लाइव न्यूज़ :

भारत के अलावा इन तीन देशों के पास है 'ए सेट' सैटेलाइट, अमेरिका ने सबसे पहले किया था परीक्षण

By रजनीश | Updated: March 27, 2019 14:00 IST

भारतीय मिसाइल ने प्रक्षेपण के तीन मिनट के भीतर ही लो अर्थ ऑर्बिट (एलईओ) में एक सेटेलाइट को मार गिराया। एंटी सेटेलाइट (ए सेट) के द्वारा भारत अपने अंतरिक्ष कार्यक्रम को सुरक्षित रख सकेगा।

Open in App
ठळक मुद्देए सेट सैटेलाइट के जरिए भारत ने सिर्फ 3 मिनट में मिसाइल को मार गिराया।एंटी सैटेलाइट पर सबसे पहले अमेरिका ने 1950 में काम करना शुरू किया था।इस मिसाइल का प्रयोग अभी तक किसी भी देश ने दूसरे देश के लिए नहीं किया है।

भारत ने आज अंतरिक्ष में मार करने वाली एंटी सेटेलाइट मिसाइल का सफल परीक्षण किया है। इसी के साथ भारत दुनिया का चौथा देश बन गया जिसे अंतरिक्ष में मार करने वाली एंटी सेटेलाइट(ए सेट) मिसाइल की तकनीकी हासिल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में बताया कि एंटी सैटेलाइट (ए-सेट) तकनीकि के क्षेत्र में अमेरिका, रुस, चीन के बाद भारत चौथी महाशक्ति है। इस सैटेलाइट के जरिए भारत ने सिर्फ 3 मिनट में मिसाइल को मार गिराया। हालांकि अंतरिक्ष में होने वाला ये ऑपरेशन किसी के खिलाफ नहीं था।

सबसे पहले किसने किया ए-सेट का परीक्षण-एंटी सैटेलाइट पर सबसे पहले अमेरिका ने 1950 में काम करना शुरू किया था। इस मिसाइल का प्रयोग अभी तक किसी भी देश ने दूसरे देश के लिए नहीं किया है। कह सकते हैं कि अभी तक चारों ही देशों ने इसका सिर्फ परीक्षण किया है, किसी दुश्मन देश के लिए इस्तेमाल नहीं किया गया। चीन भी इस तकनीक का सफल परीक्षण कर चुका है, लेकिन यह भी अभी विकसित होने की तरफ है। 2007 में चीन ने इसका परीक्षण किया था। इसके तहत उसने अपने ही एक सेटेलाइट को निशाना बनाया था। रूस की बात करें तो उसके इस प्रोग्राम का हिस्‍सा ग्राउंड लॉन्‍च से लेकर डायरेक्‍ट एनर्जी वेपंस भी शामिल हैं।

खास बात यह है कि इस मिसाइल का प्रयोग अंतरिक्ष में किया जाता है। अंतरिक्ष से अंतरिक्ष में किसी मिसाइल और सैटेलाइट को नष्ट करने के लिए ए सेट मिसाइल को इस्तेमाल में लाया जाता है। सभी देशों की एंटी सैटेलाइट मिसाइल की क्षमता अलग-अलग है। भारत ने जब इस मिसाइल का परीक्षण किया उसे 'मिशन शक्ति' नाम दिया गया। 

भारतीय मिसाइल ने प्रक्षेपण के तीन मिनट के भीतर ही लो अर्थ ऑर्बिट (एलईओ) में एक सेटेलाइट को मार गिराया। इसरो और डीआरडीओ के संयुक्त प्रयास के द्वारा इस मिसाइल को विकसित किया गया है। अब तक अंतरिक्ष में मार करने की शक्ति केवल अमेरिका, रूस और चीन के पास थी।  एंटी सेटेलाइट (ए सेट) के द्वारा भारत अपने अंतरिक्ष कार्यक्रम को सुरक्षित रख सकेगा। 

Open in App

संबंधित खबरें

क्रिकेटGT vs RR: तुषार देशपांडे ने आखिरी ओवर में 11 रन बचाकर राजस्थान रॉयल्स को दिलाई IPL 2026 की लगातार दूसरी जीत

भारत'Three Allegations, Zero Truth': आम आदमी पार्टी द्वारा राज्यसभा की भूमिका से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा का जवाब

क्रिकेटवैभव सूर्यवंशी, यशस्वी जयसवाल ने सहवाग-गंभीर के पुराने रिकॉर्ड को तोड़ते हुए बनाया नया IPL रिकॉर्ड

क्रिकेटदिल्ली कैपिटल के समीर रिज़वी ने छीनी रोहित शर्मा से IPL 2026 की ऑरेंज कैप, एमआई के खिलाफ खेली 90 रनों की विनिंग पारी

भारतMadhya Pradesh: अनूपपुर ज़िले में चार-मंज़िला होटल गिरने से मलबे में कई लोगों के फँसे होने की आशंका, एक की मौत

भारत अधिक खबरें

भारततमिलनाडु चुनावों के लिए BJP का टिकट न मिलने के बाद अन्नामलाई ने दिया अपना स्पष्टीकरण

भारतलखनऊ सहित यूपी के 17 शहरों में कूड़े का अंबार?, मतदान करने असम गए हजारों सफाईकर्मी, 12 अप्रैल को लौंटेगे?

भारतबारामती विधानसभा सीटः सुनेत्रा पवार के खिलाफ प्रत्याशी ना उतारें?, सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा- निर्विरोध जिताएं, सभी दलों से की अपील

भारत'एकनाथ शिंदे और बलात्कार के आरोपी अशोक खरात के बीच 17 बार फोन पर बातचीत हुई', अंजलि दमानिया का आरोप

भारतमोथाबाड़ी में न्यायिक अधिकारी को किया अगवा और असली आरोपी फरार?, सीएम ममता बनर्जी ने कहा- निर्दोष लोगों को परेशान कर रही एनआईए