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अलग-अलग चुनाव लड़ रहे लेकिन सरकार में साथ हैं?, बावनकुले ने कहा-बीजेपी की आलोचना ना करिए अजित पवार, ‘अतीत के पन्ने खोलने’ के लिए मजबूर ना करें

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: January 7, 2026 18:38 IST

नगर निकाय चुनावों से पहले ‘महायुति’ की समन्वय समिति में सर्वसम्मति से लिये गये उस निर्णय की याद दिलाई कि भले ही गठबंधन के सहयोगी अलग-अलग चुनाव लड़ें लेकिन वे प्रचार के दौरान एक-दूसरे की आलोचना नहीं करेंगे।

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ठळक मुद्देविभिन्न महानगरपालिकाओं के चुनाव 15 जनवरी को होंगे। मुझे उम्मीद थी कि पवार उस आपसी सहमति का पालन करेंगे।एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना की आलोचना नहीं कर रहे हैं।

पुणेः महाराष्ट्र के मंत्री और भाजपा नेता चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा है कि उपमुख्यमंत्री अजित पवार को भाजपा की आलोचना करने से बचना चाहिए और उसे ‘‘अतीत के पन्ने खोलने’’ के लिए मजबूर नहीं करना चाहिए। भाजपा नेता बावनकुले ने मंगलवार को यहां संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए पवार को नगर निकाय चुनावों से पहले ‘महायुति’ की समन्वय समिति में सर्वसम्मति से लिये गये उस निर्णय की याद दिलाई कि भले ही गठबंधन के सहयोगी अलग-अलग चुनाव लड़ें लेकिन वे प्रचार के दौरान एक-दूसरे की आलोचना नहीं करेंगे।

राज्य में विभिन्न महानगरपालिकाओं के चुनाव 15 जनवरी को होंगे। बावनकुले ने कहा, ‘‘मुझे उम्मीद थी कि पवार उस आपसी सहमति का पालन करेंगे। दूसरी ओर, अगर आप देखें तो मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (भाजपा के) उस नियम का पालन कर रहे हैं क्योंकि वह पवार की पार्टी (राकांपा) या एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना की आलोचना नहीं कर रहे हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैं बस इतना कहना चाहता हूं कि कोई भी अतीत की बातों में वापस नहीं जाना चाहता। अजित दादा ‘महायुति’ के तीन प्रमुख नेताओं में से एक हैं और मुझे उम्मीद है कि वह भाजपा या अन्य गठबंधन सहयोगियों की आलोचना नहीं करेंगे।’’ पवार ने कथित तौर पर कहा था कि वह ‘महायुति’ में उन लोगों के साथ बैठे हैं।

जिन्होंने कभी उन पर 70,000 करोड़ रुपये के सिंचाई घोटाले में आरोप लगाए थे। इस संदर्भ में बावनकुल से पूछा गया कि क्या वास्तव में अनियमितताएं हुई थीं? इस पर बावनकुले ने कहा कि कथित घोटाले से जुड़ा मामला अभी भी अदालत में लंबित है। उन्होंने कहा, ‘‘फैसला आने के बाद सच्चाई सामने आ जाएगी।’’ 

हम जेएनयू में शरजील इमाम की ‘औलादों’ के इरादों को कुचल देंगे- फडणवीस

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को कहा कि जेएनयू में पैदा हुईं शरजील इमाम की "औलादों" के इरादों को कुचल दिया जाएगा। यह टिप्पणी जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में विरोध प्रदर्शन को लेकर हुए विवाद के मद्देनजर आई है।

उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को 2020 के दिल्ली दंगों की साजिश के मामले में कार्यकर्ताओं उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से इनकार कर दिया। नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के खिलाफ व्यापक विरोध प्रदर्शनों के दौरान फरवरी 2020 में उत्तर पूर्वी दिल्ली में दंगे भड़क उठे, जिसमें 53 लोग मारे गए और 700 से अधिक लोग घायल हो गए।

खालिद और इमाम को जमानत देने से इनकार किए जाने के विरोध में जेएनयू में हुए प्रदर्शन ने विवाद को जन्म दिया, जहां कथित तौर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को निशाना बनाते हुए आपत्तिजनक नारे लगाए गए थे। फडणवीस ने कहा, ‘‘हम जेएनयू में पैदा शरजील इमाम की इन औलादों के इरादों को कुचल देंगे। हम ऐसे इरादों को कुचल देंगे।’’

भाजपा अपने समर्पित कार्यकर्ताओं के अच्छे कामों की अनदेखी करती है: अजित पवार

महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार ने मंगलवार को अपनी सहयोगी भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्तारूढ़ पार्टी अपने पुराने कार्यकर्ताओं के संगठन के लिए किए गए अच्छे कामों की कद्र नहीं करती। पवार ने यह बात पुणे शहर के बानेर इलाके से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता और पूर्व पार्षद अमोल बलवडकर का उल्लेख करते हुए कही, जिन्हें भाजपा ने 15 जनवरी को होने वाले नगर निकाय चुनाव के लिए टिकट नहीं दिया। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के प्रमुख पवार नगर निकाय चुनाव से पहले पुणे जिले के पिंपरी-चिंचवड में एक रैली को संबोधित कर रहे थे।

बलवडकर ने टिकट न मिलने के बाद भाजपा से इस्तीफा दे दिया और राकांपा में शामिल हो गए। पवार ने अपने भाषण में कहा कि राकांपा ने न केवल अपने समर्पित कार्यकर्ताओं के काम को पहचाना, बल्कि उन्हें चुनाव में टिकट भी दिए।

हालांकि पवार ने कहा कि उनकी पार्टी केंद्र और महाराष्ट्र में सरकार में भाजपा के साथ गठबंधन में बनी हुई है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश को विकास के रास्ते पर ले जा रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मैं सिर्फ उन लोगों पर निशाना साध रहा हूं जो पुणे और पीसीएमसी (पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका) में सत्ता में थे, जहां पिछले नौ साल में विकास पटरी से उतर गया।’’ 

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