'सरकारी अधिकारियों पर भी लागू हो बैन', उत्तराखंड में गंगा घाटों पर गैर हिंदुओं के प्रवेश पर रोक की मांग
By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: January 15, 2026 10:02 IST2026-01-15T10:02:44+5:302026-01-15T10:02:49+5:30
Ganga Ghats in Haridwar: गंगा सभा के अध्यक्ष नितिन गौतम ने यहां जारी एक बयान में कहा कि इन स्थानों पर गैर-हिंदू प्रवेश निषेध सभी विभागों और संस्थानों पर समान रूप से लागू होना चाहिए।

'सरकारी अधिकारियों पर भी लागू हो बैन', उत्तराखंड में गंगा घाटों पर गैर हिंदुओं के प्रवेश पर रोक की मांग
Ganga Ghats in Haridwar: हरिद्वार में कुंभ क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी गंगा घाटों पर गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध की मांग के बीच गंगा सभा ने बुधवार को कहा कि यह रोक केवल श्रद्धालुओं तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि सरकारी विभागों, संस्थानों और मीडियाकर्मियों पर भी लागू होनी चाहिए। हर की पौड़ी और आसपास के गंगा घाटों का प्रबंधन करने वाली संस्था गंगा सभा के अध्यक्ष नितिन गौतम ने यहां जारी एक बयान में कहा कि इन स्थानों पर गैर-हिंदू प्रवेश निषेध सभी विभागों और संस्थानों पर समान रूप से लागू होना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘चाहे कोई सरकारी विभाग हो, संस्थान हो या मीडियाकर्मी, कुंभ क्षेत्र में इन स्थानों पर सभी गैर-हिंदुओं का प्रवेश प्रतिबंधित होना चाहिए।’’
#WATCH लखनऊ, उत्तर प्रदेश: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, "...हरिद्वार हमारा पौराणिक स्थान है। उसका अपना धार्मिक महत्व है... वहां पर हमारे स्टेक होल्डर, धार्मिक संगठन के लोग हैं सभी संतों से चर्चा होती है बात होती है। हमने कहा है कि हम पुराने एक्ट का आकलन कर… pic.twitter.com/vmuc8CDmyF
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 15, 2026
गौतम ने हरिद्वार के जिला सूचना अधिकारी सहित अन्य विभागों के अधिकारियों और संस्थाओं से अपील की कि उनके विभाग से संबंधित कोई भी गैर-हिंदू व्यक्ति हर की पौड़ी में प्रवेश न करे।
सनातन परंपरा, गंगा की धार्मिक अस्मिता और हर की पौड़ी की पवित्रता को सर्वोपरि बताते हुए उन्होंने कहा कि 1916 के हरिद्वार नगर पालिका बायलॉज जनभावनाओं के आधार पर बने हैं, जिनमें हर की पौड़ी और आसपास के गंगा घाटों पर गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध का प्रावधान है।
उन्होंने कहा कि संवैधानिक अधिकारों के तहत इस व्यवस्था को लागू किया जाना चाहिए। हर की पौड़ी पर मंगलवार को शेख का लिबास पहनकर दो युवकों के घूमने और वीडियो बनाने की घटना का उल्लेख करते हुए गौतम ने कहा कि कुछ लोग वेश बदलकर क्षेत्र में प्रवेश कर माहौल खराब करने का प्रयास कर रहे हैं, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने मांग की कि हर की पौड़ी और आसपास के घाटों पर गैर-हिंदू प्रवेश निषेध के बोर्ड लगाए जाएं और प्रशासन पूरी तरह सजग रहे, ताकि क्षेत्र की पवित्रता बनी रहे। गौतम ने कहा कि इस विषय पर उनकी लगभग सभी वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों से बातचीत हो चुकी है और उनसे अपील की गई है कि उनके अधीनस्थ कोई भी गैर-हिंदू कर्मचारी इस क्षेत्र में तैनात न किया जाएं।
उन्होंने मीडिया संस्थानों से भी आग्रह किया कि प्रतिबंधित क्षेत्र में गैर-हिंदू पत्रकारों की ड्यूटी न लगाई जाए। हाल में गंगा सभा और संत समाज की ओर से हर की पौड़ी और आसपास के गंगा घाटों की तरह कुंभ मेला क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी गंगा घाटों को गैर-हिंदू प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित करने की मांग की गई है, जिस पर उत्तराखंड सरकार भी गंभीरता से विचार कर रही है।