तिरुवनंतपुरम नगर निगमः कौन बनेगा मेयर?, दौड़ में ये भाजपा नेता शामिल, देखिए पूरी लिस्ट
By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: December 13, 2025 18:40 IST2025-12-13T18:39:33+5:302025-12-13T18:40:28+5:30
Thiruvananthapuram Municipal Corporation:

Thiruvananthapuram Municipal Corporation
Thiruvananthapuram: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्य में सत्तारूढ़ एलडीएफ और कांग्रेस नीत विपक्षी यूडीएफ को चौंकाते हुए शहर के नगर निकाय में जीत हासिल की है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि क्या केरल की पहली महिला आईपीएस अधिकारी यहां से भाजपा की पहली महापौर बनेंगी। भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) की सेवानिवृत्त अधिकारी आर श्रीलेखा पर सभी की नजरे टिकी हैं कि क्या भाजपा उन्हें नगर निगम का नेतृत्व करने के लिए चुनेगी, जो चार दशकों से अधिक समय तक वामपंथियों का गढ़ रहा था। भाजपा ने इस चुनाव में वाम दलों के इस किले को ध्वस्त कर दिया है।
इस सप्ताह की शुरुआत में दो चरणों में हुए चुनावों में डाले गए वोटों की गिनती शनिवार को शुरू हुई। तिरुवनंतपुरम नगर निगम के सस्थामंगलम डिवीजन से जीत हासिल करने वाली श्रीलेखा को महापौर पद के लिए भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के चेहरे के रूप में पेश किया गया है।
दशकों तक कांग्रेस और वामपंथी नेतृत्व वाले गठबंधनों के प्रभाव वाले इस दक्षिणी राज्य में भाजपा ने प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। उन्होंने संवाददाताओं के सवालों का जवाब देते हुए नतीजों के लिए मतदाताओं को धन्यवाद दिया। श्रीलेखा ने कहा, ‘‘मुझे जानकारी मिली है कि सस्थामंगलम वार्ड में इससे पहले किसी भी उम्मीदवार को इतनी बढ़त नहीं मिली है... हम इस फैसले के लिए जनता को धन्यवाद देते हैं।’’
तिरुवनंतपुरम की महापौर बनने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि इस मामले पर पार्टी फैसला करेगी। केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम के नगर निकाय चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने शानदार जीत हासिल की।
राजग ने मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) नीत वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) को शिकस्त देकर निगम पर लगातार 45 वर्षों के वामपंथी शासन का अंत कर दिया। तिरुवनंतपुरम नगर निगम के 101 वार्ड में से भाजपा को 50 में, एलडीएफ को 29 में, संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ)को 19 में और दो निर्दलीय को जीत मिली है।
इस जीत से स्वाभाविक रूप से श्रीलेखा को महापौर बनाने की अटकलें तेज हुई हैं। तिरुवनंतपुरम में जन्मीं और पली-बढ़ीं श्रीलेखा जनवरी 1987 में केरल की पहली महिला आईपीएस अधिकारी बनीं। उन्होंने अपने तीन दशकों से अधिक के करियर में राज्य के कई जिलों में पुलिस इकाइयों का नेतृत्व किया और सीबीआई, केरल अपराध शाखा, सतर्कता विभाग, अग्निशमन विभाग, मोटर वाहन विभाग और जेल विभाग में भी सेवाएं दीं। श्रीलेखा को 2017 में पुलिस महानिदेशक के पद पर पदोन्नत किया गया, जिससे वह केरल में इस पद पर पहुंचने वालीं पहली महिला बन गईं।
वह 33 साल से अधिक की सेवा के बाद दिसंबर 2020 में सेवानिवृत्त हुईं। श्रीलेखा सेवानिवृत्ति के बाद भी खबरों में बनी हुई हैं, खासकर 2017 के अभिनेत्री यौन उत्पीड़न मामले में अभिनेता दिलीप को झूठा फंसाए जाने के उनके बयान के कारण।
हाल ही में, उन्होंने निष्कासित कांग्रेस नेता राहुल ममकुटाथिल के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज करने में हुई देरी पर सवाल उठाकर विवाद खड़ा कर दिया था। श्रीलेखा अक्टूबर 2024 में भाजपा में शामिल हुईं। उन्होंने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से प्रभावित होकर दल में शामिल हो रही हैं।