लाइव न्यूज़ :

RSS को टक्कर देगा कांग्रेस का सेवा दल, जानिए कब हुई इसकी शुरुआत

By ऐश्वर्य अवस्थी | Updated: June 11, 2018 13:55 IST

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और उससे जुड़े संगठनों को कांग्रेस की ओर से टक्कर की जाने की तैयारी की गई है।

Open in App

नई दिल्ली, 11 जून : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और उससे जुड़े संगठनों को कांग्रेस की ओर से टक्कर की जाने की तैयारी की गई है। कांग्रेस अपने सेवा दल के जरिए हर महीने के आखिरी रविवार को एक हजार जिलों, शहरों में ध्वज वंदन कार्यक्रम आयोजित करेगा। सेवा दल अपने  ध्वज वंदन कार्यक्रमों में गांधी और नेहरू के सिद्धांतों और धर्मनिरपेक्षता, सहिष्णुता और बहुलवादी विचारों पर आधारित राष्ट्रवाद पर विमर्श शुरू करने का प्रयास करेगा। 

कहा जा रहा है कि कार्यक्रम को राहुल गांधी से स्वीकृति मिलने की देरी है। जैसे ही राहुल इस पर मुहर लगाते हैं सेवा दल इस कार्यक्रम को लेकर आगे बढ़ेगा। आरएसएस को टक्कर देने के लिए ये देश में 1000 जगह ध्वज वंदन कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी कर रहा है। कार्यक्रम पर अमल के लिए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की मंजूरी का इंतजार है। उम्मीद है कि सोमवार को राहुल की मौजूदगी में इसकी घोषणा की जाएगी। 

इस कार्यक्रम के लिए एक रूपरेखा भी तैयार की गई है। वहीं, सेवा दल के मुख्य आयोजक लालजी भाई देसाई ने बताया कि अब सेवा दल पहले की तरह सक्रिय नहीं है। सेवा दल को कांग्रेस के कार्यक्रमों की जिम्मेदारी भी नहीं दी जाती है। हम सेवा दल को दोबारा खड़ा कर पार्टी का सहयोग करने की कोशिश में हैं। तीन महीने का प्रशिक्षण 

आयोजक लालजी भाई देसाई  के मुताबिक अगले तीन महीने देशभर में सेवा दल के प्रशिक्षण शिविर लगाए जाएंगे। इसका पहला कैंप 11 जून से मणिपुर में शुरू होगा, जिसमें सेवा दल के स्वयंसेवक और पूर्वोत्तर में कांग्रेस के पदाधिकारी शामिल होंगे।  सेवा दल की शुरुआत

1 जनवरी 1924 को सेवा दल की शुरुआत एनएस हार्डिकर ने आंध्र प्रदेश के किनाडा से की थी। वहीं, कांग्रेस के इस सेवा दल को पहले हिंदुस्तानी सेवा दल के नाम से जाना गया। आजादी की लड़ाई में शामिल कांग्रेस के कई बड़े नेता इसके सदस्य रहे हैं। पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू कांग्रेस सेवा दल के पहले अध्यक्ष बनाए गए थे। 1932 में इस पर कांग्रेजों ने रोक  दिया था।

फिलहाल कांग्रेस के इस सेवा दल पर बीजेपी या आरएसएस की ओर से कोई भी प्रतिक्रिया नहीं आई है। ऐसे में देखना होगा कि ये सेवा दल आरएसएस को टक्कर देता है या फिर नहीं।

टॅग्स :कांग्रेसआरएसएसभारतीय जनता पार्टीराहुल गाँधी
Open in App

संबंधित खबरें

कारोबारवायनाड पुनर्वासः 200 से अधिक लोगों की मौत और 5.38 करोड़ रुपये खर्च?, कांग्रेस ने धनराशि का हिसाब किया सार्वजनिक

भारतअल्पसंख्यकों पर हमला करने वाले लोगों के साथ सीएम विजयन?, राहुल गांधी ने कहा- 140 में से 100 सीट जीतकर बनाएंगे सरकार?, भाजपा 0 पर आउट?

कारोबारकेरलम विधानसभा चुनावः वृद्ध आबादी 16.5 प्रतिशत?, पेंशन, स्वास्थ्य सुविधाएं और सुरक्षा सबसे बड़े चुनावी मुद्दे?, देखिए किस दल ने क्या दिया तोहफा?

ज़रा हटकेVIDEO: असम में योगी का बड़ा बयान, 'घुसपैठियों को बाहर करना ही होगा'

भारतश्रीपेरंबुदूर से उम्मीदवार तमिलनाडु कांग्रेस अध्यक्ष सेल्वापेरुन्थगई, 27 उम्मीदवार घोषित, देखिए

भारत अधिक खबरें

भारततमिलनाडु चुनावों के लिए BJP का टिकट न मिलने के बाद अन्नामलाई ने दिया अपना स्पष्टीकरण

भारतलखनऊ सहित यूपी के 17 शहरों में कूड़े का अंबार?, मतदान करने असम गए हजारों सफाईकर्मी, 12 अप्रैल को लौंटेगे?

भारतबारामती विधानसभा सीटः सुनेत्रा पवार के खिलाफ प्रत्याशी ना उतारें?, सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा- निर्विरोध जिताएं, सभी दलों से की अपील

भारत'एकनाथ शिंदे और बलात्कार के आरोपी अशोक खरात के बीच 17 बार फोन पर बातचीत हुई', अंजलि दमानिया का आरोप

भारतमोथाबाड़ी में न्यायिक अधिकारी को किया अगवा और असली आरोपी फरार?, सीएम ममता बनर्जी ने कहा- निर्दोष लोगों को परेशान कर रही एनआईए