नागपुर: भारतीय वायुसेना के मेंटेनेंस कमांड का दो दिवसीय कमांडर्स कॉन्क्लेव 10 और 11 अप्रैल को वायुसेनानगर, नागपुर में आयोजित किया गया. इस कॉन्क्लेव की अध्यक्षता एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, मेंटेनेंस कमांड एयर मार्शल यल्ला उमेश ने की.
‘मेंटेनेंस कमांड इन मिशन मोड टू सपोर्ट ऑपरेशंस’ थीम पर आयोजित इस कॉन्क्लेव में वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारियों और प्रमुख हितधारकों ने भाग लिया. बैठक में ऑपरेशनल तैयारी, मेंटेनेंस रणनीतियों और भविष्य की योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई. कॉन्क्लेव का मुख्य फोकस दक्षता बढ़ाने, संसाधनों के बेहतर उपयोग और मेंटेनेंस सपोर्ट सिस्टम को मजबूत करने पर रहा. साथ ही, आधुनिक तकनीकों के समावेश, सिस्टम के आधुनिकीकरण और उभरती चुनौतियों से निपटने के उपायों पर भी चर्चा हुई.
एयर मार्शल यल्ला उमेश ने अपने संबोधन में मुख्यालय मेंटेनेंस कमांड और उसकी इकाइयों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि विभिन्न विमानों और प्रणालियों को सुचारू रूप से संचालित बनाए रखने में उनका योगदान अहम है. उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी गई, जिससे विदेशी ओईएम पर निर्भरता कम हो रही है. इसके अलावा, पुराने हो रहे उपकरणों (ऑब्सोलेसेंस), जीवनकाल बढ़ाने और विश्वसनीयता सुधारने से जुड़े कार्यों पर भी प्रस्तुति दी गई.
उन्होंने ‘आत्मनिर्भर भारत अभियान’ और क्षमता वृद्धि में मेंटेनेंस कमांड के योगदान की सराहना की. अपने समापन संबोधन में उन्होंने मौजूदा मेंटेनेंस ऑपरेशंस की समीक्षा, रणनीतिक योजना, नवाचार, स्वदेशीकरण, आधुनिक तकनीकों के उपयोग और कर्मियों के प्रशिक्षण पर विशेष जोर दिया. उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण के लिए शुरू किए गए बदलावों में सभी कार्मिकों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है.