लाइव न्यूज़ :

राजनीति में निराशा हाथ लगी तो बिहार के पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय देने लगे प्रवचन, बोले-भगवान की सेवा छोड़ कुछ नहीं करेंगे

By एस पी सिन्हा | Updated: June 27, 2021 19:05 IST

बिहार के पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय अब कथावाचक के अवतार में हैं। पांडेय ने कहा कि उनकी दिलचस्पी अब राजनीति से खत्म होती जा रही है और भगवान की ओर बढ़ती जा रही है।

Open in App
ठळक मुद्देबिहार के पूर्व डीजीपी कथावाचक के अवतार में नजर आ रहे हैं। पांडेय ने कहा कि उनकी दिलचस्पी राजनीति से खत्म होती जा रही है। गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा कि भगवान की सेवा छोड़कर अब वे कुछ नहीं करेंगे।

पटनाःबिहार के पूर्व डीजीपी व जदयू नेता गुप्तेश्वर पांडेय एक बार फिर सुर्खियों में हैं। बिहार के डीजीपी पद पर रहते हुए पांडे फिल्म अभिनेता दिवंगत सुशांत सिंह राजपूत मौत प्रकरण में महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल कर चर्चा में थे। अब वह कथावाचक के अवतार में हैं। पांडेय ने कहा कि उनकी दिलचस्पी अब राजनीति से खत्म होती जा रही है और भगवान की ओर बढ़ती जा रही है। बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव से पहले डीजीपी पद से वीआरएस लेकर गुप्तेश्वर पांडेय जदयू में शामिल हुए थे।

नेता बनने के लिए डीजीपी की नौकरी छोडने वाले गुप्तेश्वर पांडेय जब अपने लक्ष्य से चूके तो कह रहे हैं कि अब उन्हें सांसारिक बातों में रूचि नहीं है। उन्होंने अपने इस नए अवतार को लेकर आज मीडिया से कहा कि एक समय ऐसा आता है, जब आप जीवन के उद्देश्य और ईश्वर को जानना चाहते हैं। मैं कोई अपवाद नहीं हूं। मेरी दिलचस्पी अब भगवान में है और यह परिवर्तन अचानक नहीं हुआ है। 

पूर्व डीजीपी ने अपनी हार स्वीकारते हुए कहा कि मैं राजनीति में फेल हो गया। उन्होंने कहा कि राजनेता बनने की योग्यता उनमें नहीं है। इसके लिए ऊंची योग्यता और कई तरह के गुण होने चाहिए जो हममें नहीं हैं। उन्होंने कहा कि राजनीति करना इतना आसान काम नहीं है। हर आदमी चाहता है वो विधायक और मंत्री बने, लेकिन नेता बनने के लिए बहुत गुण और ऊंची योग्यता चाहिए।

राजनीति में फेल होने की बात स्वीकारीगुप्तेश्वर पांडेय ने स्वीकार किया कि मुझमें वो योग्यता नहीं, मैं उस लायक नही हूं। उन्होंने कहा कि जब से मैंने नौकरी करना शुरू किया तब से ये काम करना चाहता था। पांडेय ने कहा कि जो लोग इसे मेरा नया अवतार बता रहे हैं, वे मुझे नहीं जानते हैं। उन्होंने कहा कि मेरी रूचि इसमें बचपन से रही है। उन्होंने कहा कि जब मैं 14 साल का था तब से इस तरह के कार्यक्रमों में बढ-चढकर भाग लिया करता था, लेकिन नौकरी के दौरान कथा कहने की स्वतंत्रता नहीं थी। उन्होंने कहा कि ये जीवन का अंतिम लक्ष्य होता है कि भगवन की शरण में भक्तिमय होना है। तो मैं ये कर रहा हूं तो इसमें क्या बड़ी बात है। 

राजनीति से मेरा ध्यान हट चुका-पांडेय

गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा कि मेरा स्वभाव अब सतोगुण की ओर हो गया है, जिसकी वजह से राजनीति से मेरा ध्यान हट चुका है। जब उनसे पूछा गया कि क्या वे राजनीति करेंगे? इसपर पांडेय ने कहा कि भगवान की सेवा छोड़ अब वे कुछ नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि इंसान के भीतर जब तक रजोगुण रहता है, तब तक उसे इज्जत प्रतिष्ठा की चिंता रहती है, लेकिन जब यह गुण समाप्त हो जाता है और सतोगुण का प्रवेश कर जाता है तो इंसान का ध्यान भगवान की ओर चला जाता है।

