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भाजपा अगले वर्ष से पहले ही राज्यसभा में बहुमत हासिल कर सकती है, सपा के कई नेता मोदी पाले में जाने को तैयार

By भाषा | Updated: July 22, 2019 04:33 IST

पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के पुत्र नीरज शेखर ने कहा कि सम्पर्क करने पर सपा के कई और नेता भाजपा में शामिल होना चाहेंगे। हालांकि, उन्होंने कहा कि पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव के नेतृत्व को लेकर पार्टी के नेताओं में ‘‘असंतोष’’ होने को लेकर ऐसा है।

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राज्यसभा में अपनी स्थिति बेहतर और मजबूत करने की कोशिश कर रही भाजपा ने पिछले कुछ हफ्तों में प्रतिद्वंद्वी दलों के कई सांसदों को अपने पाले में किया है। राज्यसभा में तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के छह सदस्यों में से चार सदस्य हाल ही में भाजपा में शामिल हुए हैं। वहीं, उच्च सदन में उत्तर प्रदेश से समाजवादी पार्टी के सदस्य नीरज शेखर ने भगवा पार्टी में शामिल होने के लिए अपनी सीट छोड़ दी है।

उत्तर प्रदेश विधानसभा में प्रचंड बहुमत होने के चलते भाजपा के इस सीट पर होने वाले चुनाव में जीत दर्ज करना निश्चित है। इस बारे में अटकलें लगाई जा रही हैं कि विपक्षी दलों के और भी सदस्य भाजपा में शामिल हो सकते हैं।

पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के पुत्र नीरज शेखर ने पीटीआई भाषा से कहा कि सम्पर्क करने पर सपा के कई और नेता भाजपा में शामिल होना चाहेंगे। हालांकि, उन्होंने कहा कि पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव के नेतृत्व को लेकर पार्टी के नेताओं में ‘‘असंतोष’’ होने को लेकर ऐसा है।

उन्होंने कहा, ‘‘वे लोग नेतृत्व (सपा नेतृत्व) से निराश हैं। यदि भाजपा के वरिष्ठ नेता उनसे बात करें तो मैं इसे लेकर आश्वस्त हूं कि उनमें से कई लोग आ सकते हैं।’’ नीरज शेखर ने कहा कि सपा में उन्होंने जिन चीजों का सामना किया, उसके परिणामस्वरूप उनका मन बदल गया। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव परिणाम ने भी यह संदेश दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कोई विकल्प नहीं है।

245 सदस्यीय राज्यसभा में भाजपा के सदस्यों की संख्या बढ़कर 78 हो गई है। भाजपा नीत राजग के अगले वर्ष अपने बूते बहुमत का आंकड़ा हासिल कर लेने की उम्मीद थी लेकिन अब ऐसा लगता है कि वह इसे पहले भी हासिल कर सकता है।

भाजपा सूत्रों ने कहा कि संख्या बल वर्तमान समय में इस तरह से है कि राजग विपक्ष से बेहतर स्थिति में होने की उम्मीद कर सकता है, बशर्ते कि बीजद, वाईएसआर कांग्रेस और टीआरएस उसका समर्थन करें लेकिन सत्तारूढ़ गठबंधन फिलहाल बहुमत से दूर है। इसके अलावा, हो सकता है कि जदयू जैसे उसके सहयोगी दल तीन तलाक और नागरिकता (संशोधन) विधेयक जैसे मुद्दों पर उसका समर्थन न करें।

इन चीजों को देखते हुए भाजपा उच्च सदन में अपना संख्याबल बढ़ाने के लिए प्रेरित हुई। प्रधानमंत्री मोदी सहित शीर्ष भाजपा नेताओं ने ओडिशा से राज्यसभा की तीन सीटों में से एक सीट अपने खाते में करने के लिए ओडिशा के मुख्यमंत्री एवं बीजद अध्यक्ष नवीन पटनायक का समर्थन मांगा है। भाजपा के एक नेता ने कहा कि कई ऐसी पार्टियां हैं जो भाजपा नीत राजग का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन मुद्दा आधारित समर्थन के लिए उन पर भरोसा किया जा सकता है।

उनका इशारा वाईएसआर कांग्रेस और बीजद की ओर था। गौरतलब है कि अपने सांसदों के इस्तीफा देने से रिक्तियां पैदा होने पर तेदेपा और सपा राज्य सभा के लिए अपने उम्मीदवारों को निर्वाचित कराने की स्थिति में नहीं हैं।

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