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कोरोना काल में प्रभावित छात्रों की मदद कर रहा है प्रशासनिक अधिकारियों का समूह

By भाषा | Updated: June 11, 2021 13:12 IST

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बहराइच (उप्र) ,11 जून वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों का एक समूह अपने सरकारी दायित्वों का निर्वाह करने के साथ ही कोरोना वायरस संक्रमण से प्रभावित छात्रों को किताबें, दवाएं और खाद्य सामग्री मुहैया कराकर उनकी मदद कर रहा है।

भारतीय वन विभाग (आईएफएस) के अधिकारी डा. रमेश पांडे ने शुक्रवार को ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि " संक्रमण के कारण छात्रों की पढ़ाई बुरी तरह से प्रभावित हुई है। इसे देखते हुए छात्रों की मदद के वास्ते 2017 बैच के भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) के अधिकारी शशांक शेखर सिंह की पहल पर अधिकारियों का एक समूह बनाया गया।’’

गाजियाबाद में तैनात सहायक आयकर आयुक्त शशांक शेखर सिंह ने इस बारे में बात करते हुए कहा " बहराइच शहर में कक्षा दसवीं की छात्रा शारिबा के पिता स्कूल वैन चालक हैं, लॉकडाउन में स्कूल बंद हुए तो शारिबा के पिता भी बेरोजगार हो गए और बच्ची की फीस नहीं भर पाने के कारण शारिबा की पढ़ाई पर संकट आ गया। सोशल मीडिया पर जब हमें बच्ची की परेशानी के बारे में पता लगा तो हमने उसकी फीस का इंतजाम किया और आगे भी जरूरत पड़ने पर शारिबा को मदद का आश्वासन दिया गया है।’’

उन्होंने बताया कि इसी तरह हरियाणा सिविल सेवा की तैयारी कर रही मानेसर की पूनम को एक किताब और बिहार के भागलपुर से इंटर के छात्र फरहान अली को एक किताब चाहिए थी,ये किताबें काफी मंहगी हैं, जानकारी मिलने पर हमने इन्हें किताबें भिजवाईं।’’

सिंह ने बताया कि अब तक करीब सात सौ छात्रों को किताबें और एक हजार छात्रों को अभी तक दवा, राशन व भोजन आदि की मदद की जा चुकी है।

उन्होंने कहा,‘‘ हममें से ज्यादातर अधिकारियों ने अपने घरों से दूर छात्रावासों में रहकर पढ़ाई की है, इसलिए हम इन छात्र-छात्राओं की परेशानियों से बखूबी वाकिफ हैं। संकट के इस वक्त में छात्रों की पढ़ाई में बाधा नहीं आए इसके लिए हमने देश भर में मौजूद अपने सहयोगी और वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क कर छात्रों की मदद की अपील की।’’

उन्होंने कहा,‘‘ त्रिपुरा, जम्मू-कश्मीर, चेन्नई, पश्चिम बंगाल, मुंबई, दिल्ली के अलावा उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों के स्कूल- कालेज, छात्रावास, व कोचिंग केन्द्र, प्रोफेसरों व अध्यापकों को सोशल मीडिया के जरिए तथा फोन से संदेश भेजे गये कि ऐसे जरूरतमंद छात्र छात्राओं को हमारी इस पहल के बारे में बताया जाए।’’ सिंह के मुताबिक शुरुआत में सबसे ज्यादा मांग दवाइयों, राशन व भोजन की थी, बाद में छात्रों ने किताबों के संबंध में मदद मांगी, जिन्हें संबंधित जिले के सहयोगी अधिकारियों की सहायता से यथासंभव पूरा किया जा रहा है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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