लाइव न्यूज़ :

कोविशील्ड वैक्सीन ट्रायल में 'साइड इफेक्ट' पर 5 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग! मद्रास हाई कोर्ट ने केंद्र को भेजा नोटिस

By विनीत कुमार | Updated: February 19, 2021 17:59 IST

कोविशील्ड वैक्सीन के ट्रायल में हिस्सा लेने वाले एक शख्स ने मद्रास हाई कोर्ट में याचिका डाली है। इसके बाद कोर्ट ने केंद्र सरकार सहित सीरम इंस्टट्यूट और एस्ट्रा जेनेका से जवाब तलब किया है।

Open in App
ठळक मुद्देकोविशील्ड वैक्सीन को लेकर मद्रास हाई कोर्ट में पहुंची याचिकाआसिफ रियाज नाम के शख्स ने याचिका में कहा- ट्रायल के दौरान उसे गंभीर साइड इफेक्ट हुआयाचिका कोर्ट ने की मंजूर, केंद्र सहित सीरम इंस्टट्यूट को नोटिस, 26 मार्च को सुनवाई

मद्रास हाई कोर्ट ने एक शख्स की याचिका के बाद केंद्र सरकार सहित कोरोना वैक्सीन बनाने वाली सीरम इंस्टट्यूट ऑफ इंडिया (CII) और एस्ट्रा जेनेका यूके को नोटिस जारी किया है। शख्स ने अपनी याचिका में दावा किया है कि कोविशील्ड के क्लिनिकल ट्रायल में हिस्सा लेने के बाद उसे गंभीर साइड इफेक्ट्स हुए।

कोविशील्ड दरअसल ऑक्सफोर्ड एस्ट्रा जेनेका की कोविड-19 की वैक्सीन है, जिसका भारत में निर्माण पुणे स्थित सीरम इंस्टट्यूट कर रही है। 

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार आसिफ रियाज ने अपनी याचिका में कहा है कि ट्रायल के दौरान कोविशील्ड की पहली डोज लेने के बाद उसे काफी गंभीर साइड इफेक्ट हुआ और हालत ये हुई कि उसे 11 अक्टूबर, 2020 से दो हफ्ते के लिए अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा।

याचिकाकर्ता ने मांग की है कि कोविशील्ड को असुरक्षित घोषित किया जाए। साथ ही आसिफ ने उसे और उसके परिवार को हुई परेशानी और मानसिक तनाव के लिए पांच करोड़ के हर्जाने की भी मांग की है।

कोर्ट ने आसिफ की याचिका मंजूर कर ली है और संबंधित विभागों को नोटिस जारी किया है। इसमें ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI), डायरेक्टर जनरल ऑफ इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च और अन्य शामिल हैं। इस मामले की अगली सुनवाई अब 26 मार्च को होनी है।

बता दें कि भारत में कोरोना की वैक्सीन लगाने की शुरुआत 16 जनवरी, 2021 को हुई थी। भारत सरकार ने कोविशील्ड और भारत बायोटेक की कोवैक्सीन को पहले फेज में स्वास्थ्यकर्मियों को लगाने की इजाजत दी है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार भारत में अब तक (18 फरवरी) कुल 1,01,88,007 लोगों को वैक्सीन लगाई गई है।

भारत में दुनिया में सबसे तेजी से वैक्सीनेशन का काम हो रहा है। भारत अब दुनिया में सबसे ज्यादा कोरोना वैक्सीन लगाए जाने जाने के मामले में चौथे नंबर पर पहुंच गया है। पहले स्थान पर अमेरिका, दूसरे स्थान पर चीन और तीसरे स्थान पर ब्रिटेन हैं। हालांकि इन तीनों देशों में वैक्सीन लगाने का काम भारत से पहले ही शुरु हो गया था।

टॅग्स :कोरोना वायरस वैक्सीन ट्रायलकोरोनावायरस वैक्सीनकोविड-19 इंडियाकोरोना वायरस
Open in App

संबंधित खबरें

विश्वआज मानवता के सामने अनेक बड़ी चुनौतियां, पहले कोरोना आया, फिर युद्ध और अब energy crisis?, पीएम मोदी ने कहा- ये आपदाओं का दशक, वीडियो

स्वास्थ्यकौन हैं डॉ. आरती किनिकर?, सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा में खास उपलब्धि के लिए लोकमत महाराष्ट्रीयन ऑफ द ईयर 2026 पुरस्कार

स्वास्थ्यLMOTY 2026: हजारों मरीजों के लिए आशा की किरण?, डॉ. गौतम भंसाली को 'लोकमत महाराष्ट्रीयन ऑफ द ईयर 2026' पुरस्कार

स्वास्थ्यCOVID-19 infection: रक्त वाहिकाओं 5 साल तक बूढ़ी हो सकती हैं?, रिसर्च में खुलासा, 16 देशों के 2400 लोगों पर अध्ययन

भारत'बादल बम' के बाद अब 'वाटर बम': लेह में बादल फटने से लेकर कोविड वायरस तक चीन पर शंका, अब ब्रह्मपुत्र पर बांध क्या नया हथियार?

भारत अधिक खबरें

भारत'भारत अब नक्सल-मुक्त है': अमित शाह ने छत्तीसगढ़ में उग्रवाद के खात्मे की घोषणा की

भारतMadhya Pradesh: खेलते‑खेलते कार में बंद 4 साल की बच्ची की मौत, दो घंटे तक किसी ने नहीं देखा

भारतमुंबई और अहमदाबाद के बीच भारत की पहली बुलेट ट्रेन की पहली झलक सामने आई

भारतमहाराष्ट्र के पालघर में शादी के परिवार को ले जा रहे एक ट्रक की दूसरे ट्रक से टक्कर, 12 की मौत, 20 से ज़्यादा घायल

भारतरांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में महिला कैदी का किया गया यौन शोषण, हुई गर्भवती, कराया गया गर्भपात! नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र