हाथरस: उत्तर प्रदेश के हाथरस में गैंगरेप पीड़िता के परिवार से मिलने जा रहे विपक्ष के नेताओं का सिलसिला जारी है। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के बाद आज टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन अपने कार्यकर्ताओं के साथ हाथरस पहुंचे। हाथरस पहुंचने से पहले ही पुलिस उन्हें रोका। इस दौरान डेरेक ओ ब्रायन टीएमसी कार्यकर्ताओं की पुलिस के साथ नोकझोंक होने लगी। पुलिस उन्हें पीड़ित परिवार के गांव जाने से रोक रही। बहसबाजी होते-होते वहां धक्का मुक्की होने लगी। इस दौरान तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओ ब्रायन नीचे गिर गए। हालांकि फिर तुरंत उन्हें उठा लिया गया।
तृणमूल सांसद डेरेक ओ ब्रायन के साथ काकोली घोष दस्तीदार, प्रतिमा मोंडल और (पूर्व सांसद) ममता ठाकुर भी वहां मौजूद थे। ये नेता दिल्ली से हाथरस के पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे थे। रोके गए सांसदों ने कहा, ''हम शांति से हाथरस की ओर बढ़ रहे हैं पीड़ित परिवार से मिलकर अपनी सांत्वना देने जा रहे हैं। हम अलग-अलग यात्रा कर रहे हैं और सभी प्रोटोकॉल का पालन कर रहे हैं। हमने कोई हथियार नहीं लिए हैं, हमें रोका क्यों गया है? कैसा जंगलराज है कि यहां निर्वाचित सांसदों को एक पीड़ित परिवार से मिलने नहीं दिया जा रहा है। अभी हम पीड़िता के घर से बस 1.5 किलोमीटर की दूरी पर हैं। हम पुलिस अधिकारियों को समझा रहे हैं कि हम ये दूरी पैदल भी तय कर सकते हैं।''
बताते चलें कि कल गुरुवार को गैंगरेप पीड़िता के परिवार से मिलने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी हाथरस जा रहे थे। उन्हें भी रास्ते में ही रोक लिया गया था। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के काफिले को जब रोका गया तो वे पैदल ही हाथरस की ओर बढ़ने लगे। इस दौरान पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। बात नहीं मानने पर पुलिस ने राहुल गांधी व कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ सख्ती की। दोनों तरफ से खींचतान में राहुल गांधी जमीन पर गिर गए थे। इसके बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को पुलिस ने कुछ देर के लिए कस्टडी में भी ले लिया था।
हाथरस मामले में पीड़िता के पिता ने आरोप लगाया कि उन पर सरकारी अधिकारी दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। परिवार ने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन बयान बार-बार बदलने को लेकर दबाव बना रहा है।