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एआईएमआईएम सीमांचल क्षेत्र को इंसाफ दिलाने के लिए लड़ेगीः ओवैसी

By भाषा | Updated: March 2, 2021 21:57 IST

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हैदराबाद, दो मार्च ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने बिहार में सीमांचल के विकास के लिए लड़ाई लड़ने का संकल्प लेते हुए मंगलवार को कहा कि अगर नीतीश कुमार की सरकार क्षेत्र के लोगों को इंसाफ देने में नाकाम रहती है तो वह चक्का जाम करने समेत विभिन्न् आंदोलन करेगी।

एआईएमआईएम के स्थापना दिवस के मौके पर यहां पार्टी मुख्यालय में एक बैठक को संबोधित करते हुए हैदराबाद से सांसद ने गुजरात में पार्टी का खाता खुलने की ओर इशारा किया जहां अहमदाबाद नगर निगम में पार्टी को सात सीटें मिली हैं और कामयाबी के लिए राज्य इकाई का आभार जताया।

ओवैसी कह चुके हैं कि उनकी पार्टी तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव लड़ेगी।

उन्होंने कहा कि एआईएमआईएम सभी नागरिकों के कल्याण के लिए काम करती है, भले ही उनका मज़हब, क्षेत्रीय पहचान और समुदाय जो भी हो।

सीमांचल पर उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र बाढ़ और महिलाओं के लिए कॉलेज की कमी जैसी परेशानियों का सामना कर रहा है और उनकी पार्टी इन मुद्दों के लिए लड़ रही है। पिछले साल बिहार विधानसभा चुनाव में एआईएमआईएम ने पांच सीटें सीमांचल से ही जीती थीं।

इस साल जनवरी में पार्टी विधायकों की बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की खबरों का हवाला देते हुए ओवैसी ने कहा कि वे सीमांचल को इंसाफ दिलाने के लिए मुख्यमंत्री से मिले थे।

उन्होंने कहा, " अगर नीतीश कुमार सरकार सीमांचल के साथ इंसाफ नहीं करती है तो पूरे सीमांचल में चक्का जाम किया जाएगा और राष्ट्रीय राजमार्ग को बंद रखा जाएगा। यह मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एमआईएम) की वहां पर ताकत है।"

सांसद ने कहा कि पार्टी के विधायक सीमांचल के पिछड़ेपन को खत्म करने के लिए काम कर रहे हैं। जिन्हें (लोगों का प्रतिनिधित्व करने का) पहले मौका मिला था, उन्होंने क्षेत्र के साथ न्याय नहीं किया।

ओवैसी ने गुजरात में भाजपा पर मुस्लिम बहुल इलाकों को विकास से उपेक्षित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि भगवा दल का नारा "सब का साथ, सबका विकास है।"

ओवैसी ने उच्चतम न्यायालय के पूर्व प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की इस कथित टिप्पणी के लिए आलोचना की की देश में न्यायपालिका "जर्जर" स्थिति में है।

उन्होंने कहा, " हम गोगोई साहब से पूछना चाहेंगे कि जब आप पद पर आसीन थे तब आपने न्यायापालिका को जर्जर स्थिति से निकालने के लिए क्या किया... कुछ नहीं किया।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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