लाइव न्यूज़ :

असम विस चुनाव: EC ने हिमंत बिस्व सरमा के भाई एवं गोलपाड़ा के पुलिस अधिकारी का किया तबादला

By भाषा | Updated: April 3, 2021 11:33 IST

चुनाव आयोग से शुक्रवार को जारी एक आदेश में कहा गया कि सुशांत बिस्व सरमा का राज्य मुख्यालय में उचित पद पर तबादला किया जाता है।

Open in App
ठळक मुद्देआईपीएस अधिकारी वीर वेंकेट राकेश रेड्डी तत्काल प्रभाव से गोलपाड़ा जिले के नए पुलिस अधीक्षक तैनात किए गए। जिले में छह अप्रैल को तीसरे और आखिरी चरण के तहत चुनाव होंगे।

गुवाहाटी: निर्वाचन आयोग ने असम के मंत्री हिमंत बिस्व सरमा को 48 घंटों के लिए विधानसभा चुनाव में प्रचार करने से रोकते हुए उनके भाई और गोलपाड़ा के पुलिस अधीक्षक सुशांत बिस्व सरमा का भी जिले से तबादला कर दिया है। आयोग से शुक्रवार को जारी एक आदेश में कहा गया कि सुशांत बिस्व सरमा का राज्य मुख्यालय में उचित पद पर तबादला किया जाता है और आईपीएस अधिकारी वीर वेंकेट राकेश रेड्डी तत्काल प्रभाव से गोलपाड़ा जिले के नए पुलिस अधीक्षक तैनात किए जाते हैं।

इस जिले में छह अप्रैल को तीसरे और आखिरी चरण के तहत चुनाव होंगे। ईसी के अवर सचिव लव कुश यादव ने इस आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं। आदेश में कहा गया है कि इस संबंध में अनुपालन रिपोर्ट फौरन आयोग को भेजी जाए। ईसी ने असम के वरिष्ठ मंत्री सरमा को बोडोलैंड फ्रंट के प्रमुख हगराम मोहिलारी के खिलाफ धमकाने वाली टिप्पणियां करने के आरोप में 48 घंटे के लिए प्रचार करने से शुक्रवार को रोक दिया।

आयोग ने उन्हें दो अप्रैल से 48 घंटों के लिए विधानसभा चुनाव में कोई जनसभा आयोजित करने, जुलूस, रैलियां, रोडशो निकालने, साक्षात्कार देने और मीडिया (इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट, सोशल मीडिया) से बात करने से रोक दिया। असम विधानसभा के तीसरे और अंतिम चरण के चुनाव के लिए प्रचार अभियान चार अप्रैल को शाम छह बजे समाप्त हो जाएगा। ईसी के आदेश के बाद मंत्री ने ट्वीट किया, ‘‘मुझे निर्वाचन आयोग ने अगले 48 घंटों के लिए प्रचार रोकने को कहा है इसलिए कल होने वाली मेरी सभी बैठकें रद्द की जाती है।’’

कांग्रेस ने 30 मार्च को ईसी से शिकायत की थी कि सरमा ने बीपीएफ प्रमुख को धमकी दी जो आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है। बीपीएफ कांग्रेस की गठबंधन सहयोगी है। मंत्री ने उन्हें दिए कारण बताओ नोटिस पर शुक्रवार को जवाब दिया लेकिन आयोग को उनका जवाब संतोषजनक नहीं लगा।

एआईयूडीएफ प्रमुख बदरुद्दीन अजमल ने टि्वटर पर कहा, ‘‘धमकी देना, नफरत फैलाना, नेताओं को धमकाना, ईवीएम चुराना... ऐसा कुछ नहीं है जो भाजपा नहीं कर सकती।’’ अजमल विधानसभा चुनावों में भाजपा के जुबानी हमलों के निशाने पर रहे हैं। उन्होंने मोहिलारी के पक्ष में निर्वाचन आयोग के फैसले का स्वागत किया। 

टॅग्स :चुनाव आयोगअसमविधान सभा चुनाव 2021असम विधानसभा चुनाव
Open in App

संबंधित खबरें

भारतलखनऊ सहित यूपी के 17 शहरों में कूड़े का अंबार?, मतदान करने असम गए हजारों सफाईकर्मी, 12 अप्रैल को लौंटेगे?

भारतबारामती विधानसभा सीटः सुनेत्रा पवार के खिलाफ प्रत्याशी ना उतारें?, सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा- निर्विरोध जिताएं, सभी दलों से की अपील

भारतमोथाबाड़ी में न्यायिक अधिकारी को किया अगवा और असली आरोपी फरार?, सीएम ममता बनर्जी ने कहा- निर्दोष लोगों को परेशान कर रही एनआईए

भारतपश्चिम बंगाल चुनावः 4660 अतिरिक्त मतदान केंद्र?, कुल संख्या 85379 और 23 और 29 अप्रैल को 2 चरणों में पड़ेंगे वोट

ज़रा हटकेVIDEO: असम में योगी का बड़ा बयान, 'घुसपैठियों को बाहर करना ही होगा'

भारत अधिक खबरें

भारत'Three Allegations, Zero Truth': आम आदमी पार्टी द्वारा राज्यसभा की भूमिका से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा का जवाब

भारतMadhya Pradesh: अनूपपुर ज़िले में चार-मंज़िला होटल गिरने से मलबे में कई लोगों के फँसे होने की आशंका, एक की मौत

भारततमिलनाडु चुनावों के लिए BJP का टिकट न मिलने के बाद अन्नामलाई ने दिया अपना स्पष्टीकरण

भारत'एकनाथ शिंदे और बलात्कार के आरोपी अशोक खरात के बीच 17 बार फोन पर बातचीत हुई', अंजलि दमानिया का आरोप

भारतघायल हूं इसलिए घातक हूं?, राघव ने एक्स पर किया पोस्ट, मैं बोलना नहीं चाहता था, मगर चुप रहता तो बार-बार दोहराया गया झूठ भी सच लगने लगता, वीडियो