नई दिल्लीः दिल्ली की अदालत ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को दिल्ली में शराब बेचने की नई नीति बनाने में कथित भ्रष्टाचार के मामले में बरी कर दिया है। इस मामले में 21 अन्य आरोपियों को भी बरी कर दिया गया। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के आरोपपत्र पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया। मनीष सिसोदिया ने कहा कि सत्यमेव जयते। आज एक बार फिर बाबा साहेब अम्बेडकर जी की दूरदर्शी सोच और उनके बनाए संविधान पर फ़ख़्र महसूस हो रहा है। मोदी जी की पूरी पार्टी और सारी एजेंसियों की हमें बेईमान साबित करने की तमाम कोशिशों के बावजूद आज साबित हो गया कि अरविंद केजरीवाल-मनीष सिसोदिया कट्टर ईमानदार है। सांसद संजय सिंह ने कहा कि कोर्ट ने नेताओं को बरी कर दिया। साबित हो गया की देश की सत्ता पर खतरनाक षड्यंत्रकारी राज कर रहा है।
चुनावों के चलते भाजपा के ‘सुविधाजनक सहयोगियों’ के खिलाफ कार्यवाही ठंडी पड़ जाएगी : कांग्रेस
कांग्रेस ने आबकारी नीति से जुड़े कथित घोटाले के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और कई अन्य को बरी किए जाने के बाद शुक्रवार को दावा किया कि गुजरात और पंजाब के विधानसभा चुनावों के मद्देनजर आम आदमी पार्टी में भाजपा के ‘‘सुविधाजनक सहयोगियों’’ के खिलाफ कार्यवाही ठंडी पड़ जाएगी। पार्टी के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने यह आरोप भी लगाया कि भाजपा एक ‘इच्छाधारी नाग’ है जो सिर्फ कांग्रेस को हराने के लिए अपना रूप बदलती रहती है और इसके लिए वह किसी भी स्तर तक गिर सकती है।
आम आदमी पार्टी ने एक्स पर लिखा है कि सत्य अमर है, सत्य अमिट है। आज कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल जी और मनीष सिसोदिया जी को फ़र्ज़ी शराब घोटाले में निर्दोष करार देकर BJP के झूठ पर सदा के लिए ताला लगा दिया है। इस लड़ाई में हमारा साथ देने वाले करोड़ों देशवासियों का दिल से धन्यवाद। हम देश के लिए पूरी ईमानदारी से लड़ते आए हैं और लड़ते रहेंगे।
दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि ये आंसू BJP की झूठी और फ़र्ज़ी राजनीति पर भारी पड़ेंगे…. आज कोर्ट ने कह दिया है कि अरविंद केजरीवाल कट्टर ईमानदार हैं, मनीष सिसोदिया कट्टर ईमानदार हैं और आम आदमी पार्टी कट्टर ईमानदार है। सीबीआई आप की पूर्ववर्ती सरकार द्वारा अब रद्द की जा चुकी आबकारी नीति के निर्माण और कार्यान्वयन में कथित भ्रष्टाचार की जांच कर रही है।
विशेष न्यायाधीश जितेंद्र सिंह ने जांच में हुई चूक के लिए संघीय जांच एजेंसी को फटकार लगाते हुए कहा कि केजरीवाल के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं थे, जबकि सिसोदिया के खिलाफ प्रथम दृष्टया कोई मामला नहीं बनता था। उन्होंने ‘‘कुछ भ्रामक कथनों’’ पर जोर दिया और कहा कि विस्तृत आरोपपत्र में कई कमियां हैं जिनकी पुष्टि सबूतों या गवाहों से नहीं होती है।
न्यायाधीश सिंह ने कहा, ‘‘...आरोपपत्र में आंतरिक विरोधाभास हैं, जो साजिश की थ्योरी की जड़ पर प्रहार करते हैं।’’ उन्होंने कहा कि किसी भी सबूत के अभाव में केजरीवाल के खिलाफ लगाए गए आरोप टिक नहीं सकते और पूर्व मुख्यमंत्री को बिना किसी ठोस सबूत के फंसाया गया है। न्यायाधीश ने कहा कि यह कानून के शासन के प्रतिकूल था।
सिसोदिया के संबंध में न्यायाधीश ने कहा कि रिकॉर्ड में ऐसा कोई सबूत नहीं है जो उनकी संलिप्तता को दर्शाता हो और न ही उनसे कोई बरामदगी की गई है। मामले में विस्तृत आदेश की प्रतीक्षा है। सत्य को परेशान किया जा सकता है लेकिन पराजित नहीं। देश की सत्ता पर एक खतरनाक साजिशकर्ता व्यक्ति राज कर रहा है और वह नरेंद्र मोदी हैं।
उनके साथ खतरनाक गृह मंत्री अमित शाह हैं। इन लोगों ने कट्टर ईमानदार व्यक्ति अरविंद केजरीवाल जी, मनीष सिसोदिया जी और आम आदमी पार्टी को बदनाम करने के लिए भयंकर षड्यंत्र रचा। प्रधानमंत्री और भाजपा में अगर जरा भी शर्म बची हो तो उन्हें कट्टर ईमानदार नेता को बदनाम करने और परेशान करने के लिए तुरंत माफ़ी मांगने चाहिए।
पंजाब के सीएम भगवंत मान ने कहा कि सच की हमेशा जीत होती है। 'आप' सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल जी और दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया जी को दिल्ली की माननीय अदालत द्वारा शराब घोटाले मामले में बरी कर दिया गया है। माननीय अदालत के इस फैसले ने सच्चाई को सबके सामने ला दिया है। समय के साथ बाकी सभी मामलों की सच्चाई भी सामने आ जाएगी। इंकलाब ज़िंदाबाद।