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अब अयोध्या मसले पर इन्होंने किया श्री श्री रविशंकर समर्थन, कहा बातचीत से निकल सकता है हल 

By भाषा | Updated: November 12, 2018 19:18 IST

मामले के एक प्रमुख मुद्दई ने इस मसले में श्री श्री रविशंकर की परस्पर वार्ता के जरिए हल निकालने की पूर्व में की गई कोशिश का समर्थन किया

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राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद का अदालत से हल निकलने में हो रही देर और मंदिर निर्माण के वास्ते कानून बनाने के लिए केंद्र सरकार पर विभिन्न हिंदूवादी संगठनों की ओर से लगातार बढ़ते दबाव के बीच इस मसले का बातचीत के जरिए हल निकाले जाने की एक नई किरण नजर आई है ।

मामले के एक प्रमुख मुद्दई ने इस मसले में श्री श्री रविशंकर की परस्पर वार्ता के जरिए हल निकालने की पूर्व में की गई कोशिश का समर्थन किया है। 

अयोध्या प्रकरण के प्रमुख मुद्दई हाजी महबूब अहमद ने सोमवार (12 नवंबर) अपने एक लिखित बयान में कहा है कि वह रविशंकर के प्रयासों का पूरा समर्थन करते हैं और आपसी बातचीत के जरिए निकाले गए हल से ही लंबे वक्त तक हिंदू और मुसलमानों के बीच सौहार्द कायम रह सकता है। 

हाजी महबूब ने टेलीफोन पर 'भाषा' से बातचीत में कहा कि अयोध्या मसले का हल आपसी प्रेम भाव से हो जाए तो बेहतर है। हर सुलझा हुआ व्यक्ति इस बात से सहमत है। 

उन्होंने कहा कि श्री श्री रविशंकर ने पूर्व में अयोध्या मसले के हल के लिए जो पहल की, उसे कुछ लोगों ने पटरी से उतार दिया। यह वे लोग हैं जो नहीं चाहते कि यह मामला कभी हल हो। 

हाजी महबूब ने अपने बयान में कहा "श्री श्री रविशंकर के अयोध्या मुद्दे को आपसी भाईचारे से हल करने के प्रयासों से हम भलीभांति परिचित हैं। हमारा मानना है कि अयोध्या मुद्दे का अदालत से बाहर किया गया फैसला ही हिंदुओं और मुसलमानों के बीच लंबे समय तक शांति सौहार्द और सद्भाव कायम कर सकता है। हम उनके प्रयासों की प्रशंसा करते हैं और पूर्ण रूप से उनका समर्थन करते हैं।" 

अंजुमन मुहाफिज मस्जिद व मकाबिर संगठन के अध्यक्ष हाजी महबूब के इस बयान पर मामले के एक और याचिकाकर्ता मोहम्मद उमर के भी दस्तखत हैं। इसके अलावा अयोध्या की केवड़ा मस्जिद और टेढ़ी बाजार मस्जिद के इमामों ने भी इस बयान पर हस्ताक्षर किए हैं।

हालांकि बयान में श्री श्री रविशंकर द्वारा पेश किए गए फार्मूले का समर्थन करने का कोई जिक्र नहीं है। बहरहाल, इस बयान को अयोध्या मामले का बातचीत के जरिए हल निकाले जाने के परिप्रेक्ष्य में काफी अहम माना जा रहा है।

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