पटनाः बिहार में राज्यसभा की पांचवीं सीट के लिए एनडीए और महागठबंधन के बीच मुकाबला देखने को मिल रहा है। इस इकलौती सीट को जीतने के लिए नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मंगलवार को पटना स्थित अपने आवास पर महागठबंधन के विधायकों और विधान पार्षदों का बैठक बुलाई थी। इस बैठक में कांग्रेस का एक भी विधायक शामिल नहीं हुए। हालांकि, कांग्रेस विधान पार्षद मदन मोहन झा ने बैठक में पहुंचकर अपनी पार्टी का प्रतिनिधित्व किया। इस बैठक में राजद के विधायक और विधान परिषद सदस्य के साथ-साथ कांग्रेस और वाम दलों के नेता भी पहुंचे थे।
Bihar Rajya Sabha Elections 2026: बैठक में राज्यसभा चुनाव की रणनीति
वहीं, इस बैठक में भागे लेने के लिए आमंत्रित किए जाने के बावजूद एआईएमआईएम का कोई भी सदस्य ने भाग नहीं लिया। बताया जाता है बैठक में राज्यसभा चुनाव की रणनीति पर चर्चा की गई। नेताओं के बीच इस बात पर विचार किया गया कि मतदान के दिन किस तरह से पूरी तैयारी के साथ वोट डाला जाए ताकि एक भी वोट खराब न हो।
बताया जा रहा है कि इस चुनाव में हर एक वोट बेहद महत्वपूर्ण है, इसलिए तेजस्वी यादव अपने सहयोगी दलों के नेताओं और विधायकों को जरूरी दिशा-निर्देश दे दिया है। इस बैठक में एआईएमआईएम के विधायकों के शामिल नहीं होने से सियासी गलियारों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। सवाल उठ रहा है कि क्या एआईएमआईएम राज्यसभा चुनाव में राजद का साथ देगी या फिर अलग रास्ता अपनाएगी?
Bihar Rajya Sabha Elections 2026: एआईएमआईएम विधायक अख्तरुल ईमान ने इनकार किया
दरअसल, राज्यसभा चुनाव के आंकड़ों ने इस मुकाबले को काफी दिलचस्प बना दिया है। जानकारी के मुताबिक किसी उम्मीदवार की जीत के लिए कम से कम इकतालीस वोट की जरूरत होती है। वहीं, बिहार में एआईएमआईएम के विधायक और प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान ने इससे इनकार किया है। अख्तरुल ईमान ने स्पष्ट कहा कि अभी हम लोगों से कोई संपर्क नहीं किया गया।
विधानसभा चलने के दौरान तेजस्वी यादव ने जरूर मुलाकात किया था, उनकी भी शर्त थी और हमारी भी शर्त थी। मगर, कोई बात नहीं हुई है। हमें क्या करना है हम आगे विचार करेंगे। इसबीच राजद विधायक अजय कुमार ने कहा कि पांचवीं सीट के लिए एनडीए के पास नंबर नहीं हैं, लेकिन हमारे पास नंबर हैं। एआईएमआईएम के विधायक भाजपा के पक्ष में कभी भी नहीं जाएंगे, यह हम लिखकर देते हैं।
Bihar Rajya Sabha Elections 2026: एडी सिंह 100 फीसदी जीतेंगे
जबकि भाकपा-माले के विधायक संजीव सौरव ने कहा कि हम लोगों के विधायक एनडीए के संपर्क में नहीं हैं, बल्कि उधर के कई विधायक हमारे संपर्क में है। भाजपा के खिलाफ संख्या चाहिए और जो भी भाजपा के विरोधी हैं, वह एक सीट जिताएंगे। वहीं, इंडीयन इंक्लूसिव पार्टी के विधायक आईपी गुप्ता ने कहा कि 45 से 50 वोट के साथ हम लोग जीतेंगे और कौन कह रहा है कि ओवैसी की पार्टी के विधायक नहीं आएंगे? वे हम लोग के साथ हैं। वे आएंगे और एडी सिंह 100 फीसदी जीतेंगे।
आईपी गुप्ता ने कहा कि उपेंद्र कुशवाहा को उनकी पार्टी को लोग ही वोट नहीं देंगे। उपेंद्र कुशवाहा को भाजपा अगर सच में राज्यसभा भेजना चाहती तो चार लोगों में उनका नाम रहता। पांचवीं सीट पर उन्हें क्यों उनको उतारा गया? बता दें कि महागठबंधन को 6 विधायकों की जरूरत है। इसबीच जदयू ने साफ कर दिया है कि जीत एनडीए की ही होगी। एनडीए के पास 202 विधायक हैं और 3 कम हैं।
Bihar Rajya Sabha Elections 2026: राजद के 25 विधायक अपने कब्जे में नहीं
जदयू के विधान पार्षद भीष्म साहनी ने कहा कि महागठबंधन में खुद सहमति नहीं है। राजद अलग राह पर है और कांग्रेस अलग राह पर है। इस बैठक से कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है, क्योंकि महागठबंधन के कई विधायक हमारे संपर्क में हैं। वहीं, भाजपा के विधान पार्षद नवल यादव ने कहा कि राजद के 25 विधायक भी उनके अपने कब्जे में नहीं हैं।
महागठबंधन के विधायक हम लोगों के संपर्क में हैं, इसलिए महागठबंधन की हार तय है। उन्होंने आगे कहा कि पांच में पांच सीट एनडीए जीतेगी तब पता चलेगा कौन कहां पर है। उधर, कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता राजेश राठौड़ ने कहा कि इंडिया गठबंधन की बैठक में पक्ष में निर्णय होगा और हमारे उम्मीदवार जीतेंगे।
Bihar Rajya Sabha Elections 2026: या नरेंद्र मोदी के साथ
ओवैसी साहब के विधायक भी हमें समर्थन करेंगे। विपक्षी एकता के तहत समर्थन करेंगे। अगर हम लोगों ने संपर्क नहीं किया है तो क्या नरेंद्र मोदी उनसे संपर्क किए हैं। अब उनको तय करना है कि गांधीवादी के लोगों के साथ रहना है या नरेंद्र मोदी के साथ।