ठाणेः अंबरनाथ नगरपालिका परिषद के नवनिर्वाचित जिन 12 पार्षदों को चुनाव के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ जुड़ने के कारण कांग्रेस ने निलंबित कर दिया था, वे अब औपचारिक रूप से भाजपा में शामिल हो गए हैं। भाजपा की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण ने बुधवार देर रात यहां पार्टी कार्यालय में इस घटनाक्रम की घोषणा की और कहा कि यह कदम सत्ता की लालसा से नहीं बल्कि विकास के प्रति साझा प्रतिबद्धता से प्रेरित है। उन्होंने कहा, ‘‘जनता ने इन पार्षदों को चुना है और उन्होंने नागरिकों को विकास का वादा किया था।
वे हमारे साथ इसलिए आए हैं क्योंकि सरकार गतिशील ढंग से काम कर रही है और लोगों को न्याय एवं विकास प्रदान करने में सक्षम है।’’ भाजपा ने 20 दिसंबर को हुए स्थानीय चुनाव के बाद अपने कट्टर प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के साथ ‘अंबरनाथ विकास आघाडी’ (एवीए) के बैनर तले गठबंधन करके अंबरनाथ नगर परिषद (ठाणे जिले में) का नेतृत्व संभाला और सहयोगी शिवसेना को दरकिनार कर दिया,
जो सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। इस आघाडी में अजित पवार नीत राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) भी शामिल है। एवीए ने 60 सदस्यीय स्थानीय निकाय में 31 सीट के साथ बहुमत हासिल किया। हाल में हुए चुनाव में शिवसेना ने 27 सीट जीती, जो बहुमत से मात्र चार कम थीं। भाजपा ने 14 सीट, कांग्रेस ने 12, राकांपा ने चार सीट जीतीं, जबकि दो निर्दलीय भी चुनाव जीते।
एक निर्दलीय उम्मीदवार के समर्थन के साथ तीन दलों वाले इस गठबंधन में पार्षदों की संख्या 32 तक पहुंच गई, जो बहुमत के आंकड़े 30 से अधिक है। इस असामान्य व्यवस्था से तमतमाई कांग्रेस ने बुधवार को अपने 12 नवनिर्वाचित पार्षदों और ब्लॉक अध्यक्ष को निलंबित कर दिया।
निलंबित पार्षदों के भाजपा में शामिल होने के कदम ने नगरपालिका के राजनीतिक समीकरणों को काफी हद तक बदल दिया है। भाजपा, राकांपा और शिवसेना सत्तारूढ़ महायुति में सहयोगी हैं। चव्हाण ने कहा कि पार्षदों का यह कदम भाजपा नीत सरकार में बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।