Bihar: तेज प्रताप यादव ने की तमाम प्रमुख हिंदू तीर्थ स्थलों पर मांस और मदिरा की बिक्री पूरी तरह बंद करने की मांग
By एस पी सिन्हा | Updated: January 12, 2026 15:56 IST2026-01-12T15:56:00+5:302026-01-12T15:56:19+5:30
सोमवार को पटना में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कृष्ण भक्त तेज प्रताप यादव ने धार्मिक स्थलों की पवित्रता को लेकर ‘समान नियम’ की वकालत की है। उन्होंने अयोध्या में मांस बिक्री पर लगे प्रतिबंध का स्वागत करते हुए इसे सही कदम बताया।

Bihar: तेज प्रताप यादव ने की तमाम प्रमुख हिंदू तीर्थ स्थलों पर मांस और मदिरा की बिक्री पूरी तरह बंद करने की मांग
पटना: जनशक्ति जनता दल (जजद) प्रमुख एवं पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने एक बड़ा बयान देकर नई बहस छेड़ दी है। सोमवार को पटना में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कृष्ण भक्त तेज प्रताप यादव ने धार्मिक स्थलों की पवित्रता को लेकर ‘समान नियम’ की वकालत की है। उन्होंने अयोध्या में मांस बिक्री पर लगे प्रतिबंध का स्वागत करते हुए इसे सही कदम बताया।
तेज प्रताप ने कहा कि अगर अयोध्या के 15 किलोमीटर के दायरे में नॉनवेज पर रोक लग सकती है, तो वृंदावन को इससे बाहर क्यों रखा गया है? उन्होंने साफ कहा कि कान्हा की नगरी वृंदावन में खुलेआम शराब की दुकानें और नॉनवेज की बिक्री श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ है।
तेज प्रताप ने मांग की कि अयोध्या ही नहीं, बल्कि काशी, मथुरा और वृंदावन जैसे तमाम प्रमुख हिंदू तीर्थ स्थलों पर मांस और मदिरा की बिक्री पूरी तरह बंद होनी चाहिए। उनके मुताबिक, ये पवित्र स्थल सिर्फ भौगोलिक जगह नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का मरकज़ हैं, जहां समान नियम और समान मर्यादा लागू होनी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि हर धार्मिक स्थल की पवित्रता का सम्मान होना चाहिए। अगर एक जगह प्रतिबंध है और दूसरी जगह छूट, तो यह दोहरे मापदंड की राजनीति कहलाएगी। उनका मानना है कि ऐसे फैसले आस्था की रक्षा के लिए होने चाहिए, न कि चुनावी फायदे नुकसान के हिसाब से। उन्होंने कहा कि आस्था पूरी तरह व्यक्तिगत विषय है। जिसके दिल में सच्ची श्रद्धा है, वह मंदिर जाकर पूजा अर्चना करेगा। भक्ति और विश्वास के मामले में राजनीति या दबाव की कोई जगह नहीं होनी चाहिए।
इस दौरान पत्रकारों के एक सवाल पर तेज प्रताप भड़क गए। दरअसल, पत्रकारों ने तेजप्रताप यादव से पूछा था कि आप सभी दलों के नेताओं को मकर संक्रांति के चूड़ा-दही भोज में आमंत्रित कर रहे हैं, तो क्या आप मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को भी व्यक्तिगत तौर पर आमंत्रित करने जाएंगे?’ यह सवाल सुनते ही तेजप्रताप यादव भड़क गए।
उन्होंने कहा कि आमंत्रण लेकर सब जगह जाएंगे तो, आपको क्यों बेचैनी है? आप लोगों को भी बुलाएंगे। जाकर चलाइए न्यूज। बता दें कि तेजप्रताप यादव पिछले एक सप्ताह से लगातार बिहार के तमाम बड़े नेताओं से मिलकर उन्हें दही-चूड़ा भोज में आने का न्योता दे रहे हैं।
वह अबतक राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, मंत्री और रालोमो नेता दीपक प्रकाश, मंत्री और हम अध्यक्ष संतोष कुमार सुमन, बिहार विधान परिषद के अध्यक्ष अवधेश नारायण सिंह, मंत्री मदन सहनी, बिहार विधान सभा के अध्यक्ष प्रेम कुमार, वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी, मंत्री लेशी सिंह समेत कई नेताओं को आमंत्रण पत्र खुद अपने हाथों से दे चुके हैं।
उल्लेखनीय है कि बिहार की राजनीति में मकर संक्रांति का मतलब सिर्फ दही चूड़ा नहीं, बल्कि राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन का जरिया भी होता है। इस साल 14 जनवरी को पटना में नजारा कुछ खास होने वाला है। राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप ने अपनी नई पार्टी जनशक्ति जनता दल की ओर से महाभोज का ऐलान किया है।
तेज प्रताप की कोशिश है कि वह पिता लालू यादव की तरह चूड़ा-दही भोज कराएं। विधानसभा चुनाव में राजद को करारी हार मिली है। उससे पहले ही राजद से निकाले जाने के बदा तेज प्रताप यादव ने अपनी नई पार्टी जनशक्ति जनता दल बनाई है। तेज प्रताप राजनीतिक रूप से भले सफल नहीं हुए हैं, लेकिन इस बार मकर संक्रांति के मौके पर बड़े पैमाने पर विरोधियों को एक साथ लाने की कोशिश कर रहे हैं।