लाइव न्यूज़ :

असम के सीएम हिमंत विस्वा सरमा ने कहा, 'मेरी बेटी के लिए कॉमन सिविल कोड है तो फिर मुस्लिम बेटियों के लिए क्यों नहीं हो?'

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: May 1, 2022 18:06 IST

कॉमन सिविल कोड लागू किये जाने पर बल देते हुए असम के भाजपाई मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि तीन तलाक कानून की तरह यह भी मुस्लिम महिलाओं को आत्म सम्मान और गर्व के साथ जीवन जीने का मौका देगा।

Open in App
ठळक मुद्देअसम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने की देश में कॉमन सिविल कोड लागू करने की मांग सरमा ने कहा तीन तलाक कानून की तरह इससे भी मुस्लिम महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ेगावहीं ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने कॉमन सिविल कोड को अल्पसंख्यक विरोधी बताया

दिल्ली: देश में कॉमन सिविल कोड लागू करने की जबरदस्त वकालत करते हुए असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि देश ने जिस तरह से तीन तलाक के मामले में मुस्लिम महिलाओं को सम्मान दिलाने का काम किया है, ठीक उसकी तरह से कॉमन सिविल कोड के जरिये मुस्लिम महिलाओं में आत्मसम्मान की भावना पैदा होगी।

कॉमन सिविल कोड लागू किये जाने पर बल देते हुए असम के भाजपाई मुख्यमंत्री ने कहा कि कौन सी मुस्लिम महिला है जो चाहती हो कि उसके शौहर के पास तीन पत्नियां हों।

सरमा ने कहा कि तीन तलाक कानून ने मुस्लिम महिलाओं पर हो रहे अत्याचार तो खत्म करने के लिए भारी योगदान दिया है। ठीक उसी तरह से कॉमन सिविल कोड भी मुस्लिम महिलाओं को आत्म सम्मान और गर्व के साथ जीवन जीने का मौका देगा।

हिमंत विस्वा सरमा ने यह बात शनिवार को दिल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए कहा। वहीं रविवार को सरमा ने दिल्ली में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भी मुलाकात की।

उत्तरखंड के सीएम धामी ने हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में घोषणा की थी कि अगर राज्य में भाजपा की सरकार बनेगी तो वो सूबे में कॉमन सिविल कोड को लागू करेगी और अब चुनाव जीतने के साथ धामी सरकार कॉमन सिविल कोड का मसौदा तैयार करने जा रही है।

असम के सीएम सरमा ने कहा कि वे राज्य में जिन भी मुसलमानों से मिलते हैं वो सभी उनसे कॉमन सिविल कोड लागू किये जाने की मांग करते हैं।

शनिवार की पत्रकार वार्ता में हिमंत विस्वा सरमा ने कहा, "कोई भी मुस्लिम महिला नहीं है, जो यह चाहती कि उसका शौहर तीन-तीन पत्नियां रखे। भला सभ्य समाज में कौन इस तरह की बात चाहता है।"

इसके साथ ही सीएम सरमा ने कहा कि अगर देश वाकई में मुस्लिम महिलाओं को समाज में सम्मान और बराबरी का दर्जा देना चाहता है तो तीन तलाक कानून के बाद कॉमन सिविल कोड को भी लागू करना चाहिए।

स्वयं का उदाहरण देते हुए असम के मुख्यमंत्री ने कहा, "मैं हिंदू हूं और मुझ पर कॉमन सिविल कोड लागू है। मेरी बहन और बेटी के लिए कॉमन सिविल कोड है लेकिन मुस्लिम बेटियों के साथ ऐसा नहीं है, आखिर क्यों? क्यों नहीं मुस्लिम बेटियों को भी वही सुरक्षा मिलनी चाहिए, जो मेरी बेटी को मिल रही है।"

वहीं असम के मुख्यमंत्री हिमंत विस्वा सरमा के इस दलील के इतर बीते 26 अप्रैल को ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) ने देश में कॉमन सिविल कोड लागू करने के विषय में कुछ राज्यों के मुख्यमंत्रियों के प्रयास को "असंवैधानिक और अल्पसंख्यक विरोधी कदम" बताया था।

दरअसल एआईएमपीएलबी का इशारा उत्तरखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के उस फैसले पर था, जिसमें उन्होंने उत्तराखंड में कॉमन सिविल कोड लागू करने की बात कही है।  (समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)

टॅग्स :हेमंत विश्व शर्माअसमपुष्कर सिंह धामीउत्तराखण्ड
Open in App

संबंधित खबरें

भारतलखनऊ सहित यूपी के 17 शहरों में कूड़े का अंबार?, मतदान करने असम गए हजारों सफाईकर्मी, 12 अप्रैल को लौंटेगे?

ज़रा हटकेVIDEO: असम में योगी का बड़ा बयान, 'घुसपैठियों को बाहर करना ही होगा'

पूजा पाठभगवान हनुमान के अवतार माने जाते हैं बाबा नीम करोली?, कैंची में बनाया अपना धाम, हर साल जाते हैं करोड़ों लोग?

भारतVIDEO: चाय बागान से चुनावी हुंकार! पीएम मोदी ने श्रमिकों संग तोड़ी पत्तियां, बोले- असम में NDA हैट्रिक को तैयार

भारतBJP's Assam Manifesto: भाजपा ने असम में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने और "लव जिहाद" को खत्म करने का वादा किया

भारत अधिक खबरें

भारतWest Asia Conflict: युद्धग्रस्त ईरान में फंसे 345 भारतीय, आर्मेनिया के रास्ते वतन लौटे; भारत की कूटनीतिक जीत

भारतKotma Building Collapses: 4 मंजिला इमारत हुई जमींदोज, 2 लोगों की मलबे में दबकर मौत; कई अब भी फंसे

भारतगोदाम में भर रहे थे नाइट्रोजन गैस?, विस्फोट में 4 की मौत और 2 घायल

भारतPAN Card Update: घर बैठे सुधारें पैन कार्ड में मोबाइल नंबर या नाम, बस 5 मिनट में होगा पूरा काम; देखें प्रोसेस

भारत'Three Allegations, Zero Truth': आम आदमी पार्टी द्वारा राज्यसभा की भूमिका से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा का जवाब