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केरल में भारी बारिश से हाहाकार, मौसम विभाग ने पांच जिलों में जारी किया अलर्ट

By दीप्ती कुमारी | Updated: October 16, 2021 17:49 IST

केरल में भारी बारिश ने आम लोगों का जनजीवन खतरे में डाल दिया । लोग छत तक डूबी बस से किसी तरह निकलकर अपनी जान बचा रहे हैं ।

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ठळक मुद्देकेरल में भारी बारिश से जगजीवन तबाह पांच जिलों में रेड अलर्ट जारी मौसम विभाग ने अगले दो दिन तक बारिश की आशंका जताई है

तिरुवनंतपुरम : केरल के कई हिस्सों में आज भारी बारिश हुई और इसके मद्देनजर पांच जिलों को रेड अलर्ट और सात जिलों को ऑरेंज अलर्ट पर रखा गया । केरल में भारी बारिश से सड़के भर चुकी है और अधिक पानी से गलियां भरने के कारण एक बस फंसी हुई नजर आ रही है । वीडियो में आप देख सकते हैं कि इसके कारण यात्रियों को बस से बाहर निकलने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही है ।  

यह वीडियो कोट्टायम गांव के हैं । कोट्टायम उन पांच जिलों में से एक, जहां भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई थी, स्थानीय लोगों अत्यधिक बारिश से बेहद परेशान है । लोगों घुटने भर पानी में चलने को बेबस है । 

एक अन्य क्लिप में कुछ लोग एक पंक्ति में खड़े दिख रहे हैं, जो स्पष्ट रूप से भारी बारिश के बीच रस्सी के साथ एक वाहन को बाहर निकालने की कोशिश कर रहे हैं ।

पठानमथिट्टा, कोट्टायम, एर्नाकुलम, इडुक्की, त्रिशूर ऐसे जिले हैं जिन्हें रेड अलर्ट पर रखा गया है । राज्य के सात जिलों - तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, अलाप्पुझा, पलक्कड़, मलप्पुरम, कोझीकोड और वायनाड में  मौसम विभाग ने "ऑरेंज अलर्ट" जारी किया है, जहां भारी बारिश होने की आशंका है । दो जिलों को यलो अलर्ट पर रखा गया है ।

मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक चेतावनी पत्र भेजा है, जिसमें लोगों से बेहद सावधान रहने और पहाड़ों या नदियों के पास यात्रा करने से बचने का आग्रह किया गया है ।

केरल तट से दूर दक्षिण पूर्व अरब सागर पर निम्न दबाव के क्षेत्र के प्रभाव के तहत, राज्य में 17 अक्टूबर (रविवार) की सुबह तक अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है । 18 (सोमवार) को अलग-अलग क्षेत्रों में  भारी बारिश और 19 तारीख (मंगलवार) की सुबह से बारिश में और कमी आने की संभावना है ।"

मछुआरों को चेतावनी देते हुए सरकार ने केरल तट पर 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की आशंका चलाई है । मछुआरों को सलाह दी जाती है कि वे आज और कल इन समुद्री क्षेत्रों में न जाएं"। 

टॅग्स :केरलभारतीय मौसम विज्ञान विभाग
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