लाइव न्यूज़ :

'बिहार में शराबबंदी कानून लागू होने के बावजूद सब जगह मिल रहा है शराब': सत्ताधारी दल जदयू के सांसद देवेशचंद्र ठाकुर का दावा

By एस पी सिन्हा | Updated: March 1, 2026 18:43 IST

देवेश चंद्र ठाकुर ने कहा कि जब बिहार में वर्ष 2016 में शराबबंदी कानून लागू किया गया, तब उन्होंने इस पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने कहा कि नीति की मंशा भले ही अच्छी हो, लेकिन इसे व्यवहारिक रूप से लागू करना बेहद कठिन है।

Open in App

पटना:बिहार में सत्ताधारी दल जदयू के सांसद एवं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी देवेशचंद्र ठाकुर ने यह कहकर सनसनी फैला दी है कि बिहार में शराबबंदी कानून लागू होने के बावजूद यह हर जगह उपलब्ध है। उन्होंने साफ कहा कि वह शुरुआत से ही इस नीति के पक्ष में नहीं थे और यदि शराबबंदी हट जाए तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं होगी। देवेश चंद्र ठाकुर ने कहा कि जब बिहार में वर्ष 2016 में शराबबंदी कानून लागू किया गया, तब उन्होंने इस पर आपत्ति जताई थी। 

उन्होंने कहा कि नीति की मंशा भले ही अच्छी हो, लेकिन इसे व्यवहारिक रूप से लागू करना बेहद कठिन है। ठाकुर ने कहा कि दुनिया में कहीं भी पूर्ण शराबबंदी पूरी तरह सफल नहीं हुई है। हालांकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सोच सकारात्मक थी। शराब के कारण परिवारों में कलह, मारपीट और आर्थिक बर्बादी जैसी समस्याएं सामने आती थीं। गरीब परिवारों में बच्चों की पढ़ाई का पैसा भी शराब में खर्च हो जाता था। इन सामाजिक समस्याओं को रोकने के उद्देश्य से यह कानून लाया गया। 

ठाकुर ने कहा कि बिहार भौगोलिक रूप से कई राज्यों से घिरा हुआ है, जिसमें उत्तर प्रदेश, झारखंड और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों से इसकी सीमाएं लगती हैं। ऐसे में तस्करी को पूरी तरह रोक पाना संभव नहीं है। ट्रकों, निजी वाहनों और यहां तक कि रेलमार्ग के जरिए भी शराब की अवैध सप्लाई होती रहती है। 

उन्होंने कहा कि जब मांग बनी रहती है तो किसी न किसी तरीके से आपूर्ति भी हो ही जाती है। ठाकुर ने यह भी कहा कि 2016 में कानून लागू होने के बाद से ही यह देखने को मिला कि प्रतिबंध के बावजूद शराब की उपलब्धता पूरी तरह खत्म नहीं हुई। इससे यह साबित होता है कि व्यवहारिक स्तर पर इस कानून को शत-प्रतिशत लागू करना कठिन है। 

उन्होंने कहा कि यदि शराबबंदी हटा दी जाए तो यह ज्यादा व्यावहारिक निर्णय होगा। ठाकुर ने शराबबंदी के समय का जिक्र करते हुए कहा कि जब शराबबंदी कानून पास होने के बाद दोनों, सदनों विधानसभा और विधान परिषद में सदस्यों से शपथ दिलवाई गई थी कि वे शराब का सेवन नहीं करेंगे। लेकिन वह वह उस समय सदन में मौजूद नहीं थे। 

जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने शपथ क्यों नहीं ली, तो उन्होंने कहा कि कानून तो पास हो ही चुका है, फिर अलग से शपथ लेने की क्या जरूरत है? उनका तर्क था कि यदि कानून बिहार के लिए है और शपथ इस बात की है कि बिहार में रहते हुए शराब का सेवन नहीं करेंगे, तो राज्य से बाहर जाने पर क्या स्थिति होगी? इसी आधार पर उन्होंने शपथ नहीं ली।

टॅग्स :बिहारजेडीयू
Open in App

संबंधित खबरें

ज़रा हटकेपटना स्थित राज्य महिला आयोग के दफ्तर में प्रेमी जोड़े ने की शादी, लड़के ने आयोग के सदस्यों की मौजूदगी में लड़की की मांग भरी

क्राइम अलर्ट2017 में रानी कुमारी से शादी, एक बेटा हुआ?, ससुराल बुलाकर पत्नी ने प्रेमी मो. शहजाद के साथ मिलकर पति महेश्वर राय को मार डाला, दुपट्टे से गला घोंटा

भारतमुख्यमंत्री नीतीश को जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा को लेकर सियासत, तेजस्वी ने कहा- ‘असम्‍मान जनक विदाई’, नीरज कुमार बोले- लालू जी की तरह परिवार को सीएम नहीं बनाएंगे?

क्राइम अलर्ट2020 में दोस्ती और 5 साल लिव इन में रहे?, 20 फरवरी 2026 को पटना में शादी, पति नीरज भंसाल मांगता है दहेज, 26 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर ईशिता ने की सुसाइड?

क्राइम अलर्टपड़ोस की युवती से बातचीत, विक्रम मंडल को 3 युवतियों ने पीट पीटकर मार डाला, परिवार में कोहराम

भारत अधिक खबरें

भारतLPG Cylinder Update: सिलेंडर के लिए अब लंबी वेटिंग खत्म! दिल्ली में बस ID कार्ड दिखाओ और 5KG सिलेंडर पाओ

भारतबाबा विश्वनाथ और ‘काशी कोतवाल’ काल भैरव में दर्शन-पूजन, सीएम योगी आदित्यनाथ पहुंचे मंदिर, वीडियो

भारतपश्चिम बंगाल चुनावः 4660 अतिरिक्त मतदान केंद्र?, कुल संख्या 85379 और 23 और 29 अप्रैल को 2 चरणों में पड़ेंगे वोट

भारतTamil Nadu Election 2026: क्या CBSE का नया सिलेबस भाषा विवाद की जड़? सीएम स्टालिन ने कहा- "भाषा थोपने का सुनियोजित प्रयास"

भारतFire Accident: ONGC मुंबई हाई प्लेटफॉर्म पर भीषण आग, 10 लोग घायल; राहत और बचाव कार्य जारी