लाइव न्यूज़ :

मथुरा में यमुना के जलस्तर में वृद्धि से निचले इलाकों में पहुंचे, छतों पर टिके हैं लोग

By भाषा | Updated: August 2, 2021 23:59 IST

Open in App

मथुरा, दो अगस्त उत्तर प्रदेश के मथुरा जनपद में यमुना नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने से निचले इलाकों में बाढ़ का पानी पानी पहुंच गया है जिसके चलते वहां लोगों को छतों पर डेरा डालना पड़ रहा है।

जिले के जिम्मेदार अधिकारियों का कहना है कि वे दिल्ली के ओखला बैराज से छोड़े जाने वाले पानी पर लगातार नजर बनाए हुए हैं तथा यमुना का जलस्तर अभी चेतावनी बिंदु तक भी नहीं पहुंचा है। उनके अनुसार सिंचाई विभाग को पूरी तरह से सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

गौरतलब है कि पहाड़ी इलाकों में लगातार वर्षा होने तथा बादल फटने जैसी घटनाओं के बाद पिछले एक सप्ताह में ही यमुना तथा उससे जुड़ी सहायक नदियों के जलस्तर में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। अब निचले इलाकों में पानी पहुंचने लगा है।

पिछले दिनों दिल्ली के ओखला बैराज से एक लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद मथुरा जिले में यमुना का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। जिले में यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से करीब एक मीटर नीचे है। इसके चलते सोमवार को बाढ़ का पानी रिहायशी इलाकों में पहुंच गया है।

इससे खादर के इलाकों में अवैध रूप से बसाई गईं कालोनियों में खलबली मची हुई है। वहां के निवासी छतों तथा अपेक्षाकृत ऊॅंचे इलाकों में आश्रय पाने के लिए विवश हो गए हैं। जिला प्रशासन भी उनकी इस स्थिति का लगातार आकलन कर रहा है तथा बाढ़ चैकियों को पूरी तरह सतर्क बने रहने को कहा गया है।

यमुना में उफान के कारण एक ओर जहां परिक्रमा मार्ग एवं कुम्भ बैठक मेला क्षेत्र जलमग्न होने लगा है, वहीं खादर क्षेत्र में स्थित रशियन बिल्डिंग के आसपास की कालोनियों में पानी भर गया है। देवराहा बाबा घाट, केसी घाट और कुम्भ बैठक मेला क्षेत्र पूरी तरह डूब गया है। इससे इलाके के लोगों की धड़कनें बढ़ गईं हैं।

स्थिति यह है कि यमुना का जलस्तर बढ़ने से मथुरा और वृन्दावन में सभी घाट डूब गए हैं। मथुरा के प्रयाग घाट स्थित बाढ़ सूचकांक पर यमुना चेतावनी बिंदु 165.20 मीटर के निकट तक पहुंच चुकी है। रात में यदि दिल्ली की ओर से और अधिक पानी आया तो यह पार भी हो सकता है।

अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) ब्रजेश कुमार ने बताया, यमुना का जलस्तर अभी चेतावनी स्तर तक भी नहीं पहुंचा है, इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘ हम ओखला से छोड़े जाने वाले पानी पर लगातार नजर रख रहे हैं। सिंचाई विभाग को अलर्ट किया गया है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

विश्वIran-US War: ईरान के सुप्रीम लीडर की हालत नाजुक? मोजतबा खामेनेई के स्वास्थ्य को लेकर चौंकाने वाला दावा

स्वास्थ्यJammu-Kashmir: जम्‍मू कश्‍मीर में कैंसर का बढ़ता बोझ, 2018 से कश्मीर में 50,000 से ज्‍यादा मामले सामने आए

विश्वईरान ने युद्धविराम से किया इनकार, समाधान के लिए रखा 10-सूत्रीय फॉर्मूला? जानें

भारत3 दिन के भारत दौरे पर बांग्लादेशी विदेश मंत्री, क्या सुलझेंगे पुराने मुद्दे? जानें क्या मुद्दे शामिल

क्राइम अलर्टTamil Nadu: 6 साल बाद मिला न्याय! पिता-पुत्र की हिरासत में मौत केस में 9 पुलिसकर्मियों को मृत्युदंड

भारत अधिक खबरें

भारतWest Bengal: विधानसभा चुनावों से पहले बंगाल की वोटर लिस्ट से करीब 90 लाख नाम हटाए गए

भारतAssam Opinion Poll 2026: बीजेपी के नेतृत्व वाला एनडीए और भी बड़े बहुमत के साथ सत्ता में बना रहेगा, Matrize का अनुमान

भारतयूपी में सरकारी वकीलों की फीस 50% तक बढ़ाएगी सरकार, सरकारी खजाने पर बढ़ेगा 120 करोड़ रुपए का बोझ

भारत'मेरे पति 40 साल के हैं, मैं 19 की': मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में महिला ने अपने प्रेमी के साथ रहने का अधिकार जीता

भारत'IIT बाबा' अभय सिंह ने कर्नाटक की इंजीनियर से शादी की, पत्नी के साथ हरियाणा में अपने पैतृक गांव पहुंचे