लाइव न्यूज़ :

कांग्रेस का हमला, पीड़ितों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करना मोदी सरकार में बनी परंपरा

By भाषा | Updated: January 8, 2020 15:09 IST

पवन खेड़ा ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘कई विश्वविद्यालयों में माहौल खराब किया जा रहा है। टुकड़े-टुकड़े गैंग जैसा शब्द दिया जाता है और मीडिया में बैठे भाजपा के कुछ पन्ना प्रमुख यह शब्द चला देते हैं। सरकार का काम नफरत कम करना और लोगों को आपस में जोड़ना है। यह पहली सरकार है जो मतभेदों को बढ़ाना और नए मतभेद करना चाहती है।’’

Open in App
ठळक मुद्देजेएनयू में हिंसा के बाद छात्र नेता आईशी घोष के खिलाफ FIR पर कांग्रेस का निशानाउन्होंने कहा 'इस सरकार में पीड़ितों के खिलाफ मामले दर्ज होने की परंपरा बन गई है।

 जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में हिंसा के बाद छात्र नेता आईशी घोष के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने को लेकर कांग्रेस ने बुधवार को सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि इस सरकार में पीड़ितों के खिलाफ मामले दर्ज होने की परंपरा बन गई है।

पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘कई विश्वविद्यालयों में माहौल खराब किया जा रहा है। टुकड़े-टुकड़े गैंग जैसा शब्द दिया जाता है और मीडिया में बैठे भाजपा के कुछ पन्ना प्रमुख यह शब्द चला देते हैं। सरकार का काम नफरत कम करना और लोगों को आपस में जोड़ना है। यह पहली सरकार है जो मतभेदों को बढ़ाना और नए मतभेद करना चाहती है।’’

उन्होंने सवाल किया, ‘‘ गृह मंत्री टुकड़े-टुकड़े गैंग शब्द का इस्तेमाल करते हैं। आप क्या संदेश देना चाहते हैं? देश की क्या छवि बन रही है? खेड़ा ने आरोप लगाया, ‘‘इस सरकार में यह एक परंपरा बन गई है कि पीड़ितों के खिलाफ मामला दर्ज होता है। उन्नाव की पीड़िता हो, पहलू खान हो या फिर आईशी घोष हो अथवा कोई दूसरा पीड़ित हो, उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होती है लेकिन अपराधियों के खिलाफ मामले दर्ज नहीं होते।’’

‘भारत बंद’ का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘ प्रधानमंत्री के पास कुछ उद्योगपतियों के साथ फोटों खिंचवाने का समय है, लेकिन करोड़ों भारतीयों के प्रतिनिधियों से मिलने का समय नहीं है।’’

कांग्रेस प्रवक्ता ने दावा किया, ‘‘नयी नौकरियां तो छोड़िए वर्तमान की नौकरियां भी जा रही हैं। ये मजदूर संगठन विनिवेश के फैसलों को लेकर सवाल कर रहे हैं। लोग एफडीआई से जुड़े निर्णयों को लेकर भी सरकार से जवाब मांग रहे हैं। सरकार माने या नहीं माने, लेकिन अर्थव्यवस्था गंभीर संकट में है।’’ 

टॅग्स :जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू)कांग्रेस
Open in App

संबंधित खबरें

कारोबारकेरलम विधानसभा चुनावः वृद्ध आबादी 16.5 प्रतिशत?, पेंशन, स्वास्थ्य सुविधाएं और सुरक्षा सबसे बड़े चुनावी मुद्दे?, देखिए किस दल ने क्या दिया तोहफा?

ज़रा हटकेVIDEO: असम में योगी का बड़ा बयान, 'घुसपैठियों को बाहर करना ही होगा'

भारतश्रीपेरंबुदूर से उम्मीदवार तमिलनाडु कांग्रेस अध्यक्ष सेल्वापेरुन्थगई, 27 उम्मीदवार घोषित, देखिए

भारतबिहार चुनावः 2026 में 17 सीट खाली, राज्यसभा के बाद MLC इलेक्शन में भी तेजस्वी यादव को लगेगा झटका, 1 सीट के लिए 25 विधायक?

भारतएक शांत दिखने वाली विदाई से हुई भारी क्षति!

भारत अधिक खबरें

भारतTamil Nadu Election 2026: क्या CBSE का नया सिलेबस भाषा विवाद की जड़? सीएम स्टालिन ने कहा- "भाषा थोपने का सुनियोजित प्रयास"

भारतFire Accident: ONGC मुंबई हाई प्लेटफॉर्म पर भीषण आग, 10 लोग घायल; राहत और बचाव कार्य जारी

भारतElection 2026: केरल में चुनावी हिंसा! शशि थरूर के काफिले पर हमला, गनमैन को भी पीटा, 5 धरे गए

भारतदेश के लिए समर्पित ‘एक भारतीय आत्मा’

भारतवाराणसी का रोम-रोम हुआ रोमांचित, दर्शकों ने देखा कैसा था सम्राट विक्रमादित्य का सुशासन, देखें Photos