Highlightsबवासीर का सही इलाज नहीं कराने पर मलाशय कैंसर होने का खतराखूनी बवासीर में मल के साथ खून आता है बवासीर के मस्से बहुत ही दुख और तकलीफ देते हैं

बवासीर यानी पाइल्स एक बहुत ही तकलीफ देने वाली बीमारी है जो कब्ज के वजह से होती है। बवासीर होने पर मलद्वार में असहनीय दर्द, चुभन, मस्से, घाव, जलन आदि हो जाती हैं और बवासीर का सही इलाज नहीं कराने पर मलाशय कैंसर होने का खतरा अधिक हो जाता है।

बवासीर के प्रकार

आमतौर पर बवासीर दो तरह की होती है। खूनी बवासीर और बादी बवासीर। खूनी बवासीर में मल के साथ खून आता है जबकि बादी बवासीर में गुदा के मुख में छोटे-छोटे मस्से हो जाते हैं। इलाज नहीं कराने से मटर के आकार के मस्से फुल कर बड़े और कठोर होने लगते हैं। 

Piles Surgery – Find Common Causes & Symptoms of Piles –by Dr. Ahmad Abdul HaiParas HMRI Hospital Patna

बवासीर के लक्षण

मस्सों के बड़े होने पर गुदा में सूजन और चुभन सी महसूस होने लगती है। ऐसी स्थिति में मल विसर्जन करते समय काफी दर्द का सामना करना पड़ता है। बवासीर के मस्से की बीमारी के दौरान गुदा के अंदर और गुदा के आसपास की जगह पर सूजन होती है। 

बवासीर के जोखिम कारक

गुदा बड़ी आत के नलिका का अंतिम हिस्से को कहा जाता है। आपको बता दें कि लगभग 4 सेंटीमीटर लंबा होता है, जो गुदा नलिका के निचले सिरे पर बाहर की ओर खुलता है। बवासीर के मस्से बहुत ही दुख और तकलीफ देते हैं। 

मरीज का उठना- बैठना यहां तक कि चलना- फिरना भी कई बार मुश्किल हो जाता है। कई बार ऐसा देखा जाता है कि बिना उपचार के ही बादी बवासीर ठीक हो जाते हैं। लेकिन ज्यादातर मामलों में इसके उपचार की सख्त आवश्यकता होती है। 

Piles : Symptoms, Causes and Treatment

बवासीर का घरेलू इलाज

जाहिर है यह सब कब्ज के कारण होती है और एक्सपर्ट इससे बचने के लिए बेहतर खानपान और फिजिकल एक्टिविटी की सलाह देती हैं। आपको अपने खाने-पीने में ज्यादा से ज्यादा फाइबर युक्त चीजों को शामिल करना चाहिए। जैसे- फल, सब्जियां, अनाज की जगह चोकर शामिल करनी चाहिए। इसके अलावा पानी और अन्य तरल पदार्थ भरपूर सेवन करना चाहिए।

बवासीर के लिए आयुर्वेदिक उपचार

1) हल्दी का लेप
हल्दी को कड़वी तोरई के रस में लेप बनाकर मस्सों पर लगाने से सब तरह के मस्से नष्ट हो जाते हैं। इसमें अगर नीम का तेल या कोई भी कड़वा तेल मिलाकर मस्सों पर लगाया जाए तो और भी जल्दी राहत मिलती है।

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2) छोटी हरड़
छोटी हरड़ के 2 से 5 ग्राम चूर्ण का नियमित सेवन करते रहने तथा बवासीर पर अरंडी का तेल लगाते रहने से काफी राहत मिलता है। यह आपको भार में पंसारी की दुकान में आसानी से मिल जाएगी। 

3) नीम का तेल
नीम का तेल को बवासीर के मस्सों पर लगाने से एवं 4-5 बूंद प्रतिदिन पीने से भी काफी राहत मिलता है। यह आपको कहीं भी मिल सकता है। 

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4) छाछ
छाछ या पतली दही में काला नमक और जीरा का पाउडर डालकर पीने से बवासीर के मस्सों से राहत मिलता है। इससे आपको कब्ज से राहत मिलती है और पेट साफ रहता है। 

5) नीम के बीज
नीम के बीजों की गिरी को लेकर गुड़ के साथ एक गिरी प्रतिदिन सुबह खाली पेट 7 दिन तक चबाकर खाने से खूनी एवं बादी बवासीर नष्ट हो जाते हैं।

इस बात का रखें ध्यान

यह एक गंभीर समस्या है जिसको नजरअंदाज करना आपको भारी पड़ सकता है। कई बार समस्या गंभीर होने पर यह उपाय काम नहीं करेंगे, इसलिए बेहतर है आप इन उपायों का इस्तेमाल इलाज के साथ करें।

Web Title: piles treatment at home in hindi : best home remedies, natural remedies and foods to beat piles, constipation and Hemorrhoids
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