लाइव न्यूज़ :

मराठा आरक्षण आंदोलनः पांच विधायकों ने दिया इस्तीफा, CM फडणवीस ने बुलाई बैठक  

By रामदीप मिश्रा | Updated: July 27, 2018 05:08 IST

गुरुवार को मराठा आरक्षण आंदोलन के दौरान हिंसा के एक दिन बाद नवी मुंबई में एहतियात के तौर पर इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं। ये सेवाए सुबह बंद कर दी गईं ताकि सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अफवाहों को रोका जा सके।

Open in App

मुंबई, 27 जुलाईः मराठा आरक्षण आंदोलन के हिंसक होने के बाद महाराष्ट्र सरकार को आखिरकार अड़ियल रुख ढीला करना पड़ा। वह इस मुद्दे पर बातचीत के लिए भी तैयार हो गई है। साथ ही साथ गुरुवार देर शाम सूबे के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेताओं और मंत्रियों की बैठक बुलाई। बताया जा रहा है कि इस बैठक में  मराठा आरक्षण मुद्दे को लेकर विचार-विमर्श किया गया है। 

नवी मुंबई में इंटरनेट सेवाएं रहीं बंद

इधर, गुरुवार को मराठा आरक्षण आंदोलन के दौरान हिंसा के एक दिन बाद नवी मुंबई में एहतियात के तौर पर इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं। ये सेवाए सुबह बंद कर दी गईं ताकि सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अफवाहों को रोका जा सके। नवी मुंबई के कोपर खैरने और कलमबोली में बुधवार को प्रदर्शनकारियों के पथराव में करीब 20 पुलिसकर्मी जख्मी हो गए थे जिनमें आठ अधिकारी भी शामिल हैं।

महाराष्ट्र के पांच विधायक दे चुके इस्तीफा  महाराष्ट्र विधानसभा के सूत्रों ने बताया कि भरत भाल्के (कांग्रेस), राहुल अहेर (भाजपा) और दत्तात्रेय भारणे (राकांपा) ने विधायक पद से इस्तीफे दे दिए। इससे पहले बुधवार को हर्षवर्धन जाधव (शिवसेना) और भाऊसाहब पाटिल चिकटगांवकर (राकांपा) ने आरक्षण की मांग के समर्थन में इस्तीफा देने की पेशकश की थी। जाधव ने सुबह विधानसभा अध्यक्ष के कार्यालय को अपना इस्तीफा पत्र सौंपा। चिकटगांवकर ने कहा कि उन्होंने अपना इस्तीफा विधानसभा अध्यक्ष को ईमेल के जरिए भेज दिया। 

मैं इस मुद्दे पर निर्णय लेने में देरी नहीं करती: पंकजा 

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर मराठा आरक्षण के मुद्दे को लेकर निशाना साधते हुए उनकी कैबिनेट सहयोगी पंकजा मुंडे ने कहा कि यदि वह प्रभारी होती तो वह निर्णय लेने में विलंब नहीं करतीं। मुंडे ने बीड जिले के पारली में मराठा प्रदर्शनकारियों से कहा, ‘‘मराठा आरक्षण की फाइल यदि मेरी मेज पर होती, मैं उसे एक पल के लिए भी विलंबित नहीं करती। इस मुद्दे पर इसलिए देरी हो रही है क्योंकि यह उच्च न्यायालय में लंबित है।’’ भाजपा नेता एवं ग्रामीण विकास मंत्री मुंडे ने प्रदर्शनकारियों से कहा कि वह उन्हें सुनने के लिए आयी हैं और वह उन्हें कोई समझौता करने के लिए नहीं कहेंगी। ’’ देश-दुनिया की ताज़ा खबरों के लिए यहाँ क्लिक करे. यूट्यूब चैनल यहाँ सब्सक्राइब करें और देखें हमारा एक्सक्लूसिव वीडियो कंटेंट

टॅग्स :देवेंद्र फडनवीसमहाराष्ट्र
Open in App

संबंधित खबरें

क्राइम अलर्टशिक्षा संस्थाओं में भी अंधविश्वास का घेरा! 

भारतबारामती विधानसभा उपचुनावः सीएम फडणवीस की बात नहीं मानी?, कांग्रेस ने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के खिलाफ आकाश मोरे को चुनाव मैदान में उतारा

भारतLadki Bahin Yojana Row: महाराष्ट्र में 71 लाख महिलाएं अयोग्य घोषित, विपक्ष ने किया दावा, सरकार की जवाबदेही पर उठाए सवाल

भारतबारामती विधानसभा सीटः सुनेत्रा पवार के खिलाफ प्रत्याशी ना उतारें?, सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा- निर्विरोध जिताएं, सभी दलों से की अपील

क्राइम अलर्टफोन, पेनड्राइव और टैबलेट में 121 अश्लील वीडियो?, रवींद्र गणपत एरंडे ने सरकारी नौकरी का वादा कर अलग-अलग होटल में कई महिलाओं का यौन शोषण किया

भारत अधिक खबरें

भारतगोदामों से सीधे एलपीजी सिलेंडर की बिक्री पर सख्त प्रतिबंध, सीएम रेखा गुप्ता ने कहा-भंडारण केंद्रों पर न जाएं और न ही भीड़ में इकट्ठा हों

भारतउच्च शिक्षा और अनुसंधान की चुनौतियां

भारतआदिवासी खेल: नई प्रतिभाओं की तलाश में एक सार्थक पहल

भारतUP की महिला ने रचा इतिहास! 14 दिनों में साइकिल से एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं

भारतयूपी बोर्ड ने 2026-27 के लिए कक्षा 9 से 12 तक NCERT और अधिकृत पुस्तकें अनिवार्य कीं