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बाढ़ के बाद अब दिल्ली में डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा, सुरक्षित रहने के लिए बरतें ये सावधानियां

By शिवेन्द्र कुमार राय | Updated: July 17, 2023 20:14 IST

चिकित्सकों का कहना है कि मलेरिया और हैजा आजकल आम बात है। पानी से त्वचा संबंधी समस्याएं भी हो सकती हैं। लोगों को स्थिति की गंभीरता को समझना चाहिए। सलाह है कि भावित घातक बीमारियों से खुद को बचाने के लिए उचित सावधानी बरतना महत्वपूर्ण है।

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ठळक मुद्देबाढ़ से बेहाल दिल्ली की मुसीबतें कम होती नहीं दिख रही हैं दिल्ली के सामने नया संकट डेंगू, मलेरिया और अन्य बीमारियों का हैबीमारियों से खुद को बचाने के लिए उचित सावधानी बरतना महत्वपूर्ण

नई दिल्ली: यमुना में उफान के कारण बाढ़ से बेहाल दिल्ली की मुसीबतें कम होती नहीं दिख रही हैं। यमुना का जलस्तर घटने के बाद कुछ इलाकों से पानी तो निकल गया है लेकिन अपने पीछे गंदगी का अंबार छोड़ गया है। दिल्ली के सामने नया संकट डेंगू, मलेरिया और अन्य बीमारियों का है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार डेंगू वायरस (डीईएनवी) के कारण होने वाला एक वायरल संक्रमण है जो संक्रमित मच्छरों के काटने से मनुष्यों में फैलता है। फिलहाल दिल्ली में इसे फैलाने वाले मच्छरों के फलने-फूलने के लिए बिलकुल अनूकुल स्थिति है।  एक अनुमान के अनुसार हर साल डेंगू के 100-400 मिलियन संक्रमण होते हैं, जिससे दुनिया की लगभग आधी आबादी खतरे में पड़ जाती है। 

चिकित्सकों का कहना है कि उच्च तापमान, सिरदर्द, शारीरिक दर्द, मतली और दाने इसके सबसे विशिष्ट लक्षण हैं। अधिकांश लोग 1 से 2 सप्ताह में ठीक भी हो जाते हैं।  कुछ डेंगू रोगियों को गंभीर बीमारी हो जाती है और उन्हें अस्पताल में देखभाल की आवश्यकता होती है। बाढ़ के दौरान सड़कों पर इकट्ठा हुए गंदे पानी में खेलने वालों पर इसका सबसे बड़ा खतरा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अभी से सतर्कता नहीं बरती गई तो आने वाले दिनों में स्थिति भयावह हो सकती है। 

चिकित्सकों का कहना है कि मलेरिया और हैजा आजकल आम बात है। पानी से त्वचा संबंधी समस्याएं भी हो सकती हैं। लोगों को स्थिति की गंभीरता को समझना चाहिए। सलाह है कि भावित घातक बीमारियों से खुद को बचाने के लिए उचित सावधानी बरतना महत्वपूर्ण है।

ये उपाय करें

मच्छरों को अपने और अपने परिवार से दूर रखने के लिए कीट निरोधक जेल लगाएं। लेकिन यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि दो महीने से छोटे बच्चों को कभी भी इन उत्पादों के संपर्क में नहीं लाना चाहिए। इसके अलावा सुरक्षात्मक कपड़े पहनना भी जरूरी है। 

जब आप ऐसे समय में बाहर हों जब मच्छरों की गतिविधि अपने उच्चतम स्तर पर होती है (जैसे सुबह और शाम), तो ऐसे कपड़े पहनें जो आपकी बाहों और पैरों को ढकें। मच्छरों के काटने से बचने का सबसे अच्छा बचाव लंबी बाजू के कपड़े और लंबी स्कर्ट या पैंट हैं।

टॅग्स :दिल्लीडेंगू डाइटबाढ़Health and Family Welfare Department
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