14 साल की उम्र से कर रहे प्रवचन

उन्होंने बताया कि मैं 14 साल की आयु से ही हनुमान जयंती जैसे अलग-अलग मौकों पर लोगों को मंदिर में प्रवचन सुनाया करता था। आध्यात्म में मेरी शुरू से रुचि रही है। इसमें नया कुछ नहीं है। सेवा अवधि में भी मैंने कई अनुष्ठानों में हिस्सा लिया, लेकिन ड्यूटी के दौरान ऐसे कथा कहने की इजाजत नहीं थी, इसलिए मैंने तब ऐसा नहीं किया। मेरा मानना है कि ईश्वर के चरणों में जगह पाना इंसान का अंतिम लक्ष्य है। इसमें न्यूज जैसी कोई चीज नहीं है, लेकिन मीडिया का धन्यवाद उन्होंने मेरे निजी जिंदगी को जनता तक पहुंचाया।

गुप्तेश्वर पांडेय 1987 बैच के आईपीएस अधिकारी रहे

मूल रूप से बिहार के बक्सर जिले के रहने वाले गुप्तेश्वर पांडेय 1987 बैच के आईपीएस अधिकारी रहे हैं। उन्होंने एएसपी, एसपी, एसएसपी, आईजी, आईजी और एडीजी के तौर पर बिहार के 26 जिलों में अपनी सेवाएं दी हैं। पांडेय ने 2009 में बक्सर लोकसभा सीट से चुनाव लडने के लिए वीआरएस लिया, लेकिन टिकट मिला नहीं तो वापस सेवा में आने की अर्जी दी। इसे 9 महीने बाद नीतीश सरकार ने मंजूर कर लिया था। इसके बाद 2020 में विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए उन्होंने दोबारा वीआरएस लिया, लेकिन इस बार भी उनके हाथ निराशा लगी।

पिछले दिनों वायरल हुआ था वीडियो

पिछले दिनों पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय का एक वीडियो वायरल हो गया था, जिसमें वे भागवत कथा कहते हुए नजर आ रहे हैं। गुप्तेश्वर पांडेय सनातन धर्म के संत के रूप में वो परिधान धारण कर कथा सुनाते दिखते हैं। श्लोक और चौपाइयों को सुनाकर वो उसका अर्थ हिन्दी में भी सुनाते हैं और लोगों को जीवन का महत्व बताते हैं। ईश्वर का सिद्दांत और पाप तथा पुण्य की बात वो कथा के जरिये बताते दिखते हैं। यहां उल्लेखनीय है कि फिल्म अभिनेता दिवंगत सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद रिया चक्रवर्ती को लेकर दिए बयान को लेकर पूर्व डीजीपी ने काफी सुर्खियां बटोरी थीं।

टॅग्स :बिहार
Open in App

संबंधित खबरें

ज़रा हटकेबिहार के बक्सर जिले से सामने आई है एक दिलचस्प प्रेम कहानी, दो महिलाओं ने कर ली आपस में शादी, एक पहले से थी विवाहित, दूसरी कुंवारी

क्राइम अलर्टबिहार के मुजफ्फरपुर में इश्क, फरेब और साजिश के घिनौना खेल में सुहाग को ही रास्ते से हटाने का फरमान, गोलियों की तड़तड़ाहट के बीच थम गई पति का सांस

भारतबिहार में शराबबंदी कानून को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने उठाया सवाल, कहा- बिहार में 40 हजार करोड़ रुपये की एक समानांतर अवैध अर्थव्यवस्था खड़ी हो गई है

भारतमुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सामने जदयू नेताओं ने लगाया निशांत कुमार जिंदाबाद, CM भी मुस्कुराए

भारतबिहार में मुख्यमंत्री चुनना भाजपा के लिए बनी बड़ी सिरदर्दी, सम्राट चौधरी के नाम पर दल में टूट की संभावना, संघ बैकग्राउंड के नेता की हो रही है मांग

भारत अधिक खबरें

भारतहैदराबाद में हैं कांग्रेस नेता पवन खेड़ा, दिल्ली घर पर असम पुलिस ने की छापेमारी?, दिल्ली पुलिस की टीम कर रही मदद, वीडियो

भारतNBEMS GPAT 2026: आ गया जीपैट का रिजल्ट, डायरेक्ट लिंक से चेक करें अपना स्कोर

भारतMBOSE SSLC 10th Result 2026: कक्षा 10 का परिणाम घोषित?, परिणाम देखने के लिए इस लिंक पर जाइये

भारतKarnataka 2nd PUC Result 2026: रोल नंबर तैयार रखें, कभी भी आ सकता है रिजल्ट

भारत3 दिन के भारत दौरे पर बांग्लादेशी विदेश मंत्री, क्या सुलझेंगे पुराने मुद्दे? जानें क्या मुद्दे शामिल