लखनऊ: बीते दिनों दावोस में चल रही विश्व आर्थिक मंच की बैठक शामिल होने के लिए देश के कई मुख्यमंत्री और उद्योगपति गए थे. दावोस में मुख्यमंत्रियों ने कई बड़े औद्योगिक करार किए. इस बैठक में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को निमंत्रण मिला था लेकिन वह नहीं गए. सूबे के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना को इस बैठक में भेजा गया. आखिर इतने महत्वपूर्ण आयोजन में सीएम योगी खुद क्यों नहीं गए? इसका खुलासा अब हुआ है.
बताया जा रहा है कि सीएम योगी को प्रदेश में औद्योगिक निवेश को लाने के लिए इसी माह जापान और सिंगापुर जाना है. इसलिए वह दावोस नहीं गए. अब 22 से 26 फरवरी इन दोनों देशों में सीएम योगी के जाने की तैयारी की जा रही है. प्रदेश का सीएम बनाने के बाद यह उनकी पांचवी विदेश यात्रा होगी.
यूपी आएगा 20 हजार करोड़ रुपए से अधिक का निवेश
औद्योगिक विकास विभाग के अधिकारियों के अनुसार इन्वेस्ट यूपी के अधिकारियों की टीम जापान और सिंगापुर के दौरा कर इन देशों से निवेश यूपी में लाने की नीव रख चुकी है. बताया जा रहा है कि सीएम योगी के जापान और सिंगापुर दौरे के दौरान यूपी में ग्रीन हाइड्रोजन और फाइनैशल सेक्टर में निवेश लाने पर वहां की कंपनियों के साथ करार (एएमयू) होना है.
इसके लिए इन्वेस्ट यूपी के अधिकारी लंबे समय से दोनों देशों के उद्योगपतियों आर अफसरों से संपर्क में हैं. सिंगापुर और जापान से यूपी में निवेश लाने के लिए इन्वेस्ट यूपी ने छह देशों की विशेष डेस्क का गठन किया है. इस डेस्क के अधिकारी इन देशों के निवेशकों से संपर्क कर उन्हें यूपी में निवेश करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं.
कुछ दिनों पहले इन्वेस्ट यूपी के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी इन दिनों देशों में गए थे. जहां उन्होंने 40 से ज्यादा निवेशकों के साथ बैठक कर यूपी में 20 हजार करोड़ रुपए से अधिक का निवेश लाने की नीव रखी थी.अब मुख्यमंत्री योगी के जापान और सिंगापुर दौरे के दौरान यूपी में इस निवेश को लाने के लिए जापान और सिंगापुर की कंपनियों के साथ एएमयू किया जाएगा. मुख्यमंत्री के इन दोनों देशों के दौरे के दौरान यूपी के कई बड़े अफसर भी उनके साथ जाएंगे.
इन कंपनियों के दिग्गजों से मिलेंगे सीएम योगी
मुख्यमंत्री योगी जापान और सिंगापुर में किन -किन कंपनियों के दिग्गजों से मिलेंगे इसका कार्यक्रम तय हो रहा है. जो कार्यक्रम अभी तक तय हुआ है, उसके अनुसार सीएम योगी जापान में टोक्यो, ओसाका-कोबे और यामानाशी जैसे क्षेत्रों में टोयोटा, होंडा, सुजुकी, सोनी, हिताची, मित्सुबिशी इलेक्ट्रिक, पैनासोनिक, ताकेडा और सॉफ्टबैंक जैसी औद्योगिक कंपनियों के दिग्गजों के साथ चर्चा करेंगे. ताकि यूपी में विनिर्माण, सटीक इंजीनियरिंग और उन्नत तकनीकों में निवेश को लाया जा सके.
इसी प्रकार सीएम योगी सिंगापुर में टेमासेक होल्डिंग्स, जीआईसी, कैपिटालैंड, सेमकॉर्प इंडस्ट्रीज, विल्मर इंटरनेशनल, एसटी टेलीमीडिया ग्लोबल डेटा सेंटर्स और ओलैम इंटरनेशनल जैसी कंपनियों के दिग्गजों से मिलकर इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, डेटा सेंटर, स्मार्ट सिटी, खाद्य प्रसंस्करण और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश लाने के लिए चर्चा करेंगे.
सीएम योगी का पांचवां विदेश दौरा यूपी के मुख्यमंत्री के रूप में योगी आदित्यनाथ की जापान और सिंगापुर की यह पांचवीं विदेश यात्रा होगी. सीएम योगी यूपी के सीएम बनाने के छह माह के भीतर ही अगस्त 2017 में योगी म्यांमार गए थे. यंगून में आयोजित इंटरनेशनल कांफ्रेंस ऑन इन्वायरमेंट में वह शामिल हुए थे. इन यात्रा के दौरान उन्होंने भारत की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत के साथ दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत बनाने की पहल की थी. फिर सीएम योगी का दूसरा विदेश दौरा नवंबर 2017 में हुआ. तब वह मॉरीशस गए.
मारीशस में योगी ने प्रवासी भोजपुरी सम्मेलन में हिस्सा लिया. उस दौर में मॉरीशस जय श्री राम के नारों से गूंज उठा था. दिसंबर, 2018 में योगी आदित्यनाथ का तीसरा दौरा नेपाल के जनकपुर के लिए हुआ.नेपाल में वह राम सीता विवाह पंचमी में शामिल हुए. इसके बाद 10 अगस्त 2019 में चार दिवसीय यात्रा वह रूस गए थे. इस विदेश यात्रा में रूसी प्रतिनिधियों के साथ कृषि, खाद्य प्रसंस्करण व ऊर्जा क्षेत्र में निवेश को लेकर कई एएमयू साइन हुए थे. अब सीएम योगी अपनी पांचवी विदेश यात्रा में जापान और सिंगापुर जाने की तैयारी में हैं.