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हर खांसी-बुखार कोरोना नहीं होता, बरसात के कारण भी होती हैं बीमारियां, ऐसे पहचानें दोनों में फर्क

By प्रिया कुमारी | Updated: July 3, 2020 13:28 IST

मॉनसून के मौसम में खांसी जुकाम होना नॉर्मल हैं, लेकिन कोरोना काल में लोगों को अक्सर ये धोखा हो जाते हैं कि कहीं उन्हें कोरोना तो नहीं, ऐसे में आपको दोनों में फर्क पहचानने की सख्त जरूरत है।

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ठळक मुद्देहर खांसी और बुखार कोरोना के लक्षण नहीं होते इसे पहचानने की सख्त जरूरत है। लोगों में ऐसा डर बैठा हुआ है कि हल्की खांसी बुखार को कोरोना मान लेते हैं।

कोरोना को लेकर लोगों में तरह-तरह के भय हैं। कई ऐसे मिथक हैं जो सोशल मीडिया पर भी काफी तेजी से फैल रहे हैं। लेकिन कुछ ऐसी चीजें हैं जो आपको जानना बेहद जरूरी है, क्योंकि अफवाहों से कई तरह के डर लोगों के मन में बैठ रहे हैं। कोरोना के लक्षणों में सबसे पहले खांसी और बुखार देखें जाते हैं, ऐसे में थोड़ा सा सर्दी खांसी होते लोगों को इस बात का डर हो जाता है कि कही कोरोना तो नहीं है। तो आपको बता दें, हर सर्दी खांसी कोरोना नहीं होता है। मानसून के मौसम में बदलते मौसम में सर्दी खांसी होना नॉर्मल है लेकिन इस समय में लोगों में इस बात का डर ज्यादा हो गया है। ऐसे में ये पहचानना जरूरी है कि आपकी खांसी नॉर्मल है या कोरोना के लक्षण है।   

डॉक्टरों ने बताया है कि कोरोना पीड़ित व्यक्ति को सांस लेने में दिक्कत होती है। नाक बहती है बदन दर्द थकान रहती है। लेकिन सामान्य जुकाम ऐसा नहीं होता है, इसमें व्यक्ति बिना दवा के अपनी प्रतिरोधक क्षमता से ही ठीक हो जाता है। डॉक्टर का कहना है कि अगर खांसी जुकाम या बुखार आ रहा हो तो खुद डॉक्टर न बने तुरंत ही डॉक्टर से संपर्क करें। जुलाई से विशेष संचारी रोग नियत्रण अभियान शुरू होने जा रहा है। इसके तहत सभी प्रथम पंक्ति कार्यकर्ता को यह निर्देश दिया गया है कि किसी के घर के दरवाजे और कुंडी को छुए बगैर लोगों को संचारी रोगों से बचाव के उपाय, लक्षण, उपचार तथा नजदिकी स्वास्थ्य केंद्र के बिषय में जागरूक करेगी। 

ऐसे पहचाने फर्क

डॉक्टर ने बताया कि वायरल बुखार बदलते मौसम के कारण होता है, अपनी शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत कर हम इससे बच सकते हैं। वायरल बुखार के मुख्य लक्षण है खांस, जुकाम, गले में दर्द, बुखार, जोड़ों में दर्द, उल्टी और दस्त होता है। मलेरिया में के लक्षण भी कुछ इसी तरह के होते है थोड़े बहुत अंतर ही नजर आते हैं जैसे मलेरिया में सर्दी और बुखार में कंपकपी के साथ एक दिन छोड़कर बुखार आता है। तेज बुखार और सिरदर्द होता है। बुखार उतरते ही पसीना आना शूरू हो जाता है। 

खुद का ऐसे करें बचाव

बरसात के मौसम में पानी के भराव के कारण काफी मच्छर पैदा हो जाते हैं, जो मलेरिया के कारण बनते हैं इसलिए बरसात में साफ सफाई पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है। पूरी बांह के कपड़े पहनने की सलाह दी जाती है। खास कर बारिश में बाहर के खाने को ना बोलें और घर का बना ताजा खाना ही खाएं। साथ ही शरीर की इम्यूनिटी को बढ़ाने के लिए फल सब्जियों के सेवन करें। इन सबके साथ इस बात का भी ध्यान रखें कि बेवजह घर से बाहर न जाए। अगर घर से निकलते हैं तो मास्क जरूर लगाएं, पब्लिक प्लेस पर लोगों से दूरी बनाकर रखें। 

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