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BJP के एक और सांसद का 'बागी' तेवर, संसद के भीतर देगा मोदी सरकार के खिलाफ धरना

By खबरीलाल जनार्दन | Updated: June 4, 2018 09:57 IST

बीजेपी सांसद रवीद्र कुशवाहा के साथ विधायक सुरेंद्र सिंह भी अपनी ही सरकार के खिलाफ धरना देंगे। जानिए क्या हैं वजहें-

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बलिया (उ.प्र.), 4 जूनः भारतीय जनता पार्टी के पूर्वी उत्तर प्रदेश के सलेमपुर संसदीय क्षेत्र के सांसद रवीन्द्र कुशवाहा और विधायक सुरेन्द्र सिंह ने अलग-अलग कारणों से अपनी ही सरकार के खिलाफ धरना देने का एलान किया है। 

सलेमपुर से सांसद कुशवाहा ने अपने संसदीय क्षेत्र के बिल्थरा रोड तथा सलेमपुर में कुछ ट्रेनों के ठहराव की मांग को लेकर अगले माह सम्भावित संसद के मानसून सत्र के दौरान संसद परिसर में स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने धरना देने की घोषणा की है। 

कुशवाहा ने कल रात यहां संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि जनता का दबाव है कि उनके संसदीय क्षेत्र के बिल्थरा रोड तथा सलेमपुर रेलवे स्टेशन पर अनेक ट्रेनों का ठहराव हो। उन्होंने बताया कि वह इस सिलसिले में रेल मंत्री पीयूष गोयल को आठ बार पत्र लिख चुके हैं। संसद के पिछले सत्र की समाप्ति पर गोयल द्वारा बुलाई गई बैठक में भी उन्होंने इस मसले को उठाया था, फिर भी कोई नतीजा नहीं निकला। इसलिए अब सांसद ने बीजेपी आलाकमान और अपनी मोदी सरकार के खिलाफ 

मोदी सरकार सुनवाई ना होने से स्‍थानीय लोगों में सांसद की किरकिरी

रवींद्र कुशवाहा ने कहा कि ठहराव घोषित ना होने से आम जनता में सरकार की तो किरकिरी हो ही रही है, खुद उनके प्रति भी नाराजगी बढ़ रही है। इसी को देखते हुए उन्होंने संसद के आगामी मानसून सत्र में गांधी की प्रतिमा के समक्ष धरना देने का फैसला किया है।

यह भी पढ़ेंः आखिरकार आडवाणी ने मोदी सरकार को दिखाए तेवर, बोले- 'बागी होना जरूरी'

उधर, बैरिया से चर्चित भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह ने भी राज्य की योगी आदित्यनाथ सरकार के खिलाफ तल्ख तेवर अख्तियार किया है। विधायक ने बैरिया तहसील भ्रष्टाचार व्याप्त होने का आरोप लगाते हुए इसके विरोध में आगामी पांच जून को तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन करने की घोषणा की है।

बीजेपी के दूसरे सांसद भी कर चुके हैं शिकायत

बीजेपी आलाकमान में सुनवाई ना होने की शिकायतें अब खुलकर सामने आने लगी हैं। करीब दो महीने में पहले पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से सटे रॉबर्ट्सगंज के सांसद छोटेलाल ने यूपी सीएम योगी के द्वारा भगाए जाने की शिकायत की थी। उन्हीं दिनों इटावा के सांसद अशोक कुमार दोहरे ने भी चिट्ठी लिखकर सरकार में ना सुने जाने की शिकायत की थी। इसके अलावा कई वरिष्ठ नेता पहले ही मोदी सरकार से अपनी मत-भिन्नता जाहिर कर चुके हैं।

जरूर पढ़ेंः पीएम मोदी बखूबी जानते हैं इक्कों को 'जोकर' कैसे बनाना है

(भाषा के इनपुट से)

टॅग्स :भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी)नरेंद्र मोदी
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