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FSSAI ने भोजन की बर्बादी रोकने, उसका दान करने के लिए बनाए नियम

By भाषा | Updated: August 27, 2019 06:08 IST

भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकार (एफएसएसएआई) का यह जरूरतमंद व्यक्तियों को वितरण के लिए गैर-लाभकारी संगठनों को भोजन और किराना उत्पादों को दान करने को प्रोत्साहित करने का प्रयास है।

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ठळक मुद्देखाद्य नियामक एफएसएसएआई ने विभिन्न प्रतिष्ठानों और कारोबारों में भोजन की बर्बादी रोकने और भोजन दान करने को प्रोत्साहित करने के लिए नियमन तैयार किये हैं।नियामक ने एक बयान में कहा, ‘‘प्राधिकरण ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक (अधिशेष भोजन की प्राप्ति एवं वितरण) नियमन 2019 तैयार किया है

खाद्य नियामक एफएसएसएआई ने विभिन्न प्रतिष्ठानों और कारोबारों में भोजन की बर्बादी रोकने और भोजन दान करने को प्रोत्साहित करने के लिए नियमन तैयार किये हैं। नियामक ने एक बयान में कहा, ‘‘प्राधिकरण ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक (अधिशेष भोजन की प्राप्ति एवं वितरण) नियमन 2019 तैयार किया है, ताकि भारत में खाद्य पदार्थ दान देने को एक वैध समर्थन प्रदान किया जा सके।’’

इन नियमों का उद्देश्य उन संगठनों और व्यक्तियों को संरक्षा प्रदान करने के लिए एक समान राष्ट्रीय नियमन स्थापित करना है जो सद्भाव के साथ भोजन दान करते हैं। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकार (एफएसएसएआई) का यह जरूरतमंद व्यक्तियों को वितरण के लिए गैर-लाभकारी संगठनों को भोजन और किराना उत्पादों को दान करने को प्रोत्साहित करने का प्रयास है।

ये नियमन एक जुलाई, 2020 से अमल में आयेंगे। एफएसएसएआई ने कहा, ‘‘भारत दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा भोजन उत्पादक देश है, लेकिन वैश्विक भूख सूचकांक 2014 में, भारत दुनिया के 119 सबसे ज्यादा भूख पीड़ित देशों की सूची में 103 वें स्थान पर रहा है। कुछ प्रोटोकॉल के कारण, खाद्य कारोबारी जल्दी खराब होने वाले भोज्य पदार्थो को नष्ट कर देते हैं। भोजन की बर्बादी को रोकना और अधिशेष भोजन के वितरण को प्रोत्साहन दिया जाना एक वैश्विक चिंता का विषय है।’’

इस मुद्दे के समाधान के लिए, एफएसएसएआई ने बचे हुये भोजन के सुरक्षित वितरण को सुनिश्चित करने के वास्ते 20 अधिशेष खाद्य वितरण एजेंसियों के साथ दूसरे दौर की बैठक की। सरकार द्वारा इस दिशा में उठाए गए कदमों पर चर्चा करने के लिए पहली बैठक 30 जुलाई को आयोजित की गई जिसमें देश के विभिन्न हिस्सों से 13 एजेंसियों ने भाग लिया था।

एफएसएसएआई ने ‘फूड रिकवरी इकोसिस्टम’ बनाने के लिए ‘भोजन बचाओ, भोजन बांटो खुशियां बांटो नाम से एक अभियान की शुरूआत की है। इस पहल का उद्देश्य भोजन बनाने वाली कंपनियों, अधिशेष खाद्य वितरण एजेंसियों और लाभार्थियों के बीच दूरी को पाटना है। बयान में कहा गया है, ‘‘अधिशेष खाद्य वितरण एजेंसियों के लिए भोजन लाइसेंस पोर्टल पर एफएसएसएआई के साथ पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।’’ 

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