पटनाः बिहार में कांग्रेस विधायकों के टूट की चर्चा के बीच कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सभी विधायकों को दिल्ली तलब किया है। पहले राहुल गांधी ने 23 जनवरी को सभी 6 विधायकों को दिल्ली बुलाया था। लेकिन अब राहुल गांधी ने सभी विधायकों को फौरन दिल्ली बुलाया है। बताया जाता है कि अब 22 जनवरी को ही दिल्ली में कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व और विधायकों में बैठक होगी। प्राप्त जानकारी अनुसार राहुल गांधी ने सभी कांग्रेस विधायकों को फौरन दिल्ली तलब किया है। 22 जनवरी को पार्टी हेडक्वाटर इंदिरा भवन में विधायकों के साथ बैठक होगी। इस दौरान राहुल गांधी सभी 6 विधायकों से वन टू वन बात करेंगे और जानने की कोशिश करेंगे कि उनकी नाराजगी क्या है। सूत्रों की मानें तो कल की बैठक में विधायक दल के नेता का चुनाव भी हो सकता है।
बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम, प्रभारी कृष्णा अल्लावारु मौजदू रहे रहेंगे। बता दें कि प्रदेश नेतृत्व की ओर से सदाकत आश्रम में लगातार बुलाई जा रही बैठकों में कई विधायकों की बार-बार गैरमौजूदगी के बाद दिल्ली से यह क्राइसिस मैनेजमेंट शुरू किया गया है।
दिल्ली में होने वाली इस अहम बैठक में कांग्रेस विधायक दल के नेता रह चुके शकील अहमद खां के साथ सांसदों को भी आमंत्रित किया गया है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, दूसरी पार्टियों के संपर्क में बताए जा रहे संदिग्ध विधायकों को खासतौर पर राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे या पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं से व्यक्तिगत मुलाकात कराने की तैयारी है।
22 जनवरी को दिल्ली पहुंचे सभी विधायकों से आलाकमान वन-टू-वन बातचीत करेगा और उनकी नाराजगी के कारणों को समझने की कोशिश की जाएगी। बातचीत के आधार पर संगठन में उनकी भूमिका बढ़ाने पर भी विचार किया जा सकता है। पार्टी नेतृत्व विधायकों को यह भी समझाने की कोशिश करेगा कि मौजूदा परिस्थितियों में दूसरी पार्टियों में जाने से उन्हें किन राजनीतिक जोखिमों का सामना करना पड़ सकता है और कांग्रेस में उनके लिए क्या संभावनाएं हैं। पार्टी सूत्रों की मानें तो इस दौरान विधायक दल नेता के चयन को लेकर भी चर्चा की जा सकती है।
आलाकमान सभी विधायकों के बीच आपसी सहमति बनाने का प्रयास करेगा। यदि सर्वसम्मति नहीं बनती है तो बिहार कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से बातचीत के बाद राष्ट्रीय नेतृत्व विधायक दल नेता के नाम पर अंतिम मुहर लगा सकता है।
उल्लेखनीय है कि कांग्रेस विधायकों के बीच आपसी खींचतान के चलते विधानसभा चुनाव परिणाम आए हिस्सेदारी जैसे मुद्दों को स्पीकर के समक्ष प्रभावी ढंग से नहींदो महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद अब तक विधायक दल नेता का चयन नहीं हो सका है। इस दौरान विधानसभा का एक सत्र भी समाप्त हो चुका है और अब बजट सत्र सामने है। विधायक दल नेता नहीं होने के कारण समितियों में उठाया जा सका।