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भाजपा एमएलसी ए एच विश्वनाथ ने टीपू सुल्तान को बताया ‘माटी का पुत्र’

By भाषा | Updated: August 27, 2020 05:01 IST

विधानपरिषद सदस्य ए एच विश्वनाथ ने पार्टी के रुख के विपरीत बुधवार को 18वीं शताब्दी के मैसूर के विवादास्पद शासक टीपू सुल्तान को ‘‘माटी का पुत्र’’ बताया है।

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ठळक मुद्देभाजपा एमएलसी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘... दक्षिण में टीपू सुल्तान थे ... ये वे लोग हैं जिन्होंने देश की आजादी के लिए बिगुल बजाया था।यह याद दिलाये जाने पर कि उनकी पार्टी भाजपा का टीपू पर एक अलग दृष्टिकोण है, तो एमएलसी ने कहा कि यह एक अलग मामला है।टीपू सुल्तान का जयंती समारोह एक वार्षिक सरकारी कार्यक्रम था जिसका विरोध भाजपा 2015 से कर रही थी।

बेंगलुरु: हाल में मनोनीत किये गए कर्नाटक भाजपा के विधानपरिषद सदस्य ए एच विश्वनाथ ने पार्टी के रुख के विपरीत बुधवार को 18वीं शताब्दी के मैसूर के विवादास्पद शासक टीपू सुल्तान को ‘‘माटी का पुत्र’’ बताया जिन्होंने आजादी के लिए अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी। विश्वनाथ गत वर्ष कांग्रेस-जदएस गठबंधन के खिलाफ बगावत करने के बाद भाजपा के पाले में चले गए थे।

उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘... दक्षिण में टीपू सुल्तान थे ... ये वे लोग हैं जिन्होंने देश की आजादी के लिए बिगुल बजाया था, इसी तरह संगोली रायन्ना (18 वीं शताब्दी के योद्धा और कित्तूर में स्वतंत्रता सेनानी) भी ... आजादी और बलिदान के प्रति उनके प्रेम के लिए हमें, इस देश को सिर झुकाना होगा।’’

यह याद दिलाये जाने पर कि उनकी पार्टी भाजपा का टीपू पर एक अलग दृष्टिकोण है, तो एमएलसी ने कहा कि यह एक अलग मामला है। उन्होंने कहा, ‘‘टीपू सुल्तान किसी भी पार्टी या जाति या धर्म के नहीं हैं। टीपू सुल्तान इस माटी के पुत्र हैं, इसलिए उन्हें किसी भी धर्म तक सीमित करके उन्हें सीमित नहीं करना चाहिए।’’

कर्नाटक में सत्ता में आने के तुरंत बाद, भाजपा सरकार ने टीपू सुल्तान के जयंती समारोह को रद्द कर दिया था। टीपू सुल्तान का जयंती समारोह एक वार्षिक सरकारी कार्यक्रम था जिसका विरोध भाजपा 2015 से कर रही थी जब इसे सिद्धारमैया के नेतृत्व वाली तत्कालीन कांग्रेस सरकार के शासनकाल के दौरान शुरू किया गया था।

विश्वनाथ ने साथ ही एक मंत्री, सांसद और विधायक के रूप में अपने पिछले अनुभव का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘मुझे उम्मीद है कि मुझे भी मौका दिया जा सकता है। उन्हें समझना चाहिए ... मुझे (मंत्री पद) दिया जाना चाहिए क्योंकि भाजपा के फिर से सत्ता में आने में मेरा भी योगदान है।’’ हालांकि, उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि सरकार को बेहतर बदलाव के लिए सत्ता में लाया गया था और केवल उन्हें मंत्री बनाने के लिए नहीं। 

टॅग्स :कर्नाटकभारतीय जनता पार्टी (बीजेपी)
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