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असम में कांग्रेस का घोषणापत्र: सीएए को निष्प्रभावी करने के लिए कानून, कृषि ऋण माफी का वादा

By भाषा | Updated: March 21, 2021 00:16 IST

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गुवाहाटी, 20 मार्च कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने असम विधानसभा चुनाव के लिए शनिवार को अपनी पार्टी का घोषणापत्र जारी करते हुए ‘‘पांच गारंटी’’ दी। इनमें प्रत्येक गृहिणी को हर महीने 2,000 रुपये देने और संशोधित नागरिकता अधिनियम (सीएए) को निष्प्रभावी करने के लिए कानून लाना शामिल है।

कांग्रेस ने किसानों के कृषि ऋणों को माफ करने और महिलाओं को सूक्ष्म वित्तीय संस्थानों से ऋण, पीडीएस के माध्यम से केरोसिन और चीनी वितरित करने, 10 रुपये में दोपहर का भोजन और चावल की कीमत प्रति क्विंटल 2,500 रुपये देने का वादा किया।

गांधी ने कहा, ‘‘हालांकि कांग्रेस का चिह्न दस्तावेज में है, लेकिन यह वास्तव में लोगों का घोषणापत्र है। इसमें असम के लोगों की आकांक्षाएं शामिल हैं।’’

कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में सार्वजनिक क्षेत्र में पांच लाख सरकारी नौकरियां देने और सभी को हर महीने 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने का भी वादा किया है। इसके अलावा, चाय बागान श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी बढ़ाकर 365 रुपये करने का भी वादा किया गया है।

गांधी ने कहा कि कांग्रेस असम के उस विचार की हिफाजत करने का वादा करती है, जिसमें संस्कृति, भाषा, परंपरा, इतिहास और सोचने का तरीका समाहित है।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह हमारा वादा है। आप जानते हैं कि भाजपा और आरएसएस भारत तथा असम की विविधतापूर्ण संस्कृति पर हमले कर रहे हैं। हम इससे रक्षा करेंगे।’’

विपक्षी दल ने उन महिलाओं के कर्ज माफ करने का वादा किया जिन्होंने सूक्ष्म-वित्तीय बैंकों से कर्ज लिया है।

घोषणापत्र में कहा गया है, ‘‘किसानों के कृषि ऋण माफ किये जाएंगे।’’

घोषणापत्र में कहा गया है कि अगर पार्टी सत्ता में आयी तो सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से केरोसिन और चीनी का वितरण फिर से शुरू किया जाएगा।

दस्तावेज में संगठित और असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए ‘‘अमार पाकघर’ (हमारी रसोई) के माध्यम से 10 रुपये में दोपहर का भोजन उपलब्ध कराने का भी उल्लेख किया गया है।

उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस एक क्विंटल चावल की कीमत 2,500 रुपये रखेगी और इसे लागू करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।’’

यह पूछे जाने पर कि वादों को पूरा करते समय वित्तीय प्रभावों को कैसे संभाला जाएगा क्योंकि असम पहले से ही कर्ज में है, गांधी ने कहा कि कांग्रेस टीम ने सभी आकलन किए हैं और ये ‘‘गारंटी’’ हैं जिन्हें किसी भी कीमत पर लागू किया जाएगा।

उन्होंने कहा, ‘‘पिछले पांच वर्षों के दौरान असम में भाजपा का कुप्रबंधन था। हम छत्तीसगढ़, राजस्थान और पंजाब जैसे राज्यों में सरकारें चला रहे हैं और हमें इन सरकारों को चलाने और गरीबों की देखभाल करने में कोई समस्या नहीं है।’’

गांधी ने कहा कि यदि किसी का ध्यान केवल दो-तीन ‘‘करीबी दोस्तों’’ के लिए चीजें करने पर केंद्रित हो तो वह आम आदमी पर ध्यान केंद्रित करने वाली सरकार की बजाय ‘‘पूरी तरह से अलग सरकार’’ होगी।

उन्होंने कहा, ‘‘यह एक आम आदमी का घोषणापत्र है। हम नरेन्द्र मोदी के मित्र को हवाई अड्डा नहीं देने जा रहे। हम अमीर आदमी को हजारों करोड़ रुपये नहीं देने जा रहे। ऐसा नहीं होने वाला है। इस तरह से हमें (वादों के लिए) पैसा मिलेगा।’’

कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि केंद्र में भाजपा सरकार ने देश की सबसे बड़ी ताकत- अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाकर भारत को ‘‘नष्ट’’ कर दिया है, जिसे संप्रग द्वारा धीरे-धीरे और श्रमसाध्य रूप से बनाया गया था।

उन्होंने कहा, ‘‘संप्रग के कार्यकाल के दौरान, हमारे पास नौकरियां थीं और विकास दर नौ प्रतिशत थी। राजग के समय, देश की आर्थिक रीढ़ को नष्ट कर दिया गया है। नोटबंदी और जीएसटी ने नौकरियों सृजित करने की भारत की क्षमता को नष्ट कर दिया है।’’

गांधी ने कहा कि सत्तारूढ़ भाजपा के पास असम और देश की सभी प्रमुख परिसंपत्तियों और संसाधनों का निजीकरण करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।

उन्होंने कहा, ‘‘हम पूरी तरह से इसके खिलाफ हैं। ऐसी चीजें हैं जिनका निजीकरण किया जा सकता है, लेकिन रणनीतिक परिसंपत्ति का निजीकरण नहीं किया जाना चाहिए। रणनीतिक परिसंपत्ति देश की रक्षा करती हैं। यहां मुख्य समस्या भाजपा द्वारा बनाई गई समस्या है। असम कर्ज में डूबा है क्योंकि भाजपा ने भारतीय आर्थिक व्यवस्था को नष्ट कर दिया है।’’

गांधी ने कहा कि एमएसएमई, कृषि और कई अन्य क्षेत्र काम नहीं कर रहे हैं, जिससे रोजगार सृजन ठप हो गया है।

उन्होंने कहा कि लोगों को विभाजित करके और केवल दो-तीन लोगों के बल पर देश नहीं चलाया जा सकता है, इसे गरीब लोगों के साथ चलाया जा सकता है और कांग्रेस इसे अच्छी तरह जानती है।

गांधी ने कहा कि सरकार में भ्रष्टाचार के किसी भी रूप के प्रति कांग्रेस की ‘‘बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करने’’ की नीति होगी।

कांग्रेस के नेतृत्व वाले 'महागठबंधन’ के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के बारे में पूछे जाने पर गांधी ने कहा कि विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद इसका फैसला किया जाएगा।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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