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दुखद: पूरे परिवार की कोरोना से मौत, अब घर में बची है केवल दो बेटियां, अंतिम संस्कार के लिए भी कोई नहीं आया आगे

By दीप्ती कुमारी | Updated: May 10, 2021 16:03 IST

गाजियाबाद की क्रॉसिंग रिपब्लिक सोसायटी एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई है और अब परिवार में केवल 8 और 6 साल की बच्चियां बच्ची है। फिलहाल बुआ ने दोनों बच्चों की जिम्मेदारी ली है ।

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ठळक मुद्देगाजियाबाद के एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत. घर में बची है केवल 2 बच्चियांकोरोना संक्रमण से गई जान, अंतिम संस्कार में नहीं हुआ कोई शामिलमृतक की बेटी ने किया अंतिम संस्कार, भाई की बेटियों को बुआ ने दिया सहारा

लखनऊ :भारत में कोरोना वायरस की दूसरी लहर घातक साबित हो रही है । हर दिन लगभग  4 हजार लोगों की मौत हो रही है । इस महामारी में कई लोगों ने अपनों को खोया है । अब गाजियाबाद की क्रॉसिंग रिपब्लिक सोसायटी के एक हंसते-खेलते परिवार को कोरोना ने बर्बाद कर दिया । यहां एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई है और अब परिवार में केवल 8 और 6 साल की बच्चियां बच्ची है  । इस हादसे के बाद सोसाइटी के सभी लोग डरे हुए हैं ।

 परिवार के चार सदस्यों की मौत

क्रॉसिंग रिपब्लिक सोसायटी में रहने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि टावर 2 के फ्लैट नंबर 205 में दुर्गेश प्रसाद का परिवार रहता था । दुर्गेश रिटायर शिक्षक दिन है और बहुत अच्छे स्वभाव के व्यक्ति थे । वह सामाजिक कामों में हमेशा बढ़-चढ़कर भाग लेते थे । कोरोना संक्रमित होने के बाद दुर्गेश होम आइसोलेशन में  थे और डॉक्टर की सलाह पर दवाइयां भी ले रहे थे लेकिन एक दिन अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई  । 27 अप्रैल को उनकी मौत हो गई । 

दुर्गेश के बाद उनकी पत्नी , बेटा और बहू भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए । फिर  सोसाइटी वालों ने तीनों को ग्रेटर नोएडा के शारदा अस्पताल में भर्ती करवा दिया । यहां इलाज के दौरान 4 मई को दुर्गेश के बेटे अश्विनी की मौत हो गई । इस दुख से परिवार अभी उभरा भी नहीं था कि 5 मई को अश्विनी की मां की मौत हो गई । उसके बाद 7 अप्रैल को अश्विनी की पत्नी की मौत हो गई । कोरोना ने एक ही बार में पूरे परिवार को तबाह करके रख दिया । उनके हंसते -खेलते परिवार को उजाड़ कर रख दिया । अब घर में केवल 8 और 6 साल की दो बच्चियां बची है ।

अंतिम संस्कार के लिए भी कोई नहीं आया आगे

पूरे परिवार की कोरोना संक्रमण के चलते मौत हो गई । संक्रमण के अंदर से कोई भी व्यक्ति अंतिम संस्कार के लिए भी आगे नहीं आया । इसके बाद दुर्गेश प्रसाद की बेटी को यह पता चली तो वह गाजियाबाद पहुंचे परिवार के लोगों का अंतिम संस्कार किया । 

अश्विनी की दोनों बच्चियों को समझ नहीं आ रहा है कि उनके साथ क्या हुआ । अब वह बार-बार अपने माता-पिता और दादा-दादी के बारे में पूछ रही है लेकिन किसी के पास  उनके किसी सवाल का कोई जवाब नहीं है । रिश्तेदारों के सामने चुनौती है कि बच्चों की परवरिश कैसे और कहां होगी । फिलहाल बुआ ने दोनों बच्चों की जिम्मेदारी ली है । 

टॅग्स :गाजियाबादकोरोना वायरस
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