मुंबईः महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार का बारामती में बॉम्बार्डियर एयरोस्पेस के लीयरजेट 45 विमान के दूसरी बार लैंडिंग के प्रयास के दौरान दुर्घटनाग्रस्त होने से निधन हो गया। इस बीच, उनके पार्थिव शरीर को बारामती अस्पताल लाया गया है, जहां उनके समर्थक जमा हो गए हैं। पार्थिव शरीर लाया गया है। कपड़े और घड़ी से अजित पवार की शव की पहचान की गई। प्लेन गिरते ही हरी भरी जमीन काली पड़ी गई। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उनके निधन पर तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है और कहा है कि वे और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे बारामती जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, पवार के सह-उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी सहित कई नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है। उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार और बहन सुप्रिया सुले बारामती जा रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से बात कर स्थिति की जानकारी और अपडेट प्राप्त किए।
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बुधवार को विमान हादसे में अपने सहयोगी उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मृत्यु को दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि जिस विमान दुर्घटना में पवार की जान गई, उसकी जांच की जाएगी। शिंदे ने पत्रकारों से बातचीत में पवार के योगदान की सराहना की, जिन्होंने विभिन्न मंत्रिमंडलों में उनके सहयोगी के रूप में कार्य किया और 2022 से 2024 तक शिंदे के नेतृत्व में महाराष्ट्र सरकार में उपमुख्यमंत्री भी रहे। उन्होंने कहा, ‘‘यह बहुत पीड़ादायक घटना है... महाराष्ट्र के लिए बहुत दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है।
विमान दुर्घटना की जांच की जाएगी।’’ शिंदे ने कहा, ‘‘यह क्षति केवल पवार परिवार की नहीं बल्कि पूरे राज्य की है। ऐसा लग रहा है जैसे मैंने अपने बड़े भाई को खो दिया हो।’’ अधिकारियों ने बताया कि बुधवार सुबह पुणे जिले में विमान दुर्घटना में 66 वर्षीय पवार और चार अन्य लोगों की मौत हो गई।
शिंदे ने कहा कि पवार का मन शुद्ध था और वह साफगोई से बात रखने वाले निडर नेता थे जिनकी प्रशासन पर अच्छी पकड़ थी। उन्होंने याद किया कि मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान जब उन्होंने (2024 में) ‘लाडकी बहिन योजना’ शुरू करने का निर्णय लिया था।
तो कैसे तत्कालीन वित्त मंत्री पवार ने योजना के मद में वित्तीय व्यवस्था की थी, जिसके तहत राज्य की महिलाओं को प्रति माह 1,500 रुपये की सहायता प्रदान की जाती है। शिंदे ने कहा, ‘‘हमने (शिंदे, पवार और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने) एक टीम के रूप में काम किया।’’