषण आग, 10 लोग घायल; राहत और बचाव कार्य जारी

भारतElection 2026: केरल में चुनावी हिंसा! शशि थरूर के काफिले पर हमला, गनमैन को भी पीटा, 5 धरे गए

भारतदेश के लिए समर्पित ‘एक भारतीय आत्मा’

भारतवाराणसी का रोम-रोम हुआ रोमांचित, दर्शकों ने देखा कैसा था सम्राट विक्रमादित्य का सुशासन, देखें Photos