लाइव न्यूज़ :

रिपोर्ट से सामने आया पाकिस्तान का सच, अपहृत अल्पसंख्यक लड़कियों का जबरन धर्मांतरण और शादी आम बात, महिलाओं और लड़कियों की स्थिति बेहद बुरी

By शिवेन्द्र कुमार राय | Updated: May 16, 2023 12:04 IST

दुनिया भर में नागरिक और धार्मिक स्वतंत्रता पर नजर रखने वाली संस्था ह्यूमन राइट्स विदाउट फ्रंटियर्स ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि पाकिस्तान में पहृत हिंदू लड़कियों के इस्लाम में जबरन धर्मांतरण और बाद में मुस्लिम पुरुषों से उनकी जबरन शादी कराना आम बात है।

Open in App
ठळक मुद्देह्यूमन राइट्स विदाउट फ्रंटियर्स की रिपोर्ट में सामने आया पाकिस्तान का सचअपहृत अल्पसंख्यक लड़कियों का जबरन धर्मांतरण और शादी आम बातरिपोर्ट में दावा- महिलाओं और लड़कियों की स्थिति बेहद बुरी

नई दिल्ली: दुनिया भर में नागरिक और धार्मिक स्वतंत्रता पर नजर रखने वाली संस्था ह्यूमन राइट्स विदाउट फ्रंटियर्स ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि पाकिस्तान में महिलाओं और लड़कियों की स्थिति बेहद बुरी है, चाहे वो हिंदू, ईसाई या मुस्लिम किसी भी धर्म की हों।

8 मई को, एचआरडब्ल्यूएफ ने पाकिस्तान में महिलाओं और लड़कियों की गंभीर स्थिति पर चर्चा करने के लिए ब्रसेल्स के प्रेस क्लब में "ईयू-पाकिस्तान: मानवाधिकार, धार्मिक स्वतंत्रता और जीएसपी+" शीर्षक से एक सम्मेलन आयोजित किया।  बेल्जियम, पाकिस्तान, इटली और अमेरिका में एनजीओ के प्रतिनिधियों ने इस सम्मेलन में भाग लिया और गंभीर मुद्दों पर राय रखी।

ह्यूमन राइट्स विदाउट फ्रंटियर्स ने बताया कि पाकिस्तान में, हिंदू और ईसाई जैसे अल्पसंख्यक धर्मों की लड़कियों और महिलाओं के साथ समस्या बढ़ती जा रही है। पाकिस्तान में 22 करोड़ लोगों की आबादी में हिंदू लगभग 2 प्रतिशत हैं, जबकि ईसाई 1 प्रतिशत से भी कम हैं। पाकिस्तान में अल्पसंख्यक लड़कियों का अपहरण करके उनकी जबरन शादी कराने के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। जबरन शादी का शिकार बनीं अल्पसंख्यक लड़कियों का स्थिति एचआरडब्ल्यूएफ के अनुसार सबसे बुरी है। 

इतना ही नहीं पाकिस्तान में ऑनर किलिंग के मामले भी लगातार बढ़ते जा रहे हैं। पाकिस्तान के कॉमन फ्रीडम कमीशन की रिपोर्ट के अनुसार  2014 से 2016 तक 1,276 ऐसी हत्याएं हुईं। भले ही पाकिस्तानी संसद ने एक कानून पारित किया है जो ऑनर किलिंग पर रोक लगाने की बात करता हो लेकिन इसके बावजूद ऐसी घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं।

एचआरडब्ल्यूएफ की रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तानी महिलाओं को सांस्कृतिक रूप से दूसरे दर्जे का नागरिक माना जाता है। शिक्षा के मामले में  पुरुषों की साक्षरता दर की तुलना में महिलाओं की स्थिति बेहद खराब है। व्यापक निरक्षरता और लिंग आधारित पूर्वाग्रह के कारण पाकिस्तानी समाज बड़े पैमाने पर लैंगिक असंतुलन का सामना भी कर रहा है। पाकिस्तान में हर साल सैकड़ों जबरन धर्मांतरण की घटनाओं की खबरें आती हैं। ज्यादातर पीड़ित गरीब परिवारों और वंचित परिवारों से हैं।

सिंध के दक्षिणी प्रांत में  लगभग 90 प्रतिशत हिंदू अल्पसंख्यक रहते हैं। यहां अपहृत हिंदू लड़कियों के इस्लाम में जबरन धर्मांतरण और बाद में मुस्लिम पुरुषों से उनकी जबरन शादी कराना आम बात है। 

टॅग्स :पाकिस्तानह्यूमन राइट्सनारी सुरक्षासंयुक्त राष्ट्र
Open in App

संबंधित खबरें

ज़रा हटकेपाकिस्तान की 80% आबादी समलैंगिक और 20% उभयलिंगी?, ट्रांसजेंडर कार्यकर्ता हिना बलोच का बयान, वायरल वीडियो

कारोबारपाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत 458.40, केरोसिन दाम 457.80 और डीजल की कीमत 520.35 रुपये प्रति लीटर?

भारतफील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ: पाक पर 1971 की महाविजय के नायक

विश्वपाकिस्तान में जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर के भाई की मौत, मृत्यु के कारणों पर सस्पेंस बरकरार

विश्वरेड कार्पेट पर गिरे पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इशाक डार, टूटा कंधा?, वीडियो वायरल

भारत अधिक खबरें

भारतदिल्ली और उत्तरी भारत के कुछ हिस्सों में महसूस हुए भूकंप के झटके, अफगानिस्तान में आया भूकंप

भारतकेंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ग्रीनविच मीन टाईम को महाकाल स्टेंडर्ड टाईम में बदलने पर दिया जोर

भारतदलित समुदाय के 22 फीसदी वोट पर जमीन अखिलेश की निगाह , 14 अप्रैल पर अंबेडकर जयंती पर गांव-गांव में करेगी कार्यक्रम

भारतराघव चड्ढा पर आतिशी का बड़ा आरोप, 'BJP से डरते हैं, अगला कदम क्या होगा?'

भारतउत्तर प्रदेश उपचुनाव 2026ः घोसी, फरीदपुर और दुद्धी विधानसभा सीट पर पड़ेंगे वोट?, 2027 विस चुनाव से पहले सेमीफाइनल, सीएम योगी-अखिलेश यादव में टक्कर?