लाइव न्यूज़ :

कश्मीर: जोड़ियां स्वर्ग में बनती हैं और जमीं पर कर्फ्यू उन्हें मिलने नहीं देता

By सुरेश डुग्गर | Updated: August 10, 2019 18:10 IST

कश्मीर में पैदा हालात का असर शहनाई की गूंज पर भी पड़ा है। कई लोगों ने विवाह समारोह स्थगित कर दिए हैं। कई जगह निकाह की रस्में हो रही हैं, लेकिन दावत नहीं।

Open in App

कहते हैं जोड़ियां स्वर्ग में बनती हैं और जमीं पर इंसान उन्हें सिर्फ मिलाने का कार्य करते हैं। पर कश्मीर घाटी के दो सौ और जम्मू के कुछ नवयुवकों को इस कथन पर अब विश्वास इसलिए नहीं रहा है क्योंकि वादी-ए-कश्मीर में कर्फ्यू और जम्मू में धारा 144 ने उनकी जोड़ियां बनते बनते रुकवा दीं।

कश्मीर में पैदा हालात का असर शहनाई की गूंज पर भी पड़ा है। कई लोगों ने विवाह समारोह स्थगित कर दिए हैं। कई जगह निकाह की रस्में हो रही हैं, लेकिन दावत नहीं। प्रशासन ने विधि व्यवस्था बनाए रखने के लिए वादी के विभिन्न इलाकों में अघोषित कर्फ्यू लागू कर रखा है। घाटी में सामान्य तौर शादियों का सीजन अगस्त से नवंबर तक होता है। अधिकांश लोग ईद उल जुहा के आसपास शादी की तिथि को प्राथमिकता देते हैं। श्रीनगर शहर में एक सप्ताह के दौरान दो दर्जन शादियां रद हुई हैं। पूरी वादी में यह आंकड़ा कई गुणा ज्यादा हो सकता है।

जम्मू के सिदड़ा के इरशाद अहमद के छोटे भाई तजुम्मल का निकाह श्रीनगर के जकूरा में नाहिद से 14 अगस्त को होना है। बारात की तैयारी हो चुकी थी। हालात ठीक नहीं हैं। हम लोगों ने बुधवार को पुलिस से लड़की वालों से संपर्क किया। अब कोई बारात नहीं जाएगी। सिर्फ दूल्हे समेत चार लोग जाएंगे। श्रीनगर के दानामजार, कमरवारी के एजाज नक्शबंदी ने बहन की शादी को स्थगित कर दिया है। परिजनों के अनुसार शनिवार को बारात आनी थी। हालात को देख लड़के वालों के साथ बातचीत के बाद शादी को एक माह के लिए स्थगित किया है।

सन्नतनगर निवासी अख्तर हुसैन ने कहा कि हमने रविवार को स्थानीय अखबारों में इश्तिहार देकर शादी को टाल दिया। दोनों बेटों की बारात करालखुड में एक ही परिवार में जानी थी। बड़ा बेटा तस्सदुक दुबई में काम करता है। उसने 11 अगस्त को आना था। शादी 16 अगस्त की थी। अब शादी मुहर्रम के बाद होगी।

जम्मू स्थित होटल चलाने वाले गुलशेर खान ने कहा कि जब कश्मीर में शादियों का सीजन होता है मैं वापस घर कुपवाड़ा लौट जाता हूं,क्योंकि वहां मेरे लिए काम बहुत होता है। इस बार अगस्त से सितंबर तक 14 शादियों में खाना बनाने का काम था। सभी दावतें स्थगित हैं। एसपी रैंक के एक अधिकारी ने कहा कि कुछ जगहों पर लोगों ने हमसे सहयोग का आग्रह किया, हमने पूरा सहयोग किया। अगर किसी ने विवाह समारोह को रद या स्थगित किया है तो यह उसका निजी फैसला होगा।

टॅग्स :धारा ३७०जम्मू कश्मीर
Open in App

संबंधित खबरें

कारोबारदर्द कोई समझे, रील्स से बर्बादी तक?, कैसे पर्यटक और कंटेंट क्रिएटर्स पंपोर सरसों खेतों को पहुंचा रहे हैं नुकसान?

कारोबारईरान में फिर से फंसे सैकड़ों कश्मीरी छात्र?, 7 दिन के लिए बंद अजरबैजान सीमा

भारतगंदरबल एनकाउंटर: 7 दिन में रिपोर्ट पेश करो?, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने एक्स पर लिखा

भारतअमरनाथ यात्रा पर पहलगाम नरसंहार की परछाई?, सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता, 29 जून को पूजा और 17 जुलाई से शुरू?

भारतJammu-Kashmir: पाक की ओर से जम्मू सीमा पर गोलीबारी, भारतीय रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट पर हमले की कोशिश नाकाम

भारत अधिक खबरें

भारतबारामती विधानसभा उपचुनावः सीएम फडणवीस की बात नहीं मानी?, कांग्रेस ने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के खिलाफ आकाश मोरे को चुनाव मैदान में उतारा

भारतUP की महिला ने रचा इतिहास! 14 दिनों में साइकिल से एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं

भारतLadki Bahin Yojana Row: महाराष्ट्र में 71 लाख महिलाएं अयोग्य घोषित, विपक्ष ने किया दावा, सरकार की जवाबदेही पर उठाए सवाल

भारतयूपी बोर्ड ने 2026-27 के लिए कक्षा 9 से 12 तक NCERT और अधिकृत पुस्तकें अनिवार्य कीं

भारतपाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ के कोलकाता पर हमले की धमकी वाले बयान पर सोशल मीडिया पर 'धुरंधर' अंदाज़ में आई प्रतिक्रिया